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टीम इंडिया की बल्लेबाजी ने किया निराश अंजुम चोपड़ा ने बताई बड़ी कमजोरी
Ratna Netam
6 Sept 2026 9:13 PM IST

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दुबई। महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भले ही सात विकेट से शानदार जीत दर्ज कर ली, लेकिन छोटे से लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस तरह भारत का टॉप ऑर्डर लड़खड़ाया, उसने बल्लेबाजी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान को महज **55 रन पर ऑलआउट** करने के बाद भारत ने लक्ष्य हासिल कर लिया, लेकिन एक समय टीम ने केवल **29 रन पर तीन विकेट** गंवा दिए थे।
पूर्व भारतीय कप्तान **अंजुम चोपड़ा** पहले भी भारतीय टीम के बल्लेबाजी संयोजन और विकल्पों को लेकर चिंता जता चुकी हैं। पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टॉप ऑर्डर की स्थिरता फिर चर्चा में आ गई है। खासकर टूर्नामेंट के बड़े मुकाबलों से पहले यह सवाल अहम है कि अगर लक्ष्य बड़ा हुआ तो शुरुआती बल्लेबाज दबाव से कैसे निपटेंगे।
सिर्फ 55 रन का था लक्ष्य फिर भी लगा शुरुआती झटका
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय स्पिन गेंदबाजों के सामने उसकी पूरी पारी बिखर गई।
पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का सबसे कम स्कोर भी बना। भारत की ओर से श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तानी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। दीप्ति शर्मा ने दो और शेफाली वर्मा ने एक विकेट लिया।
56 रन का लक्ष्य देखकर लग रहा था कि भारतीय टीम बिना किसी परेशानी के मुकाबला समाप्त कर देगी, लेकिन पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने शुरुआती ओवरों में मैच को दिलचस्प बना दिया।
29 रन पर गिर गए भारत के तीन विकेट
भारतीय टॉप ऑर्डर पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी के सामने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया। भारत ने 29 रन तक पहुंचते-पहुंचते तीन बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए।
पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने भारत के तीनों विकेट लेकर कुछ समय के लिए मुकाबले में रोमांच पैदा कर दिया। हालांकि लक्ष्य बेहद छोटा होने के कारण भारतीय टीम पर ज्यादा दबाव नहीं बन सका।
यही स्थिति अगर 150 या 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय बनती तो भारत के लिए मुकाबला मुश्किल हो सकता था। ऐसे में टॉप ऑर्डर का प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
हरमनप्रीत और दीप्ति ने संभाली पारी
शुरुआती झटकों के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने स्थिति को संभाला। दोनों ने बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के भारत को जीत तक पहुंचाया।
हरमनप्रीत ने 18 गेंदों में नाबाद 18 रन बनाए, जबकि दीप्ति शर्मा 14 गेंदों में 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत ने केवल 8.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर पाकिस्तान को सात विकेट से शिकस्त दी।
हरमनप्रीत ने छक्का लगाकर मुकाबला समाप्त किया और भारत ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
अंजुम चोपड़ा पहले भी उठा चुकी हैं बल्लेबाजी पर सवाल
पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने एशिया कप से पहले भी भारतीय टीम के बल्लेबाजी विकल्पों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रतीका रावल को टीम में शामिल किए जाने पर हैरानी जताई थी और उनके हालिया टी20 अनुभव तथा चोट के बाद वापसी को लेकर सवाल किया था।
अंजुम का बड़ा सवाल भारतीय महिला क्रिकेट में टी20 प्रारूप के लिए तैयार बैकअप बल्लेबाजों को लेकर रहा है। वह पहले भी कह चुकी हैं कि केवल कप्तानी बदलने से टीम की समस्याएं हल नहीं होंगी, बल्कि बल्लेबाजी समेत अलग-अलग विभागों में मजबूत बैकअप तैयार करना जरूरी है।
पाकिस्तान के खिलाफ टॉप ऑर्डर का जल्दी बिखरना इन्हीं चिंताओं को फिर चर्चा में ले आया है।
कमजोर टीमों के खिलाफ गलतियां पड़ सकती हैं छिप
एशिया कप में भारत ने अपने शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान से पहले भारतीय टीम थाईलैंड और हांगकांग को भी हरा चुकी थी। पाकिस्तान पर जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में जीत की हैट्रिक पूरी कर ली।
लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने शुरुआती विकेट गंवाने की कीमत ज्यादा चुकानी पड़ सकती है।
ऐसे में टीम प्रबंधन चाहेगा कि सलामी और शीर्ष क्रम के बल्लेबाज शुरुआत को बड़ी पारी में बदलें।
गेंदबाजों ने बनाया मुकाबला एकतरफा
भारत की जीत का सबसे बड़ा आधार गेंदबाजी रही। पाकिस्तान के बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों के सामने लगातार संघर्ष करते रहे।
22 वर्षीय श्री चरणी ने केवल सात रन देकर तीन विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। प्रेमा रावत ने भी तीन विकेट झटके। दीप्ति शर्मा ने दो विकेट लेकर पाकिस्तान के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया।
पाकिस्तान की स्थिति इतनी खराब रही कि केवल दो बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक पहुंच सकीं, जबकि चार बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हुईं।
फातिमा सना ने भारत को दिया शुरुआती झटका
पाकिस्तान के लिए मैच में सबसे सकारात्मक प्रदर्शन कप्तान फातिमा सना का रहा। बल्लेबाजी में पूरी टीम के फ्लॉप होने के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भारत के तीन विकेट निकालकर वापसी की कोशिश की।
हालांकि 55 रन का स्कोर बचाने के लिए यह पर्याप्त नहीं था। खुद फातिमा ने हार के बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी की विफलता को स्वीकार किया।
भारत के लिए जीत के साथ मिला सबक
पाकिस्तान पर सात विकेट की जीत आंकड़ों में बेहद आसान दिखाई देती है। 68 गेंद बाकी रहते भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। लेकिन इस जीत के अंदर छिपी टॉप ऑर्डर की कमजोरी को टीम नजरअंदाज नहीं करना चाहेगी।
टी20 क्रिकेट में शुरुआती छह ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर शीर्ष क्रम लगातार विकेट गंवाता है तो मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है। बड़े मुकाबलों में यह अंतर जीत और हार तय कर सकता है।
आगे बड़ी टीमों के खिलाफ होगी असली परीक्षा
भारतीय टीम इस समय टूर्नामेंट में मजबूत स्थिति में है और गेंदबाजी शानदार लय में दिखाई दे रही है। लेकिन खिताब जीतने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में निरंतर प्रदर्शन जरूरी होगा।
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले ने एक तरफ भारतीय स्पिन आक्रमण की ताकत दिखाई तो दूसरी तरफ टॉप ऑर्डर को चेतावनी भी दे दी। 56 रन का लक्ष्य होने के कारण शुरुआती तीन विकेट महंगे साबित नहीं हुए, लेकिन बड़े लक्ष्य के सामने यही गलती मुश्किल पैदा कर सकती है।
अब भारतीय टीम की कोशिश होगी कि आगामी मुकाबलों में टॉप ऑर्डर ज्यादा जिम्मेदारी से खेले और मध्यक्रम पर अनावश्यक दबाव न आने दे। अंजुम चोपड़ा की बल्लेबाजी विकल्पों को लेकर पहले से जताई गई चिंता के बीच पाकिस्तान के खिलाफ यह लड़खड़ाहट टीम के लिए समय रहते मिला एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा सकती है।
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