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क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद, आज ही के दिन मचा था तहलका

jantaserishta.com
27 April 2022 3:26 AM GMT
क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद, आज ही के दिन मचा था तहलका
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नई दिल्ली: शोएब अख्तर 20 साल पहले आज ही के दिन 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार को छूने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने थे. 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर पाकिस्तान के इस तेज गेंदबाज ने 27 अप्रैल 2002 को लाहौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी.

तब 26 साल के शोएब ने गद्दाफी स्टेडियम में तीसरे नंबर पर उतरे क्रेग मैकमिलन को 100.04 मील प्रति घंटे (161 किमी प्रति घंटे) की तेजी से गेंदबाजी कर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेफ थॉमसन की तेजी के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया था.
थॉमसन ने 1975 में 99.8 मील प्रति घंटे (160.5 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से गेंद डाली थी, हालांकि उनकी यह तेजी किसी मैच के दौरान नहीं देखी गई थी. जबकि शोएब ने अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान यह कारनामा कर दिखाया था.
तब स्पीड गन (गेंदों की तेजी मापने का उपकरण) की प्रामाणिकता पर संदेह व्यक्त किया गया था, लेकिन पाकिस्तान क्रिकट बोर्ड (पीसीबी) ने शोएब की रफ्तार पर अपनी मुहर लगा दी. उधर, इंटरनेशल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इसे मंजूरी देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि गेंद की तेजी मानक उपकरण से नहीं मापी गई थी.
शोएब ने उसी साल अप्रैल की शुरुआत में शारजाह कप के दौरान 99.2 मील प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज की थी. मजे की बात है कि जिस मैच में उन्होंने तिहरे अंकों की रफ्तार का रिकॉर्ड बनाया, उसी मैच में वह 99.419 मील प्रति घंटे की तेजी गेंद डाल चुके थे.
अख्तर ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के न्यूलैंड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 2003 के वर्ल्ड कप मैच में खुद का रिकॉर्ड तोड़ डाला. तब उन्होंने 100.23 मील प्रति घंटे (161.3 किमी/ घंटे) की गति से गेंदबाजी की, जो अभी भी क्रिकेट इतिहास में दर्ज सबसे तेज गेंद है.
ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली और शॉन टेट अख्तर के रिकॉर्ड के थोड़े करीब जरूर पहुंचे, लेकिन इसे तोड़ने में नाकाम रहे. शोएब के अलावा ब्रेट ली और और टेट 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वालों में शामिल हैं.
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