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सौरभ गांगुली ने जताई नाराजगी, कहा -जिस कोच के नेतृत्व में टीम वैश्विक टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची, उन्हें पद पर बरकरार नहीं रखा गया

Ritisha Jaiswal
22 May 2021 10:03 AM IST
सौरभ गांगुली ने जताई नाराजगी, कहा -जिस कोच के नेतृत्व में टीम वैश्विक टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची, उन्हें पद पर बरकरार नहीं रखा गया
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने डब्ल्यू. वी रमन को भारतीय महिला टीम के कोच पद पर बरकरार नहीं रखे जाने को लेकर नाराजगी जताई है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने डब्ल्यू. वी रमन को भारतीय महिला टीम के कोच पद पर बरकरार नहीं रखे जाने को लेकर नाराजगी जताई है. ऐसा समझा जाता है कि टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने रमन की शिकायत की थी लेकिन बीसीसीआई के अध्यक्ष का मानना है कि रमन को पद पर बनाए रखना चाहिए था

सौरभ गांगुली ने जताई नाराजगी
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, गांगुली (Sourav Ganguly) ने आधिकारिक रूप से इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज रमन को क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने महिला टीम के कोच पद पर बरकरार नहीं रखा था और उनकी जगह रमेश पवार को टीम का नया कोच बनाया था.
गांगुली (Sourav Ganguly) ने पवार के चयन को लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जिस कोच के नेतृत्व में टीम वैश्विक टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची, उन्हें पद पर बरकरार नहीं रखा गया.
डब्ल्यूवी रमन ने गांगुली को लिखा था पत्र
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन (WV Raman) ने राष्ट्रीय टीम पर आरोप लगाए थे. उन्होंने इस वजह से बीसीसीआई (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली को ई-मेल लिखा था. उन्होंने आरोप लगाए थे कि राष्ट्रीय टीम में 'आत्मदंभी संस्कृति' है और इसे बदलने की जरूरत है. बता दें कि पूर्व क्रिकेटर मदन लाल की अगुवाई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने एक आश्चर्यचकित करने वाला फैसला लेते हुए राष्ट्रीय महिला टीम के कोच के लिए रमन की जगह रमेश पोवार का चयन किया.
भारत ने 2020 में हुए टी 20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था. भारतीय महिला टीम को इस साल मार्च में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज में भी हार का सामना करना पड़ा था.बता दें कि महिला क्रिकेट में जो लोग शामिल हैं, उन्होंने कहा कि गांगुली को सीएसी के फैसला का सम्मान करना चाहिए. गांगुली को पता होना चाहिए कि सीएसी एक स्वतंत्र संस्था है.


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