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नागोया: भारतीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने रविवार से शुरू होने वाले पैरा एशियाई खेलों के लिए टीम की तैयारियों और उनके शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, "भारत का लक्ष्य लगभग 100 पदक जीतने का है।"
18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पांचवें संस्करण में भारत ने 168 एथलीटों का दल भेजा है। भारतीय टीम 11 खेलों में हिस्सा लेगी। टीम का लक्ष्य 2023 में हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर करना है, जहां भारत ने रिकॉर्ड 111 पदक (29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य) जीते थे और कुल पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। उद्घाटन समारोह से पहले सत्यनारायण ने कहा कि भारतीय एथलीट पूरे जोश में हैं और अपनी तैयारियों को नतीजों में बदलने के लिए उत्सुक हैं। भारत के पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।
सत्यनारायण ने कहा, "हमारा लक्ष्य भारत के लिए लगभग 100 पदक जीतना है, और हमें पूरा विश्वास है कि हमारे एथलीटों में इसे हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। पैरा एथलेटिक्स हमारे पदक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। हमें उम्मीद है कि कल एथलेटिक्स में हम छह पदक जीतेंगे, जिनमें दो से तीन स्वर्ण पदक शामिल हो सकते हैं। निषाद कुमार भी अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं; हमें उम्मीद है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और शायद खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे। हमारे अभियान की मजबूत शुरुआत के लिए ये बेहतरीन मौके हैं।"
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने आगे कहा, "मुकाबला कड़ा होगा क्योंकि इसमें पूरे एशिया के बेहतरीन एथलीट हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन हमारे एथलीट पूरी तरह तैयार हैं। उनका पूरा ध्यान अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने, पदक जीतने और देश का मान बढ़ाने पर है।"
"नागोया में की गई सभी व्यवस्थाओं से एथलीट बहुत खुश हैं। यहां की सुविधाएं, रहने की जगह और हर तरह के सहयोग ने टीम के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है। एथलीट पूरी तरह सहज और प्रेरित हैं, और उनका पूरा ध्यान अपने-अपने इवेंट्स पर है।" उन्होंने कहा, "दल में आत्मविश्वास की भावना बहुत प्रबल है, और हर कोई देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक है।"
भारत के पैरा-एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। इस दल में अनुभवी पदक विजेताओं के साथ-साथ ऐसे उभरते हुए खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो इस बड़े महाद्वीपीय आयोजन में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं।
भारतीय दल में कई प्रमुख नाम शामिल हैं, जिनमें जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल, पैरा-बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा-शूटर अवनि लेखरा, पैरा-आर्चर शीतल देवी और स्प्रिंटर सिमरन शर्मा प्रमुख हैं। आने वाले सप्ताह में भारत के लक्ष्यों को हासिल करने में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन, और अन्य 11 खेलों में हिस्सा ले रहे एथलीटों का प्रदर्शन, बेहद अहम होगा।
आज नागोया के पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसमें खेलों की आधिकारिक शुरुआत के लिए पूरे एशिया से एथलीट और प्रतिनिधिमंडल इकट्ठा होंगे। इस समारोह में पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा भारतीय ध्वज थामेंगे और इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।
उद्घाटन समारोह के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाली प्रतिस्पर्धाओं की शुरुआत हो जाएगी, और भारतीय एथलीट अपनी तैयारियों के जोश को खेल के मैदान में भी बनाए रखने की कोशिश करेंगे। सोमवार से शुरू होने वाले एथलेटिक्स इवेंट्स भारत के लिए अपनी लय बनाने का एक बेहतरीन मौका होंगे। भारतीय टीम का लक्ष्य न केवल अपने पदकों की संख्या बढ़ाना है, बल्कि एशियाई पैरा-स्पोर्ट्स में देश की स्थिति को एक प्रमुख ताकत के रूप में और मजबूत करना भी है।
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