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रोहित-ऋतुराज की फिफ्टी पार्टनरशिप, WI पर दबाव

Kavita2
3 Oct 2026 3:15 PM IST
रोहित-ऋतुराज की फिफ्टी पार्टनरशिप, WI पर दबाव
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IND vs WI। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए पारी को संभाल लिया है। पहले कुछ रनों के भीतर शुभमन गिल और विराट कोहली के विकेट गंवाने के बाद भारतीय टीम दबाव में थी, लेकिन रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभालते हुए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी कर ली है। दोनों बल्लेबाजों की धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी से भारत ने पारी को दोबारा पटरी पर ला दिया है और अब वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ने लगा है।

तीसरे वनडे में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत उस तरह नहीं रही जैसी उम्मीद थी। शुभमन गिल जल्दी पवेलियन लौट गए और इसके तुरंत बाद विराट कोहली भी बिना खाता खोले आउट हो गए। भारत के दो प्रमुख बल्लेबाजों के शुरुआती चरण में आउट होने के बाद रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी संभालने की जिम्मेदारी उठाई।

50 रन की साझेदारी से मिली राहत

रोहित और ऋतुराज ने शुरुआत में जोखिम लेने के बजाय विकेट बचाने पर ध्यान दिया। दोनों ने खराब गेंदों का इंतजार किया और स्ट्राइक रोटेट करते हुए स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे दोनों के बीच तालमेल बेहतर होता गया और साझेदारी ने 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया।

भारत के लिए यह साझेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती दो विकेट बेहद कम स्कोर पर गिर गए थे। ऐसे समय में एक और विकेट गिरता तो वेस्टइंडीज पूरी तरह मैच पर दबाव बना सकता था। रोहित और ऋतुराज ने फिलहाल ऐसा होने नहीं दिया है।

दोनों बल्लेबाज क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए गेंदबाजों पर नियंत्रण बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऋतुराज धैर्य के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ा रहे हैं।

रोहित ने संभाला एक छोर

रोहित शर्मा के ऊपर इस समय भारतीय पारी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पिछले मुकाबले में शतक लगाने के बाद उनकी फॉर्म को लेकर काफी चर्चा थी और तीसरे मैच में भी उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। शुरुआती विकेट गिरने के बाद रोहित ने आक्रामक शॉट्स के बजाय पारी को संभालना चुना।

रोहित का अनुभव भारत के लिए इस स्थिति में बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। वह गेंद की लाइन और लेंथ को अच्छी तरह समझते हुए शॉट का चयन कर रहे हैं। जैसे-जैसे गेंद पुरानी होगी, बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां आसान हो सकती हैं और रोहित अपने शॉट्स में और तेजी ला सकते हैं।

ऋतुराज को मिला अहम मौका

ऋतुराज गायकवाड़ के लिए भी यह पारी काफी महत्वपूर्ण है। उन्हें टीम में मौका मिला है और शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद उनके सामने खुद को साबित करने का अवसर आया है। उन्होंने रोहित का साथ देते हुए जिम्मेदारी से बल्लेबाजी की है।

गायकवाड़ ने शुरुआती समय में डिफेंस को प्राथमिकता दी और धीरे-धीरे रन बनाना शुरू किया। उनकी यह पारी भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि टीम को मध्यक्रम तक पहुंचने से पहले एक मजबूत साझेदारी की जरूरत थी।

अगर ऋतुराज इसी तरह क्रीज पर बने रहते हैं तो भारत के पास आगे के ओवरों में रन गति बढ़ाने का मौका होगा।

वेस्टइंडीज के गेंदबाजों का दबाव कम हुआ

शुरुआत में दो विकेट लेने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाज काफी उत्साहित थे। नई गेंद से उन्हें स्विंग और सीम का फायदा मिला और गिल तथा कोहली के विकेट भी हासिल हुए। लेकिन रोहित और ऋतुराज की साझेदारी के बाद गेंदबाजों का शुरुआती दबाव कम हुआ है।

अब वेस्टइंडीज को दो अनुभवी बल्लेबाजों के खिलाफ नई रणनीति अपनानी होगी। फील्डिंग में बदलाव और गेंदबाजों के स्पेल का सही इस्तेमाल उसके लिए महत्वपूर्ण होगा। अगर यह साझेदारी ज्यादा लंबी होती है तो मैच में भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो सकती है।

पिछले मैच में भारत का रहा था दबदबा

भारत इस सीरीज के पहले दो मुकाबले जीत चुका है। पहले वनडे में टीम ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराया था। इसके बाद गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में भी भारत ने आठ विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 405 रन बनाए थे और भारत ने 406 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया।

दूसरे मैच में शुभमन गिल ने नाबाद 223 रन की शानदार पारी खेली थी, जबकि रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे। यह भारत की वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी सफल रन चेज में से एक रही।

यही कारण है कि तीसरे वनडे में भी भारतीय बल्लेबाजी से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि शुरुआत में गिल और कोहली के विकेट गिरने से स्थिति बदल गई, लेकिन रोहित और गायकवाड़ की साझेदारी ने टीम को फिर से संभाल लिया है।

सीरीज में 2-0 से आगे है भारत

तीन मैचों की वनडे सीरीज भारत पहले ही अपने नाम कर चुका है। अब तीसरे मैच में टीम के पास क्लीन स्वीप का मौका है। भारत लगातार 2-0 से आगे है और तीसरी जीत उसे सीरीज में 3-0 की बढ़त देगी।

हालांकि वेस्टइंडीज के लिए भी यह मुकाबला महत्वपूर्ण है। टीम की कोशिश होगी कि सीरीज का अंत कम से कम एक जीत के साथ किया जाए। ऐसे में शुरुआती दो विकेट मिलने के बाद मेहमान टीम भारत को दबाव में रखने की कोशिश कर रही होगी।

रोहित के नाम बड़ी उपलब्धि

मुकाबले के दौरान रोहित शर्मा ने एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की है। तीसरे वनडे में उन्होंने वनडे क्रिकेट में बतौर सलामी बल्लेबाज 10,000 रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बने। इससे पहले वह वनडे करियर में 12,000 रन का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं।

रोहित के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब उन्हें टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी भी निभानी थी। अब उनकी नजर साझेदारी को और बड़ा करने पर होगी।

नए चंडीगढ़ में खेला जा रहा पहला पुरुष वनडे

यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस मैदान पर यह पहला पुरुष वनडे है। मैच से पहले उपलब्ध रिपोर्टों में पिच के बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में एक बार सेट होने के बाद बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है।

भारत ने सीरीज पहले ही जीत ली है, इसलिए टीम प्रबंधन की नजर कुछ खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देने पर भी है। ऋतुराज गायकवाड़ सहित कई खिलाड़ियों को इस मैच में अपनी जगह मजबूत करने का अवसर मिला है।

आगे की पारी होगी अहम

फिलहाल रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ की अर्धशतकीय साझेदारी भारत के लिए सबसे बड़ी राहत है। शुरुआती दो विकेट गंवाने के बाद दोनों ने न केवल विकेट बचाए बल्कि टीम को स्थिरता भी दी। अब भारत की कोशिश होगी कि यह साझेदारी और लंबी हो तथा टीम बड़े स्कोर की नींव तैयार करे।

वेस्टइंडीज को इस साझेदारी को तोड़ने के लिए जल्द विकेट निकालना होगा। अगर रोहित और ऋतुराज अगले कुछ ओवरों में भी टिके रहते हैं तो भारत के पास तेजी से रन बनाने का मौका होगा। दूसरी ओर, भारत के बाकी बल्लेबाजों के पास भी पर्याप्त समय है कि वे बाद के ओवरों में रन गति बढ़ा सकें।

तीसरे वनडे में शुरुआती झटकों के बाद मुकाबला अब अलग दिशा में बढ़ रहा है। रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच अर्धशतकीय साझेदारी पूरी हो चुकी है और दोनों ने भारतीय पारी को संभाल लिया है। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को अब एक ऐसी साझेदारी तोड़नी होगी जिसने भारत को शुरुआती संकट से बाहर निकाल दिया है। आने वाले ओवर तय करेंगे कि यह साझेदारी भारत को कितने बड़े स्कोर तक पहुंचाती है।

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