
IND vs WI। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा शानदार बल्लेबाजी के बावजूद शतक पूरा करने से चूक गए। रोहित 92 रन बनाकर आउट हुए। वह अपने शतक से महज आठ रन दूर रह गए। उनके आउट होने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ और केएल राहुल क्रीज पर मौजूद हैं और अब इन दोनों बल्लेबाजों पर भारतीय पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
भारतीय पारी की शुरुआत इस मुकाबले में बेहद मुश्किल रही थी। टीम ने कम स्कोर पर शुभमन गिल और विराट कोहली के विकेट गंवा दिए थे। दो बड़े बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भारत पर दबाव बना दिया था। उस मुश्किल समय में रोहित शर्मा ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर पारी को संभाला।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की। रोहित ने शुरुआत में संयम दिखाया और परिस्थितियों को समझने के बाद धीरे-धीरे अपने शॉट खेलने शुरू किए। दूसरी ओर ऋतुराज ने भी उनका पूरा साथ दिया। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को शुरुआती संकट से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे रोहित
रोहित शर्मा शुरुआत से ही अच्छी लय में नजर आए। दो विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने अपने स्वाभाविक खेल को पूरी तरह नहीं छोड़ा। शुरुआती समय में उन्होंने जोखिम कम लिया, लेकिन क्रीज पर जमने के बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया।
अर्धशतक पूरा करने के बाद रोहित ने रन गति बढ़ानी शुरू की। उनके बल्ले से कई शानदार शॉट देखने को मिले। जैसे-जैसे उनका स्कोर 90 के पार पहुंचा, भारतीय प्रशंसकों को एक और शतक की उम्मीद होने लगी।
रोहित 92 रन तक पहुंच चुके थे और शतक से सिर्फ आठ रन दूर थे, लेकिन इसी समय वेस्टइंडीज ने उनका विकेट हासिल कर लिया। रोहित के आउट होते ही भारतीय खेमे में निराशा देखने को मिली। हालांकि उनकी 92 रन की पारी ने टीम को उस स्थिति से बाहर निकाल दिया था, जहां शुरुआती विकेटों के बाद मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही थीं।
ऋतुराज के साथ अहम साझेदारी
रोहित की पारी में ऋतुराज गायकवाड़ के साथ उनकी साझेदारी सबसे अहम रही। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद दोनों बल्लेबाजों के सामने सबसे पहली चुनौती विकेट बचाने की थी।
रोहित और ऋतुराज ने पहले गेंदबाजों की शुरुआती लय को तोड़ा। दोनों ने विकेटों के बीच तेजी से रन दौड़े और सिंगल-डबल के जरिए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते रहे। इसके बाद खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया।
इस साझेदारी के दौरान भारतीय टीम पर बना शुरुआती दबाव धीरे-धीरे खत्म हो गया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को लंबे समय तक तीसरी सफलता नहीं मिली और भारत मुकाबले में वापस आ गया।
अब ऋतुराज पर बड़ी जिम्मेदारी
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद अब ऋतुराज गायकवाड़ की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। वह काफी समय से क्रीज पर मौजूद हैं और परिस्थितियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं।
सेट बल्लेबाज होने के कारण टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। रोहित के विकेट के तुरंत बाद अगर भारत एक और विकेट गंवा देता है तो वेस्टइंडीज फिर से दबाव बनाने की स्थिति में आ सकता है।
ऐसे में ऋतुराज को एक छोर संभालकर रखना होगा। साथ ही उन्हें रन गति भी बनाए रखनी होगी ताकि भारत मजबूत स्कोर की ओर बढ़ता रहे।
केएल राहुल क्रीज पर
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद केएल राहुल बल्लेबाजी के लिए आए हैं। राहुल के पास वनडे क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और वह मध्यक्रम में परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी की गति बदलने की क्षमता रखते हैं।
इस समय उनकी पहली जिम्मेदारी ऋतुराज के साथ एक नई साझेदारी बनाने की होगी। दोनों बल्लेबाज अगर कुछ ओवर तक बिना विकेट गंवाए खेलते हैं तो भारत फिर से मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है।
राहुल शुरुआत में गेंद को समझने की कोशिश करेंगे। एक बार क्रीज पर जमने के बाद वह बड़े शॉट खेलने की क्षमता भी रखते हैं। भारतीय टीम चाहेगी कि वह ऋतुराज के साथ मिलकर पारी को अंतिम ओवरों तक लेकर जाएं।
वेस्टइंडीज को मिली बड़ी सफलता
रोहित शर्मा का विकेट वेस्टइंडीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण सफलता है। वह पूरी तरह सेट हो चुके थे और शतक के करीब थे। अगर रोहित कुछ और ओवर क्रीज पर रहते तो अंतिम ओवरों में भारतीय टीम तेजी से रन बना सकती थी।
उनके विकेट ने वेस्टइंडीज को मैच में वापसी का मौका दिया है। अब मेहमान टीम की कोशिश ऋतुराज या राहुल को भी जल्द आउट करने की होगी।
लगातार दो विकेट मिलने की स्थिति में भारत पर एक बार फिर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले कुछ ओवर दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
रोहित की पारी ने रखी मजबूत नींव
भले ही रोहित शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी 92 रन की पारी भारतीय टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई। जिस समय उन्होंने पारी संभाली थी, उस समय टीम शुरुआती झटकों से जूझ रही थी।
उन्होंने पहले पारी को स्थिर किया और फिर रन गति बढ़ाई। उनकी बल्लेबाजी के कारण मध्यक्रम के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
वनडे क्रिकेट में शतक से चूकना किसी भी बल्लेबाज के लिए निराशाजनक होता है, लेकिन टीम के नजरिए से रोहित की पारी काफी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने दबाव की स्थिति में रन बनाए और टीम को संकट से बाहर निकाला।
ऋतुराज-राहुल से बड़ी साझेदारी की उम्मीद
रोहित के आउट होने के बाद अब भारतीय टीम की नजर ऋतुराज और राहुल की साझेदारी पर है। दोनों के पास लंबी पारी खेलने की क्षमता है।
ऋतुराज पहले से क्रीज पर सेट हैं, जबकि राहुल को परिस्थितियों के अनुसार अपनी पारी तैयार करनी होगी। अगर दोनों बल्लेबाज साझेदारी बनाने में सफल रहते हैं तो भारत अंतिम 10-15 ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी कर सकता है।
विकेट हाथ में रहने की स्थिति में भारतीय बल्लेबाज अंतिम ओवरों में तेजी से रन जोड़ सकते हैं। इसलिए इस समय अनावश्यक जोखिम से बचना भी जरूरी होगा।
अंतिम ओवरों के लिए मंच तैयार
रोहित की 92 रन की पारी ने भारतीय टीम के लिए मजबूत मंच तैयार कर दिया है। शुरुआती दो विकेटों के बाद जिस तरह से उन्होंने ऋतुराज के साथ साझेदारी बनाई, उसने भारत को मुकाबले में वापस ला दिया।
अब मध्यक्रम के बल्लेबाजों के सामने इस नींव का फायदा उठाने की चुनौती है। भारत चाहेगा कि अंतिम ओवरों तक कम से कम एक सेट बल्लेबाज क्रीज पर रहे।
अगर ऋतुराज अंत तक बल्लेबाजी करते हैं और राहुल उनका साथ देते हैं तो भारतीय टीम बड़े स्कोर तक पहुंच सकती है।
फिलहाल मुकाबले की बड़ी खबर यही है कि रोहित शर्मा 92 रन बनाकर आउट हो गए हैं और महज आठ रन से शतक से चूक गए। उनके आउट होने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ और केएल राहुल क्रीज पर हैं। अब दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर भारत की आगे की पारी काफी हद तक निर्भर करेगी।
रोहित भले ही व्यक्तिगत शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी 92 रन की पारी ने शुरुआती झटकों के बाद भारत को संभालने में अहम भूमिका निभाई है। अब ऋतुराज और राहुल के सामने इस मजबूत आधार को बड़े स्कोर में बदलने की जिम्मेदारी है।





