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शीतल और तोमन ने तीरंदाजी पैरा कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में जीता स्वर्ण पदक

Shantanu Roy
22 Oct 2026 8:24 PM IST
शीतल और तोमन ने तीरंदाजी पैरा कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में जीता स्वर्ण पदक
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Aichi-Nagoya. आइची-नागोया। जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को पैरा तीरंदाजी की कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में शीतल देवी और तोमन कुमार की भारतीय जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया की थियोडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग की जोड़ी को 151-148 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने प्रतियोगिता में तीरंदाजी का अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।

फाइनल में भारतीय जोड़ी का जबरदस्त प्रदर्शन
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही शीतल देवी और तोमन कुमार आत्मविश्वास से भरे नजर आए। पहले राउंड में भारतीय जोड़ी ने 38-37 की मामूली बढ़त हासिल की। इसके बाद दूसरे राउंड में शानदार निशानेबाजी करते हुए 39 अंक जुटाए और कुल स्कोर 77-73 कर दिया। तीसरे राउंड में इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने वापसी करने की कोशिश की और भारतीय जोड़ी से एक अंक अधिक हासिल किया। हालांकि, शीतल और तोमन ने अपनी बढ़त बनाए रखी। अंतिम राउंड में दोनों टीमों ने 38-38 अंक हासिल किए, जिससे भारत ने तीन अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक जीत लिया।

क्वालिफिकेशन राउंड में बनाया विश्व रिकॉर्ड
भारतीय जोड़ी का प्रदर्शन केवल फाइनल तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल देवी और तोमन कुमार ने कुल 1,402 अंक हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने पिछले रिकॉर्ड को दो अंकों से पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ भारतीय जोड़ी प्रतियोगिता की शीर्ष वरीयता प्राप्त टीम बनी।

शीतल देवी ने एक दिन में जीते दो स्वर्ण
शीतल देवी के लिए गुरुवार का दिन बेहद यादगार रहा। मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने महिला व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में सिंगापुर की नूर स्याहिदाह अलीम को 142-138 से हराकर उन्होंने दिन का दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। शीतल देवी बिना हाथों के तीरंदाजी करने वाली भारतीय खिलाड़ी हैं। वह पैरों की मदद से धनुष संभालती हैं और अपनी विशेष तकनीक से सटीक निशाना लगाती हैं। उनका प्रदर्शन दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। शीतल और तोमन की इस उपलब्धि ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा और क्षमता को साबित किया है।
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