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IND vs JPN मैच में थर्ड अंपायर गायब क्या है नियम

nidhi
22 Sept 2026 2:52 PM IST
IND vs JPN मैच में थर्ड अंपायर गायब क्या है नियम
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भारत-जापान मुकाबले

सानो: भारत और जापान के बीच खेले गए T20 इंटरनेशनल मुकाबले में थर्ड अंपायर और DRS की सुविधा नहीं होने ने क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया। आम तौर पर टीम इंडिया के अंतरराष्ट्रीय मैचों में टीवी अंपायर और डिसीजन रिव्यू सिस्टम देखने को मिलता है, लेकिन जापान के खिलाफ मुकाबले में ऐसा नहीं था। मैच के स्कोरकार्ड में भी टीवी अंपायर के सामने “No TV Umpire” दर्ज किया गया। यही वजह रही कि मैदान पर किसी विवादित फैसले को सामान्य तरीके से थर्ड अंपायर के पास नहीं भेजा जा सकता था।

T20I में थर्ड अंपायर होना जरूरी नहीं
किसी मुकाबले को आधिकारिक T20 इंटरनेशनल का दर्जा मिलने का मतलब यह नहीं है कि उसमें थर्ड अंपायर और DRS का होना अनिवार्य है। ICC की T20I Playing Conditions में टीवी अंपायर और तकनीकी सुविधाओं को लेकर अलग-अलग प्रावधान हैं।
भारत ICC का Full Member है, जबकि जापान Associate Member है। Full Member और Associate Member के बीच खेले जाने वाले T20I में सामान्य न्यूनतम टीवी कवरेज और TV umpire संबंधी अनिवार्यता के मामले में छूट का प्रावधान है। इसलिए भारत-जापान मैच बिना थर्ड अंपायर के भी आधिकारिक T20I हो सकता है।
DRS के लिए चाहिए खास तकनीक
DRS केवल टीवी कैमरे या लाइव प्रसारण के भरोसे काम नहीं करता। इसके लिए ICC द्वारा निर्धारित तकनीकी व्यवस्था की जरूरत होती है। इसमें अलग-अलग कैमरा एंगल के अलावा बॉल ट्रैकिंग और गेंद के बल्ले से संपर्क की पहचान करने वाली तकनीक जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
ऐसी व्यवस्था करना आयोजनकर्ता के लिए अतिरिक्त तकनीकी और आर्थिक संसाधन मांगता है। यदि जरूरी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो मैच बिना DRS के खेला जा सकता है।
वाइड के फैसले से बढ़ा विवाद
भारत-जापान मुकाबले में इस मुद्दे पर चर्चा तब तेज हुई, जब जापान की बल्लेबाजी के दौरान एक गेंद को मैदानी अंपायर ने पहले वाइड करार दिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर और अन्य खिलाड़ियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों मैदानी अंपायरों ने आपस में बातचीत की और शुरुआती वाइड का फैसला बदल दिया।
मैच में थर्ड अंपायर उपलब्ध नहीं होने के कारण इस मामले में टीवी अंपायर से फैसला लेने का विकल्प नहीं था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने अंपायर के फैसला बदलने पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने गेंद की स्थिति और बल्लेबाज के मूवमेंट को देखते हुए बदले गए निर्णय का समर्थन किया।
थर्ड अंपायर और DRS में अंतर
थर्ड अंपायर और DRS को एक ही चीज समझना सही नहीं है। थर्ड अंपायर एक मैच अधिकारी होता है, जो उपलब्ध वीडियो रिप्ले की मदद से निर्धारित मामलों में निर्णय दे सकता है। दूसरी तरफ DRS एक तकनीकी समीक्षा प्रणाली है, जिसके जरिए खिलाड़ी कुछ ऑन-फील्ड फैसलों की समीक्षा मांग सकते हैं।
किसी मैच में टीवी अंपायर मौजूद होने के बावजूद पूर्ण DRS उपलब्ध न हो सकता है। वहीं भारत-जापान मुकाबले में टीवी अंपायर ही नियुक्त नहीं था।
T20I दर्जे पर नहीं पड़ता असर
थर्ड अंपायर या DRS नहीं होने से मुकाबले के अंतरराष्ट्रीय दर्जे पर कोई असर नहीं पड़ता। भारत और जापान का मैच आधिकारिक T20I था और इसमें मैदानी अंपायरों के फैसले ही प्रमुख रहे। इसी वजह से विवादित वाइड जैसी घटना में मैदानी अधिकारियों को आपस में चर्चा करके अंतिम निर्णय लेना पड़ा।
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