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वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर श्रेयस अय्यर ने बताई वजह

Kavita2
12 July 2026 4:22 PM IST
वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर श्रेयस अय्यर ने बताई वजह
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नई दिल्ली : इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के फैसले ने क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज कर दी थी। कई प्रशंसकों ने इसे 15 वर्षीय खिलाड़ी के लिए कठिन फैसला बताया था और आशंका जताई थी कि इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ किया है कि सूर्यवंशी को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर नहीं किया गया था, बल्कि यह फैसला टीम संयोजन और रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने बताया कि टीम मैनेजमेंट ने पांचवें टी20 मुकाबले के लिए एक अलग बैटिंग कॉम्बिनेशन आजमाने का फैसला किया था। इसी वजह से अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

श्रेयस ने कहा कि टीम को मुकाबले की परिस्थितियों के हिसाब से सबसे बेहतर संयोजन तैयार करना था। उन्होंने बताया कि टीम मैनेजमेंट की योजना शुरुआत से ही बाएं हाथ और दाएं हाथ के बल्लेबाजों की जोड़ी के साथ पारी की शुरुआत करने की थी। इसी रणनीति के तहत वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया।

कप्तान ने कहा कि अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए टीम को एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत थी। यही एक बड़ा कारण था, जिसके चलते संजू सैमसन को अंतिम मुकाबले में शामिल किया गया।

संजू सैमसन की वापसी पर श्रेयस अय्यर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वह एक शानदार बल्लेबाज हैं और पहले भी टीम के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सैमसन ने कई सीरीज में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है और इसी वजह से उन्हें इस मुकाबले के लिए चुना गया।

वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरा काफी खास रहा था। महज 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलने के बाद वह लगातार चर्चा में रहे। हालांकि, अंतिम मुकाबले में उन्हें बाहर बैठना पड़ा, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर फैंस की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

कुछ क्रिकेट प्रशंसकों ने इसे युवा खिलाड़ी के लिए निराशाजनक फैसला बताया, जबकि कुछ ने टीम की रणनीति का समर्थन किया। अब कप्तान के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि टीम प्रबंधन का उद्देश्य सूर्यवंशी की क्षमता पर सवाल उठाना नहीं था, बल्कि मैच की जरूरत के अनुसार संयोजन तैयार करना था।

वहीं, आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी श्रेयस अय्यर ने बात की। इन दोनों सीरीज में भारतीय टीम को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी और टीम एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई। कप्तान ने कहा कि इसके पीछे कोई एक कारण नहीं था, बल्कि कई परिस्थितियों का संयुक्त प्रभाव रहा।

श्रेयस ने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में खुद को ढालना आसान नहीं होता। वहां के मौसम, पिच और खेल के माहौल के अनुसार तालमेल बैठाने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि टीम के सामने कई चुनौतियां थीं और इन सभी चीजों का कुल मिलाकर प्रदर्शन पर असर पड़ा।

उन्होंने यह भी माना कि खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं। कप्तान ने कहा कि हार से सीख लेकर टीम आगे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

भारतीय टीम के लिए यह दौरा कई युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। टीम मैनेजमेंट ने अलग-अलग संयोजन आजमाए और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का अवसर दिया।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को लंबे समय के नजरिए से तैयार करने के लिए ऐसे फैसले जरूरी होते हैं। किसी खिलाड़ी को एक मैच में बाहर रखना उसकी क्षमता पर सवाल नहीं माना जा सकता, बल्कि टीम की जरूरत के अनुसार बदलाव का हिस्सा हो सकता है।

फिलहाल वैभव सूर्यवंशी को लेकर कप्तान श्रेयस अय्यर के बयान से साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन का भरोसा युवा बल्लेबाज पर कायम है। आने वाले मुकाबलों में उन्हें फिर से मौका मिलने की उम्मीद है।

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