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IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर बड़ा सिरदर्द खड़ा हो गया है। टीम मैनेजमेंट लगातार इस बात पर चर्चा कर रहा है कि अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले में किन खिलाड़ियों को मौका दिया जाए और किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरा जाए। सबसे बड़ा सवाल ओपनिंग जोड़ी को लेकर बना हुआ है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और इशान किशन जैसे विकल्पों के बीच सही चुनाव करना कप्तान अय्यर और कोच गंभीर के लिए आसान नहीं है। टीम चाहती है कि शुरुआत आक्रामक हो, लेकिन साथ ही अनुभव और स्थिरता का संतुलन भी बना रहे।
ओपनिंग स्लॉट पर फंसा पेंच
अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में भारत की सलामी जोड़ी पर सभी की नजरें रहेंगी। युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया है, जबकि अभिषेक शर्मा टी20 फॉर्मेट में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर संजू सैमसन और इशान किशन जैसे अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज भी टीम के विकल्पों में शामिल हैं। श्रेयस अय्यर ने भी संकेत दिए हैं कि टीम में जगह बनाने वाले खिलाड़ियों को पूरा समर्थन मिलेगा और बाहर बैठने वाले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखना भी टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
अफगानिस्तान की स्पिन चुनौती
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अफगानिस्तान का मजबूत स्पिन आक्रमण हो सकता है। राशिद खान जैसे गेंदबाज बीच के ओवरों में बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे बल्लेबाजों की भूमिका बेहद अहम होगी। गौतम गंभीर की रणनीति हमेशा आक्रामक क्रिकेट पर आधारित रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकते हैं जो तेजी से रन बनाने के साथ दबाव की स्थिति में भी मुकाबला कर सकें।
कप्तान अय्यर पर भी दबाव
श्रेयस अय्यर के लिए यह सीरीज कप्तानी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ मुकाबलों के प्रदर्शन के बाद टीम को वापसी की जरूरत है। अफगानिस्तान के खिलाफ जीत न सिर्फ सीरीज में बढ़त दिलाएगी बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी। अय्यर और गंभीर के बीच तालमेल को लेकर भी काफी चर्चा है। दोनों पहले आईपीएल में साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की सोच को अच्छी तरह समझते हैं। अय्यर ने खुद भी गंभीर की रणनीति और नेतृत्व क्षमता की तारीफ की है।
अंतिम फैसला आसान नहीं
टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या युवा खिलाड़ियों पर भरोसा किया जाए या अनुभवी चेहरों को प्राथमिकता दी जाए। ओपनिंग कॉम्बिनेशन, मध्यक्रम का संतुलन और गेंदबाजी आक्रमण को लेकर कप्तान और कोच लगातार मंथन कर रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए सिर्फ एक सीरीज की शुरुआत नहीं बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी का भी अहम हिस्सा है। ऐसे में श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहेंगे।
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