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स्टीव स्मिथ ने तोड़ा राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड, रचा नया इतिहास

Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 8:26 PM IST
स्टीव स्मिथ ने तोड़ा राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड, रचा नया इतिहास
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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में 11,000 रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। स्मिथ अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 11 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं।
स्टीव स्मिथ लंबे समय से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की मजबूत कड़ी रहे हैं। अपनी तकनीक, धैर्य और रन बनाने की निरंतरता के लिए पहचाने जाने वाले स्मिथ ने एक बार फिर साबित किया कि वह टेस्ट क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में क्यों गिने जाते हैं। टेस्ट प्रारूप में 11 हजार रन पूरे करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इसके लिए लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है।
राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड छोड़ा पीछे
राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उन्हें अपनी मजबूत तकनीक, धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ का योगदान भारतीय टीम के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
अब स्टीव स्मिथ ने टेस्ट क्रिकेट में 11 हजार रन पूरे करके उनसे जुड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि स्मिथ के लंबे और शानदार टेस्ट करियर को दर्शाती है। हालांकि, किसी खिलाड़ी की महानता का आकलन केवल रिकॉर्ड के आधार पर नहीं किया जा सकता। टीम के लिए उसका योगदान, मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन और लंबे समय तक निरंतरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
स्मिथ की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजों, स्पिनरों, पिच की परिस्थितियों और बदलते मैच हालात का लगातार सामना करना पड़ता है। ऐसे में हजारों रन बनाना बल्लेबाज की तकनीक, एकाग्रता और मानसिक मजबूती का प्रमाण माना जाता है।
सबसे तेज 11 हजार रन बनाने वालों में शामिल
टेस्ट क्रिकेट में 11 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल होना अपने आप में बड़ी बात है। वहीं, कम पारियों में इस मुकाम तक पहुंचना खिलाड़ी की निरंतरता को और खास बना देता है। स्टीव स्मिथ इस उपलब्धि के साथ सबसे तेज 11 हजार टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में बड़े रिकॉर्ड बनाने के लिए बल्लेबाज को केवल आक्रामक शॉट खेलने की क्षमता ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलने का हुनर भी चाहिए। कई बार बल्लेबाज को घंटों क्रीज पर टिककर गेंदबाजों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर, जरूरत पड़ने पर रन गति बढ़ाना भी महत्वपूर्ण होता है।
स्मिथ की बल्लेबाजी में इन दोनों पहलुओं का मेल देखने को मिलता है। वह पारी को संभालने के साथ-साथ रन बनाने के अवसर तलाशने में भी माहिर माने जाते हैं। यही वजह है कि उनका नाम आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के प्रमुख बल्लेबाजों में लिया जाता है।
स्टीव स्मिथ का टेस्ट करियर रहा शानदार
स्टीव स्मिथ ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं। शुरुआती दौर में लेग स्पिनर के रूप में पहचान बनाने वाले स्मिथ ने बाद में खुद को विश्वस्तरीय बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज पारंपरिक तकनीक से कुछ अलग जरूर है, लेकिन रन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई है।
स्मिथ को खास तौर पर एशेज सीरीज में उनके प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने कई बड़ी पारियां खेलकर ऑस्ट्रेलिया को महत्वपूर्ण मौकों पर मजबूती दी। तेज गेंदबाजी के सामने उनकी एकाग्रता और स्पिन के खिलाफ रन बनाने की क्षमता ने उन्हें लंबे प्रारूप में सफल बनाया है।
उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक यह है कि वह एक बार क्रीज पर जमने के बाद बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। टेस्ट क्रिकेट में यह गुण बेहद अहम होता है, क्योंकि बड़ी पारियां मैच का रुख बदल सकती हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के मुकाबले पर नजर
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल करना स्मिथ के लिए खास अवसर है। ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट मुकाबले हमेशा प्रतिस्पर्धात्मक माने जाते हैं। दोनों टीमों के पास अनुभवी बल्लेबाजों और प्रभावशाली गेंदबाजों की परंपरा रही है।
ऐसे मुकाबलों में बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य की कड़ी परीक्षा होती है। साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों के सामने रन बनाना आसान नहीं माना जाता, खासकर तब जब पिच तेज गेंदबाजों की मदद कर रही हो। इस तरह की परिस्थितियों में व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करना खिलाड़ी के आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है।
स्मिथ की इस उपलब्धि ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में उनके महत्व को रेखांकित किया है। हालांकि, मैच में उनकी पारी और ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन का अंतिम आकलन मुकाबले के पूरे स्कोरकार्ड और परिणाम के आधार पर ही किया जा सकेगा।
टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता की मिसाल
टेस्ट क्रिकेट में 11 हजार रन का आंकड़ा छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं है। इसके लिए वर्षों तक फिटनेस बनाए रखना, अलग-अलग देशों की परिस्थितियों में खेलना और लगातार अपनी तकनीक में सुधार करना पड़ता है। स्टीव स्मिथ की यह उपलब्धि उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज बल्लेबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ना भी स्मिथ के लिए बड़ी बात है। द्रविड़ ने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और टेस्ट क्रिकेट में धैर्य तथा तकनीक की मिसाल कायम की। अब स्मिथ ने अपने प्रदर्शन से इस विशिष्ट सूची में जगह बनाई है।
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