खेल

खेल बदला और किस्मत भी, सुरुचि-कमलजीत ने जीता गोल्ड

nidhi
25 Sept 2026 11:27 AM IST
खेल बदला और किस्मत भी, सुरुचि-कमलजीत ने जीता गोल्ड
x
Asian Games में जीत लिया सोना
नागोया: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाज सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। दोनों खिलाड़ियों का यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। शूटिंग को अपना मुख्य खेल बनाने से पहले दोनों अलग-अलग खेलों में हाथ आजमा चुके थे।
सुरुचि सिंह हरियाणा के झज्जर जिले से आती हैं। खेलों से उनका जुड़ाव बचपन से रहा, लेकिन शुरुआत शूटिंग से नहीं हुई थी। उन्होंने पहले कुश्ती में हाथ आजमाया। बाद में उनका रुझान निशानेबाजी की तरफ बढ़ा और उन्होंने पिस्टल शूटिंग को गंभीरता से लेना शुरू किया। लगातार अभ्यास के दम पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं। कमलजीत का सफर भी कुछ ऐसा ही रहा। शूटिंग में आने से पहले वह एथलेटिक्स से जुड़े थे। खेल के प्रति रुचि तो पहले से थी, लेकिन बाद में उन्होंने निशानेबाजी को चुना। नए खेल की तकनीक समझने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबा अभ्यास करना पड़ा।
एशियन गेम्स में दोनों की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के बाद मिक्स्ड टीम मुकाबले में दोनों ने बेहतर तालमेल दिखाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दबाव वाले मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने सटीक निशाने लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
सुरुचि के लिए यह सफलता उनके तेजी से उभरते शूटिंग करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है। कम उम्र में बड़े मुकाबलों के दबाव को संभालने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय शूटिंग की प्रमुख युवा प्रतिभाओं में शामिल किया है। वहीं कमलजीत के लिए एशियन गेम्स का स्वर्ण उस फैसले को खास बनाता है, जिसमें उन्होंने एथलेटिक्स से आगे बढ़कर शूटिंग को अपना खेल बनाया। व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक से चूकने के बाद मिक्स्ड टीम में वापसी करना भी उनके लिए महत्वपूर्ण रहा।
दोनों खिलाड़ियों की कहानी में एक समानता है—उन्होंने जिस खेल से शुरुआत की, आखिर में उसी को अपना करियर नहीं बनाया। कुश्ती और एथलेटिक्स से निकलकर शूटिंग तक पहुंचे सुरुचि और कमलजीत ने दिखाया कि खेल में दिशा बदलने के बाद भी मेहनत और सही प्रशिक्षण से बड़े मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है। एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दोनों के करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है। अब इस जीत के बाद भारतीय शूटिंग प्रशंसकों की नजरें उनके आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर रहेंगी।
Next Story