
Sports स्पोर्ट्स: महिला टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपने शानदार कैच और किफायती गेंदबाजी से सुर्खियां बटोरने वाली भारतीय स्टार तेज गेंदबाज श्रेयंका पाटिल ने एक बड़ा खुलासा किया है। कन्नड़ मूल की इस खिलाड़ी ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था जब वह क्रिकेट छोड़ने के बारे में सोचने लगी थीं।
रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ भारत की 64 रन की शानदार जीत में श्रेयंका पाटिल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अपनी गेंदबाजी से उन्होंने विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले मैच के दौरान लिया गया उनका शानदार कैच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि, मैदान पर सफलता हासिल करने वाली श्रेयंका ने अपने संघर्षों के बारे में बात करते हुए बताया कि करियर के एक मुश्किल दौर में वह गंभीर चोट से जूझ रही थीं। लंबे समय तक खेल से दूर रहने के कारण उनका मानसिक संतुलन भी प्रभावित हुआ और वह अवसाद (डिप्रेशन) से गुजर रही थीं।
श्रेयंका ने कहा कि इस कठिन समय में उन्हें लगा कि शायद वह अब क्रिकेट आगे नहीं खेल पाएंगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक समय ऐसा आया जब उन्होंने खेल को पूरी तरह छोड़ने का विचार कर लिया था।
लेकिन इस मुश्किल दौर में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। परिवार के समर्थन और हौसले ने उन्हें दोबारा मैदान पर लौटने की ताकत दी। श्रेयंका के अनुसार, उनके करीबियों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने और खेल पर फिर से ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
धीरे-धीरे उन्होंने रिकवरी पर ध्यान दिया और कड़ी मेहनत के साथ वापसी की। लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने एक बार फिर टीम में जगह बनाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।
पाकिस्तान के खिलाफ हालिया मुकाबले में उनका प्रदर्शन इस वापसी का एक मजबूत उदाहरण माना जा रहा है। गेंदबाजी में उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका नहीं दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि श्रेयंका पाटिल की यह कहानी न केवल खेल में संघर्ष की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और परिवार का समर्थन किसी खिलाड़ी के करियर में कितना महत्वपूर्ण होता है।
श्रेयंका ने यह भी कहा कि अब वह पहले से ज्यादा मजबूत महसूस करती हैं और अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।
उनका यह खुलासा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो चोट या मानसिक दबाव के कारण अपने करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।





