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T20 के बढ़ते दबदबे से वनडे क्रिकेट पर मंडराया संकट रिकी पोंटिंग चिंतित

nidhi
9 Sept 2026 9:58 AM IST
T20 के बढ़ते दबदबे से वनडे क्रिकेट पर मंडराया संकट रिकी पोंटिंग चिंतित
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वनडे क्रिकेट T20 के दबाव पर रिकी पोंटिंग ने जताई चिंता

नई दिल्ली: दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही T20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीगों के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर के मुकाबलों की संख्या लगातार कम हो सकती है। पोंटिंग ने कहा कि उन्हें यह बदलाव पसंद नहीं है, लेकिन मौजूदा क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए इसे रोकना मुश्किल नजर आता है।

फ्रेंचाइजी क्रिकेट ने बदली तस्वीर
IPL समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में T20 फ्रेंचाइजी लीगों की संख्या बढ़ी है। पोंटिंग के मुताबिक जैसे-जैसे T20 क्रिकेट और नई फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताएं बढ़ेंगी, अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में किसी न किसी फॉर्मेट को जगह कम देनी पड़ेगी। उनके अनुसार इसका सबसे ज्यादा असर वनडे क्रिकेट पर पड़ने की आशंका है।
आंकड़े भी इस बदलाव की ओर इशारा करते हैं। जनवरी 2021 के बाद भारत ने 82 वनडे के मुकाबले 126 T20I खेले, जबकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने क्रमशः 68 और 64 वनडे के मुकाबले 88-88 T20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
पोंटिंग बोले वनडे कम होना लगभग तय
पोंटिंग ने कहा कि समय बीतने के साथ T20 क्रिकेट का विस्तार हो रहा है और दुनिया भर में फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट बढ़ रहे हैं। ऐसे में 50 ओवर का क्रिकेट कम खेला जाना लगभग अपरिहार्य दिखाई देता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह व्यक्तिगत रूप से इस स्थिति के पक्ष में नहीं हैं।
वनडे क्रिकेट से पोंटिंग का खास जुड़ाव रहा है। उन्होंने अपने करियर में 375 वनडे खेले और 13,704 रन बनाए। उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2003 और 2007 में लगातार दो वनडे विश्व कप भी जीते थे।
टेस्ट क्रिकेट को लेकर पोंटिंग आश्वस्त
वनडे के भविष्य को लेकर चिंतित पोंटिंग टेस्ट क्रिकेट को लेकर ज्यादा आश्वस्त दिखाई दिए। उनका मानना है कि भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े क्रिकेट देश जब तक टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाए रखना चाहेंगे, तब तक यह फॉर्मेट अपनी अहमियत बनाए रखेगा।
ऐसे में व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और T20 लीगों के बीच सबसे ज्यादा दबाव वनडे क्रिकेट पर पड़ सकता है।
विश्व कप से बनी हुई है वनडे की अहमियत
वनडे क्रिकेट के सामने द्विपक्षीय सीरीज की संख्या कम होने की चुनौती जरूर है, लेकिन ICC वनडे विश्व कप इसकी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। अगला पुरुष वनडे विश्व कप 2027 में होना है। इसके अलावा चैंपियंस ट्रॉफी भी 50 ओवर के फॉर्मेट को वैश्विक मंच देती है।
पोंटिंग की चिंता ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में यह बहस तेज कर दी है कि T20 की लोकप्रियता और आर्थिक ताकत के बीच वनडे क्रिकेट को कैसे बचाया जाए। फिलहाल वनडे क्रिकेट खत्म होने की बात कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में उसकी घटती हिस्सेदारी भविष्य के लिए बड़ी चुनौती जरूर बनती दिखाई दे रही है।
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