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कटड़ा: जम्मू-कश्मीर की युवा तीरंदाज संध्या ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तीरंदाजी अकादमी से जुड़ी संध्या ने खेलो इंडिया वुमेन नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में रजत पदक हासिल किया था। मार्च 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उनका चयन एशिया कप स्टेज-2 के लिए जूनियर भारतीय तीरंदाजी टीम में भी हुआ था। यह उपलब्धि उनके खेल सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रही।
अमर उजाला की तीन मार्च की रिपोर्ट में संध्या की उम्र 17 वर्ष बताई गई थी। उन्होंने 27 फरवरी से एक मार्च तक लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। उसी रिपोर्ट में एशिया कप स्टेज-2 का आयोजन इराक में होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, चयन की इस खबर को प्रतियोगिता में पदक जीतने की उपलब्धि से अलग रखना जरूरी है; उनके अंतरराष्ट्रीय परिणाम की पुष्टि यहां उपलब्ध नहीं है।
संध्या की उपलब्धि पर राष्ट्रीय तीरंदाजी टीम की कोच अभिलाषा चौधरी ने प्रसन्नता जताई थी। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। अकादमी की एक अन्य खिलाड़ी साइमा ने इसी राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया था। श्राइन बोर्ड प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ ने दोनों खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
राष्ट्रीय पदक और भारतीय टीम में चयन संध्या की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाते हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसी उपलब्धियां आगे के प्रशिक्षण और बड़े मंचों पर प्रदर्शन का अवसर बनती हैं। संध्या के सफर को प्रस्तुत करते समय उनकी प्रमाणित उपलब्धियों को केंद्र में रखना जरूरी है, ताकि मेहनत की कहानी सही तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचे।
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