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नई दिल्ली। रणजी ट्रॉफी के पहले राउंड के मुकाबलों में रविवार को कई भारतीय क्रिकेटरों ने शानदार प्रदर्शन किया। रिंकू सिंह, रविचंद्रन स्मरण और यश राठौड़ ने बेहतरीन शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। वहीं, अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, युवा ऑलराउंडर मुशीर खान और रवींद्र जडेजा भी अपने प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे। हालांकि, भारतीय टेस्ट टीम के नियमित बल्लेबाज केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के लिए दिन निराशाजनक रहा। राहुल महज चार रन बनाकर आउट हुए, जबकि जायसवाल अपना खाता भी नहीं खोल सके।रविवार को खेले गए मुकाबलों में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा क्रिकेटरों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के रिंकू सिंह और विदर्भ के यश राठौड़ ने मुश्किल परिस्थितियों में शतकीय पारियां खेलकर अपनी टीमों को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
रिंकू सिंह ने जड़ा शानदार शतक
एलीट ग्रुप ए में उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच खेले गए मुकाबले में रिंकू सिंह ने शानदार बल्लेबाजी की। बिहार ने टॉस जीतकर उत्तर प्रदेश को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया।उत्तर प्रदेश की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने 85 रन के स्कोर पर अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इस स्थिति में बिहार के गेंदबाजों ने मुकाबले पर पकड़ बनाने की कोशिश की।हालांकि, इसके बाद माधव कौशिक और रिंकू सिंह ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए दोहरे शतक की नाबाद साझेदारी की।रिंकू सिंह ने 164 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 109 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी के साथ जरूरत पड़ने पर आक्रामक शॉट भी लगाए।रिंकू की इस पारी ने उत्तर प्रदेश को शुरुआती झटकों से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
माधव कौशिक ने बनाए नाबाद 124 रन
रिंकू सिंह के साथ बल्लेबाजी कर रहे माधव कौशिक ने भी शानदार शतक लगाया। उन्होंने 252 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 124 रन बनाए।कौशिक की पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उन्होंने एक छोर संभालकर रखा और बिहार के गेंदबाजों को लगातार सफलता हासिल करने से रोका।रिंकू और कौशिक की साझेदारी की बदौलत उत्तर प्रदेश ने 85 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद दिन का खेल समाप्त होने तक 287 रन बना लिए।दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए 202 रन की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने मुकाबले की स्थिति बदल दी।उत्तर प्रदेश ने दिन का खेल 287 रन पर तीन विकेट के साथ समाप्त किया। रिंकू सिंह और माधव कौशिक दोनों क्रीज पर नाबाद लौटे।
विदर्भ की खराब शुरुआत, 54 रन पर गिरे पांच विकेट
एलीट ग्रुप ए के एक अन्य मुकाबले में विदर्भ और पुडुचेरी की टीमें आमने-सामने थीं। विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन उसकी शुरुआत बेहद खराब रही।पुडुचेरी के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और विदर्भ के शीर्ष क्रम को जल्दी पवेलियन भेज दिया।एक समय विदर्भ का स्कोर महज 54 रन पर पांच विकेट हो गया था। इस स्थिति में टीम के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना मुश्किल दिखाई दे रहा था।पुडुचेरी की ओर से विजय राजा और गौरव यादव ने शानदार गेंदबाजी की। विजय राजा ने 47 रन देकर दो विकेट हासिल किए, जबकि गौरव यादव ने 61 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया।दोनों गेंदबाजों के प्रदर्शन ने विदर्भ को शुरुआती झटके दिए। हालांकि, इसके बाद विदर्भ के बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।
यश राठौड़ ने खेली नाबाद 131 रन की पारी
विदर्भ के लिए यश राठौड़ ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।उन्होंने 167 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 131 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा।राठौड़ ने उस समय जिम्मेदारी संभाली, जब विदर्भ की आधी टीम केवल 54 रन पर पवेलियन लौट चुकी थी।उन्होंने कप्तान अक्षय वाडकर के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और पुडुचेरी के गेंदबाजों के खिलाफ मजबूत साझेदारी की।यश राठौड़ की इस पारी ने विदर्भ को मुकाबले में वापसी करने का अवसर दिया।
कप्तान अक्षय वाडकर ने भी लगाया शतक
विदर्भ के कप्तान अक्षय वाडकर ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 112 रन बनाए।वाडकर ने अपनी पारी में 225 गेंदों का सामना किया और 13 चौके लगाए। उन्होंने यश राठौड़ के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 246 रन की नाबाद साझेदारी की।दोनों बल्लेबाजों की शानदार पारियों की बदौलत विदर्भ ने 54 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद दिन का खेल समाप्त होने तक 300 रन बना लिए।तीन बार की रणजी ट्रॉफी चैंपियन विदर्भ के लिए यह शानदार वापसी रही। दिन का खेल समाप्त होने पर टीम का स्कोर 300 रन पर पांच विकेट था।
केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल रहे नाकाम
रविवार का दिन भारतीय टेस्ट टीम के दो प्रमुख बल्लेबाजों के लिए अच्छा नहीं रहा।कर्नाटक की ओर से खेल रहे केएल राहुल केवल चार रन बनाकर आउट हो गए। वहीं, मुंबई के लिए बल्लेबाजी करने उतरे यशस्वी जायसवाल खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए।दोनों बल्लेबाजों से घरेलू क्रिकेट में बड़ी पारियों की उम्मीद थी, लेकिन वे इस मौके का फायदा नहीं उठा सके।राहुल और जायसवाल की असफलता के बीच अन्य बल्लेबाजों ने शानदार शतक लगाकर ध्यान आकर्षित किया।
शमी, मुशीर और जडेजा भी चर्चा में
रविवार को रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में मोहम्मद शमी, मुशीर खान और रवींद्र जडेजा के प्रदर्शन ने भी ध्यान खींचा।इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने घरेलू क्रिकेट के पहले राउंड को और दिलचस्प बनाया। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इनके व्यक्तिगत आंकड़ों का उल्लेख नहीं किया गया है।रविचंद्रन स्मरण ने भी शतक लगाकर अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उनकी पारी के विस्तृत आंकड़े उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं।रणजी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का प्रमुख प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट है, जिसमें अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ उभरते क्रिकेटरों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।रविवार के मुकाबलों में रिंकू सिंह, माधव कौशिक, यश राठौड़ और अक्षय वाडकर की शतकीय पारियां प्रमुख आकर्षण रहीं। उत्तर प्रदेश और विदर्भ ने शुरुआती झटकों से उबरकर मजबूत स्कोर खड़े किए, जबकि केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
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