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टेस्ट रैंकिंग में फिसले शुभमन गिल रॉबिन्सन ने लगाई लंबी छलांग

Ratna Netam
2 Sept 2026 5:19 PM IST
टेस्ट रैंकिंग में फिसले शुभमन गिल रॉबिन्सन ने लगाई लंबी छलांग
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नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC की ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारतीय टेस्ट कप्तान **शुभमन गिल** को नुकसान उठाना पड़ा है। गिल बल्लेबाजों की रैंकिंग में एक स्थान नीचे खिसक गए हैं। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ हालिया प्रदर्शन के बाद कई खिलाड़ियों को फायदा हुआ है। खासतौर पर इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज **जेमी स्मिथ** ने भारतीय टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन का फायदा उठाते हुए रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत की है। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के बल्लेबाज **टिम रॉबिन्सन** ने जबरदस्त छलांग लगाते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की **टॉप-5 रैंकिंग में प्रवेश** कर लिया है।
ICC की नई रैंकिंग में हुए बदलाव ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन कितना महत्वपूर्ण है। एक अच्छी सीरीज खिलाड़ी को कई स्थान ऊपर पहुंचा सकती है, जबकि मैदान से दूर रहने या अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने पर रेटिंग अंक और रैंकिंग दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
शुभमन गिल को एक स्थान का नुकसान
भारतीय कप्तान शुभमन गिल को ताजा टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में **एक स्थान का नुकसान** हुआ है। गिल अब पिछले स्थान से नीचे खिसक गए हैं। हालांकि वह अभी भी दुनिया के शीर्ष टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।
गिल पिछले कुछ समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम के लिए बड़ी पारियां खेली हैं।
लेकिन ICC रैंकिंग की गणना हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों के रेटिंग अंकों के आधार पर होती है। दूसरे बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन का असर भी किसी खिलाड़ी की रैंकिंग पर पड़ सकता है।
इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। दूसरे खिलाड़ियों की मजबूत पारियों के कारण गिल को एक पायदान नीचे जाना पड़ा।
रॉबिन्सन ने लगाई बड़ी छलांग
ताजा रैंकिंग में सबसे ज्यादा चर्चा **टिम रॉबिन्सन** की हो रही है। न्यूजीलैंड के इस बल्लेबाज ने हालिया टेस्ट मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए रैंकिंग में जबरदस्त फायदा हासिल किया है।
उनके लगातार रन बनाने का नतीजा यह हुआ कि उन्होंने कई बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ते हुए **ICC टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप-5** में जगह बना ली।
रॉबिन्सन के लिए यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
टेस्ट क्रिकेट में टॉप-5 बल्लेबाजों में जगह बनाना आसान नहीं होता। इसके लिए खिलाड़ी को लंबे समय तक अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाने पड़ते हैं। रॉबिन्सन ने हालिया प्रदर्शन से अपनी रेटिंग में बड़ी बढ़ोतरी हासिल की और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों के बीच अपना नाम दर्ज करा लिया।
भारत को परेशान करने वाले बल्लेबाज को भी फायदा
नई रैंकिंग में उस बल्लेबाज को भी फायदा हुआ है जिसने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था।
इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज **जेमी स्मिथ** ने भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया था। मध्यक्रम में उतरकर उन्होंने कई बार भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया।
उनकी तेज बल्लेबाजी ने इंग्लैंड को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में मदद की थी। अब उसी प्रदर्शन का असर उनकी ICC रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है।
स्मिथ की खासियत यह रही है कि वह विकेटकीपर की भूमिका निभाने के साथ मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
भारत के खिलाफ उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में भी रन बनाए थे जब इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के विकेट जल्दी गिर गए थे। इस कारण उन्हें टेस्ट क्रिकेट के उभरते हुए विकेटकीपर बल्लेबाजों में गिना जाने लगा।
गिल के लिए पिछला दौर रहा शानदार
भले ही शुभमन गिल को ताजा रैंकिंग में एक स्थान का नुकसान हुआ हो, लेकिन पिछले कुछ समय में उनका टेस्ट प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है।
इंग्लैंड दौरे पर गिल ने भारतीय बल्लेबाजी की अगुवाई करते हुए बड़ी पारियां खेली थीं। कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी के बावजूद उनका बल्ला लगातार चला और उन्होंने एक सीरीज में भारतीय कप्तान के तौर पर कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किए।
इसी प्रदर्शन की वजह से उनकी ICC टेस्ट रेटिंग में भी पहले बड़ी बढ़ोतरी हुई थी।
इसलिए एक स्थान नीचे आने को उनके लिए किसी बड़ी गिरावट के तौर पर नहीं देखा जा सकता। रैंकिंग में छोटे बदलाव दूसरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन के कारण भी होते रहते हैं।
टॉप पर कौन है?
ICC टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान के लिए दुनिया के प्रमुख बल्लेबाजों के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
इंग्लैंड के दिग्गज **जो रूट** लंबे समय से टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। रूट ने पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में लगातार रन बनाए हैं और कई देशों के खिलाफ बड़ी पारियां खेली हैं।
उनकी सबसे बड़ी ताकत निरंतरता रही है। घरेलू परिस्थितियों के साथ विदेश में भी रन बनाने की वजह से वह टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।
टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए केवल एक बड़ी पारी पर्याप्त नहीं होती। लगातार कई मैचों में अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ी के रेटिंग अंकों को मजबूत करता है।
रैंकिंग में भारतीय बल्लेबाजों की स्थिति
भारतीय टीम के लिए अच्छी बात यह है कि उसके कई बल्लेबाज टेस्ट रैंकिंग में मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।
शुभमन गिल के अलावा भारत के दूसरे बल्लेबाज भी हाल के वर्षों में रैंकिंग में ऊपर आए हैं। युवा खिलाड़ियों के लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी में नई प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है।
हालांकि रैंकिंग में आगे बढ़ने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी परिस्थितियों में भी लगातार बड़े स्कोर बनाने होंगे।
दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की परिस्थितियां बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। वहां तेज और स्विंग गेंदबाजी के खिलाफ बनाए गए रन रेटिंग के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
रॉबिन्सन का प्रदर्शन क्यों खास?
टिम रॉबिन्सन की टॉप-5 में एंट्री इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपेक्षाकृत कम समय में अपनी रैंकिंग में तेजी से सुधार किया है।
न्यूजीलैंड की टीम में पहले से कई अनुभवी बल्लेबाज मौजूद हैं। ऐसे में युवा या कम अनुभवी बल्लेबाज के लिए अपनी जगह बनाना और फिर विश्व रैंकिंग के शीर्ष खिलाड़ियों तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है।
रॉबिन्सन ने तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी के साथ धैर्य दिखाया है। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक क्रीज पर टिककर रन बनाना ही बल्लेबाज की असली परीक्षा माना जाता है।
उनके हालिया प्रदर्शन ने उन्हें दुनिया के शीर्ष पांच बल्लेबाजों में पहुंचा दिया है और आने वाले मैचों में उनके पास रैंकिंग में और ऊपर जाने का मौका होगा।
ICC रैंकिंग कैसे बदलती है?
ICC की टेस्ट रैंकिंग खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर लगातार अपडेट होती रहती है।
किस बल्लेबाज ने कितने रन बनाए, किस तरह के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ बनाए, मैच की परिस्थितियां कैसी थीं और खिलाड़ी के प्रदर्शन का मैच पर कितना प्रभाव पड़ा—इन तमाम कारकों को रेटिंग सिस्टम में महत्व मिलता है।
इसी वजह से कभी-कभी कोई खिलाड़ी मैच नहीं खेलने के बावजूद एक स्थान नीचे खिसक सकता है। अगर उससे नीचे मौजूद खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करके ज्यादा रेटिंग अंक हासिल कर लेता है तो वह उसे पीछे छोड़ सकता है।
गिल की रैंकिंग में आया बदलाव भी इसी प्रतिस्पर्धी व्यवस्था का हिस्सा है।
विकेटकीपर बल्लेबाजों में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
जेमी स्मिथ जैसे खिलाड़ियों के आगे आने से टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर बल्लेबाजों के बीच भी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
आज के टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर से केवल अच्छी विकेटकीपिंग की अपेक्षा नहीं की जाती। टीमों को ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो निचले या मध्यक्रम में तेजी से रन बनाकर मैच का रुख बदल सके।
स्मिथ ने भारत के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी से यही क्षमता दिखाई थी।
वह जरूरत पड़ने पर रक्षात्मक बल्लेबाजी कर सकते हैं और मौका मिलने पर आक्रामक अंदाज में गेंदबाजों पर दबाव भी बना सकते हैं। इसी बहुमुखी बल्लेबाजी का फायदा उन्हें रैंकिंग में मिला है।
गिल के पास वापसी का मौका
शुभमन गिल के लिए अच्छी बात यह है कि रैंकिंग में अंतर बहुत बड़ा नहीं है। आगामी टेस्ट मुकाबलों में एक-दो बड़ी पारियां उन्हें फिर ऊपर पहुंचा सकती हैं।
भारतीय कप्तान के लिए अब केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि टीम का नेतृत्व भी उनकी जिम्मेदारी है।
कप्तान के तौर पर अगर वह शीर्ष क्रम में लगातार रन बनाते हैं तो भारतीय बल्लेबाजी को स्थिरता मिलेगी और उनकी व्यक्तिगत रैंकिंग में भी सुधार होगा।
गिल पहले ही दिखा चुके हैं कि लंबी पारी खेलने की क्षमता उनके पास है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज उनके लिए रैंकिंग में वापसी का बड़ा मौका होगी।
टॉप-5 की लड़ाई हुई दिलचस्प
रॉबिन्सन के टॉप-5 में पहुंचने के बाद टेस्ट बल्लेबाजों के बीच मुकाबला और रोचक हो गया है।
रैंकिंग के ऊपरी हिस्से में कुछ ही रेटिंग अंकों का अंतर कई बार दो या तीन स्थानों का बदलाव करा देता है। यही वजह है कि हर टेस्ट मैच के बाद शीर्ष बल्लेबाजों की स्थिति बदल सकती है।
जो रूट जैसे अनुभवी खिलाड़ी जहां शीर्ष स्थान के लिए मजबूत दावेदार बने हुए हैं, वहीं नई पीढ़ी के बल्लेबाज तेजी से ऊपर आ रहे हैं।
शुभमन गिल भी इसी नई पीढ़ी के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। एक स्थान का नुकसान उनके लिए झटका जरूर है, लेकिन आने वाले मुकाबलों में उनके पास इसकी भरपाई करने का पूरा अवसर रहेगा।
दूसरी ओर टिम रॉबिन्सन ने टॉप-5 में जगह बनाकर संकेत दिया है कि वह अब टेस्ट क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की दौड़ में गंभीर दावेदार बन चुके हैं। वहीं भारत के खिलाफ प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले जेमी स्मिथ को भी इसका फायदा मिला है।
अब नजर अगले टेस्ट मुकाबलों पर रहेगी, क्योंकि एक बड़ी पारी फिर रैंकिंग की पूरी तस्वीर बदल सकती है।
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