
Sports स्पोर्ट्स: भारतीय क्रिकेट में एक और युवा खिलाड़ी ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है। मुंबई के 23 वर्षीय बल्लेबाजी ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें यूके दौरे के लिए टीम में देर से शामिल किया गया, जहां वे नितीश कुमार रेड्डी की जगह टीम का हिस्सा बने हैं। नितीश कुमार रेड्डी को क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) चोट के कारण टीम से बाहर होना पड़ा।
सूर्यांश शेडगे मुंबई क्रिकेट सिस्टम से निकलने वाले नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज हैं। घरेलू क्रिकेट में मुंबई की टीम और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व करने वाले शेडगे को एक उभरते हुए ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी क्रिकेट यात्रा में सबसे बड़ा मोड़ 2024-25 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान आया, जब उन्होंने मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी ऑलराउंड प्रदर्शन ने टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। खासकर डेथ ओवरों में उनकी निडर बल्लेबाजी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
🚨 News 🚨
— BCCI (@BCCI) June 23, 2026
Suryansh Shedge replaces injured Nitish Kumar Reddy in #TeamIndia's squads for Ireland and England series.
More Details 🔽 | #IREvIND | #ENGvIND https://t.co/M92NI1TbE0
मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनकी फिनिशिंग क्षमता ने उन्हें क्रिकेट विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना दिया। कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा।
सूर्यांश शेडगे की सबसे बड़ी ताकत उनकी मैच को आखिरी ओवरों में बदलने की क्षमता मानी जाती है। वह दबाव की स्थिति में भी तेजी से रन बनाने और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही उनकी गेंदबाजी उन्हें एक उपयोगी ऑलराउंडर बनाती है, जो टीम संतुलन के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।
आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए भी उन्होंने अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई है। भले ही उन्हें सीमित मौके मिले हों, लेकिन उन्होंने अपनी क्षमता से प्रभावित किया है।
भारतीय टीम में उनकी एंट्री को एक नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं। चयनकर्ताओं का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को ऐसे दौरों पर अनुभव देना भविष्य की टीम निर्माण के लिए जरूरी है।
यूके दौरे में टीम प्रबंधन उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में परखने की कोशिश करेगा, खासकर तेज गेंदबाजी और सीमिंग परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्षमता का आकलन किया जाएगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सूर्यांश शेडगे अपने घरेलू प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहरा पाते हैं, तो वह आने वाले समय में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण ऑलराउंडरों में शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल, भारतीय टीम में उनकी एंट्री ने युवा क्रिकेटरों के लिए एक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा सकता है।





