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साउथ जोन की बढ़ी ताकत सिराज पडिक्कल जुड़े KL राहुल रहेंगे बाहर

Ratna Netam
5 Sept 2026 5:39 PM IST
साउथ जोन की बढ़ी ताकत सिराज पडिक्कल जुड़े KL राहुल रहेंगे बाहर
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चेन्नई। दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल से ठीक पहले साउथ जोन को बड़ा झटका लगा है। भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल खिताबी मुकाबले में नहीं खेलेंगे। हालांकि टीम के लिए राहत की खबर यह है कि भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल फाइनल के लिए उपलब्ध हैं। दोनों की मौजूदगी से साउथ जोन की ताकत बढ़ गई है। कप्तान तिलक वर्मा ने फाइनल से पहले टीम कॉम्बिनेशन को लेकर यह महत्वपूर्ण अपडेट दिया है।
साउथ जोन का सामना फाइनल में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन से होगा। मुकाबला 6 सितंबर से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज तीनों के साउथ जोन से जुड़ने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब राहुल के नहीं खेलने की पुष्टि हो गई है।
इससे साउथ जोन को शीर्ष क्रम में अनुभवी बल्लेबाज की सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। दूसरी तरफ पडिक्कल के आने से बल्लेबाजी और सिराज के जुड़ने से तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत होगा।
तिलक वर्मा ने दी राहुल पर बड़ी अपडेट
फाइनल से पहले साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा से केएल राहुल की उपलब्धता को लेकर सवाल किया गया।
तिलक ने स्पष्ट किया कि राहुल फाइनल मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि पडिक्कल और सिराज टीम के लिए उपलब्ध रहेंगे।
इस अपडेट ने साउथ जोन की संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
राहुल जैसे अनुभवी बल्लेबाज का नहीं खेलना टीम के लिए नुकसान जरूर है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका लंबा अनुभव है और बड़े मुकाबलों में लंबी पारी खेलने की उनकी क्षमता साउथ जोन के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी।
पहले तीनों खिलाड़ियों को जोड़ा गया था
इससे पहले खबर आई थी कि भारतीय टेस्ट टीम से जुड़े केएल राहुल, मोहम्मद सिराज और देवदत्त पडिक्कल को दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए साउथ जोन टीम से जोड़ा गया है।
तीनों खिलाड़ी हाल में भारतीय टीम की टेस्ट सीरीज का हिस्सा रहे थे।
राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियां पूरी होने के बाद उनके घरेलू क्रिकेट में उतरने की संभावना बनी थी।
शुरुआती अपडेट में राहुल के भी फाइनल खेलने की उम्मीद थी, लेकिन मुकाबले से ठीक पहले स्थिति बदल गई।
अब साउथ जोन को उनके बिना ही ईस्ट जोन के खिलाफ उतरना होगा।
पडिक्कल के आने से बल्लेबाजी मजबूत
देवदत्त पडिक्कल का टीम से जुड़ना साउथ जोन के लिए बड़ी राहत है।
बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल के पास घरेलू क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और वह लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं।
उनकी मौजूदगी से साउथ जोन के शीर्ष और मध्यक्रम में एक अतिरिक्त मजबूत विकल्प मिलेगा।
चेन्नई की परिस्थितियों में बल्लेबाजों के लिए धैर्य महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पडिक्कल की तकनीक टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
हाल की टेस्ट सीरीज में मिले अवसरों के बाद वह घरेलू क्रिकेट में भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे।
सिराज की एंट्री से गेंदबाजी को धार
साउथ जोन के लिए सबसे बड़ी मजबूती मोहम्मद सिराज की वापसी मानी जा सकती है।
सिराज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। उनके पास टेस्ट क्रिकेट में लंबे स्पेल डालने का अनुभव है।
नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता और पुरानी गेंद के साथ आक्रामक गेंदबाजी उन्हें खतरनाक बनाती है।
फाइनल में ईस्ट जोन के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है। ऐसे में सिराज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उनके सामने ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे बल्लेबाजों को रोकने की चुनौती होगी।
सिराज के लिए भी महत्वपूर्ण मुकाबला
दलीप ट्रॉफी का फाइनल मोहम्मद सिराज के लिए भी अहम अवसर है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार खेलने वाले गेंदबाजों के लिए घरेलू प्रथम श्रेणी मुकाबले अपनी लय पर काम करने का अच्छा मौका देते हैं।
सिराज इस मुकाबले में लंबा स्पेल डालकर अपनी रेड-बॉल गेंदबाजी की धार मजबूत करना चाहेंगे।
चेन्नई की पिच अगर शुरुआती समय में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद देती है तो सिराज नई गेंद से ईस्ट जोन के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
वहीं गेंद पुरानी होने के बाद उन्हें परिस्थितियों के अनुसार अपनी लाइन और लेंथ में बदलाव करना होगा।
ईस्ट जोन के पास मोहम्मद शमी
फाइनल में मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प होगा क्योंकि ईस्ट जोन के पास अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी मौजूद हैं।
इस तरह एक तरफ साउथ जोन के लिए मोहम्मद सिराज उतर सकते हैं तो दूसरी ओर ईस्ट जोन के गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई शमी करेंगे।
शमी का अनुभव ईस्ट जोन के लिए बड़ी ताकत है।
सेमीफाइनल में उन्होंने दूसरी पारी में तीन विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अब फाइनल में शमी और सिराज जैसे दो अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाजों पर सभी की नजर रहेगी।
ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन
ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन के हाथों में है।
सेमीफाइनल में टीम ने सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय ईस्ट जोन दबाव में था लेकिन ईशान किशन ने नाबाद 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया।
उनकी कप्तानी और आक्रामक बल्लेबाजी फाइनल में भी साउथ जोन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
सिराज और बाकी गेंदबाजों के सामने ईशान को जल्दी आउट करने की रणनीति महत्वपूर्ण हो सकती है।
वैभव सूर्यवंशी पर भी रहेंगी नजरें
ईस्ट जोन के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस मुकाबले के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में से एक होंगे।
कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव के लिए दलीप ट्रॉफी फाइनल बड़ा मंच है।
सिराज जैसे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी देखने लायक होगी।
युवा बल्लेबाज और अनुभवी तेज गेंदबाज के बीच मुकाबला फाइनल के आकर्षण में से एक हो सकता है।
वैभव अगर शुरुआती ओवरों में टिक जाते हैं तो वह तेजी से रन बनाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं।
तिलक वर्मा के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के लिए यह फाइनल दोहरी जिम्मेदारी वाला होगा।
उन्हें टीम की कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी महत्वपूर्ण योगदान देना होगा।
सेमीफाइनल में तिलक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ जोन को नॉर्थ जोन के खिलाफ सात विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली और टीम को फाइनल का टिकट दिलाया।
अब केएल राहुल के नहीं खेलने के कारण बल्लेबाजी में तिलक की जिम्मेदारी और बढ़ सकती है।
सेमीफाइनल में शानदार था साउथ जोन
साउथ जोन ने नॉर्थ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।
टीम ने सात विकेट से मुकाबला जीतकर खिताबी मैच में जगह बनाई।
गेंदबाजों ने नॉर्थ जोन के बल्लेबाजों को दबाव में रखा और इसके बाद बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल किया।
तिलक वर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।
फाइनल में साउथ जोन उसी लय को बरकरार रखना चाहेगा लेकिन ईस्ट जोन की चुनौती आसान नहीं होगी।
राहुल की कमी कहां महसूस होगी?
केएल राहुल की सबसे बड़ी खासियत उनका अनुभव और तकनीक है।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वह नई गेंद को संभालने और बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं।
फाइनल जैसे मुकाबले में जहां पहली पारी का स्कोर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है वहां राहुल की मौजूदगी साउथ जोन को अतिरिक्त स्थिरता देती।
उनके नहीं होने से टीम को शीर्ष क्रम में नया कॉम्बिनेशन तैयार करना होगा।
हालांकि पडिक्कल की वापसी से इस नुकसान की कुछ भरपाई जरूर हो सकती है।
पडिक्कल पर बढ़ेगी जिम्मेदारी
राहुल के बाहर होने से देवदत्त पडिक्कल की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है।
उनसे टीम को बड़ी पारी की उम्मीद होगी।
पडिक्कल के सामने मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की चुनौती होगी। शमी नई गेंद से सीम मूवमेंट हासिल करने में माहिर हैं।
अगर पडिक्कल शुरुआती स्पेल निकाल लेते हैं तो वह मध्य ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ रन बना सकते हैं।
चेन्नई में स्पिन गेंदबाजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है इसलिए उनकी तकनीक की परीक्षा होगी।
चेपॉक की पिच पर स्पिन का रोल
एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक की पिच पर पारंपरिक रूप से स्पिनरों को मदद मिलने की संभावना रहती है।
हालांकि किसी मैच की वास्तविक पिच कैसी होगी यह मुकाबले के दिन ही पूरी तरह स्पष्ट होता है।
पांच दिवसीय प्रथम श्रेणी मुकाबले में पिच जैसे-जैसे पुरानी होगी स्पिनरों की भूमिका बढ़ सकती है।
इस वजह से दोनों टीमों को तेज गेंदबाजों के साथ संतुलित स्पिन आक्रमण तैयार करना होगा।
पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम को महत्वपूर्ण बढ़त मिल सकती है।
Kaverappa की फिटनेस भी चिंता
साउथ जोन को तेज गेंदबाज विद्वथ कावेरेप्पा की फिटनेस को लेकर भी चिंता रही है।
सेमीफाइनल के दौरान उन्हें चोट लगी थी।
इसी वजह से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद को कवर के तौर पर टीम में जोड़ा गया है।
सिराज की उपलब्धता इस स्थिति में साउथ जोन के लिए और महत्वपूर्ण हो जाती है।
अगर कावेरेप्पा पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो सिराज गेंदबाजी आक्रमण की मुख्य जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की भी रहेगी नजर
दलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का महत्वपूर्ण रेड-बॉल टूर्नामेंट है।
इसलिए फाइनल में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी।
देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के अलावा ईशान किशन, तिलक वर्मा और युवा वैभव सूर्यवंशी के लिए भी यह अपनी दावेदारी मजबूत करने का मौका है।
घरेलू क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन राष्ट्रीय टीम में चयन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
यही वजह है कि फाइनल केवल ट्रॉफी जीतने का मुकाबला नहीं बल्कि कई खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत रूप से भी बेहद अहम है।
सिराज बनाम शमी होगा दिलचस्प
मुकाबले में एक दिलचस्प पहलू मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी की मौजूदगी होगी।
दोनों भारतीय टीम के लिए साथ गेंदबाजी कर चुके हैं लेकिन यहां अलग-अलग जोन की तरफ से उतरेंगे।
सिराज साउथ जोन की गेंदबाजी को मजबूत करेंगे जबकि शमी ईस्ट जोन के लिए महत्वपूर्ण हथियार होंगे।
दोनों का लक्ष्य अपनी टीम को शुरुआती सफलता दिलाना होगा।
कौन सा अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करता है यह फाइनल के नतीजे पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
6 सितंबर से शुरू होगा खिताबी मुकाबला
दलीप ट्रॉफी का फाइनल 6 सितंबर से 10 सितंबर तक चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है।
साउथ जोन और ईस्ट जोन दोनों सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करके यहां पहुंचे हैं।
ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराया जबकि साउथ जोन ने नॉर्थ जोन को सात विकेट से मात दी।
इससे साफ है कि दोनों टीमों का आत्मविश्वास ऊंचा होगा।
फाइनल में छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।
साउथ जोन मजबूत लेकिन राहुल की कमी बड़ा सवाल
केएल राहुल का फाइनल में नहीं खेलना निश्चित तौर पर साउथ जोन के लिए झटका है। उनके अनुभव और बल्लेबाजी की कमी टीम को महसूस हो सकती है।
हालांकि देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज की उपलब्धता से टीम को बड़ी मजबूती मिली है।
पडिक्कल बल्लेबाजी में गहराई बढ़ाएंगे जबकि सिराज तेज गेंदबाजी आक्रमण को धार देंगे।
कप्तान तिलक वर्मा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सही प्लेइंग इलेवन और संतुलित टीम कॉम्बिनेशन चुनने की होगी।
दूसरी ओर ईस्ट जोन के पास ईशान किशन, मोहम्मद शमी और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी हैं।
ऐसे में चेन्नई में होने वाला फाइनल युवा प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का दिलचस्प मुकाबला बनने जा रहा है।
अब सभी की नजर 6 सितंबर पर है। राहुल की गैरमौजूदगी के बावजूद अगर पडिक्कल और सिराज अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हैं तो साउथ जोन बेहद मजबूत चुनौती पेश कर सकता है। वहीं ईस्ट जोन अपनी सेमीफाइनल की लय को बरकरार रखते हुए खिताब अपने नाम करने के इरादे से उतरेगा।
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