
Sports स्पोर्ट्स: दो बार के बिलियर्ड्स वर्ल्ड चैंपियन सौरव कोठारी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में क्यू स्पोर्ट्स को शामिल करने की जोरदार अपील की है। यह बयान उन्होंने आयरलैंड के कार्लो में पंकज आडवाणी को फाइनल में हराकर खिताब जीतने के कुछ घंटों बाद दिया। इस जीत के साथ 41 वर्षीय कोठारी ने एकतरफा मुकाबले में 17 बार के वर्ल्ड चैंपियन पंकज आडवाणी को हराकर अपना दूसरा विश्व खिताब हासिल किया।
कोठारी ने कहा कि बिलियर्ड्स और स्नूकर जैसे क्यू स्पोर्ट्स में भारत का प्रदर्शन लंबे समय से मजबूत रहा है, लेकिन मल्टी-डिसिप्लिन इवेंट्स में इन खेलों की गैरमौजूदगी से देश की मेडल संभावनाओं पर असर पड़ता है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में इस खेल को शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे भारत की मेडल टैली में बड़ा इजाफा हो सकता है।
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के साथ हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए कोठारी ने कहा कि मीडिया को भी इस विषय को प्रमुखता से उठाना चाहिए, क्योंकि क्यू स्पोर्ट्स में भारत के पास लगातार मेडल जीतने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ वर्तमान स्तर पर नहीं, बल्कि एशियन गेम्स में भारत के पिछले प्रदर्शन के आधार पर भी साबित हो चुका है।
उन्होंने बताया कि बिलियर्ड्स, स्नूकर और अन्य क्यू स्पोर्ट्स को 1998 के बाद से लगातार चार एशियाड में शामिल किया गया था, लेकिन 2014 के बाद वित्तीय कारणों के चलते कई गैर-ओलंपिक खेलों को हटा दिया गया। हालांकि अब यह खेल 2030 एशियन गेम्स में वापसी करने जा रहा है, जो भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अब तक एशियन गेम्स में क्यू स्पोर्ट्स में पांच स्वर्ण सहित कुल 16 पदक जीते हैं, जिससे वह चीन और चीनी ताइपे के बाद तीसरे सबसे सफल देश के रूप में उभरा है। कोठारी का मानना है कि इसी प्रदर्शन को देखते हुए इस खेल को बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर क्यू स्पोर्ट्स को कॉमनवेल्थ, एशियन या ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में जगह मिलती है, तो इससे खेल का स्तर और लोकप्रियता दोनों बढ़ेंगे। साथ ही भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेडल स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर मिलेगा।
कोठारी ने यह भी कहा कि भारत में युवा पीढ़ी में क्यू स्पोर्ट्स को लेकर रुचि बढ़ रही है, खासकर वीडियो गेम्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए। इससे भविष्य में इस खेल की प्रतिभा और भागीदारी दोनों में वृद्धि की संभावना है।
उन्होंने खेल मंत्रालय, SAI और मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि क्यू स्पोर्ट्स को वैश्विक मंच पर उचित पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।





