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RCB को दो IPL खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार T20I टीम से बाहर, चयन पर उठे सवाल

Kavita2
7 Jun 2026 11:30 AM IST
RCB को दो IPL खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार T20I टीम से बाहर, चयन पर उठे सवाल
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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर चयन प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को लगातार दो इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) खिताब दिलाने वाले कप्तान रजत पाटीदार को भारतीय T20 अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी गई है। इसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति ने हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स के लिए टीम की घोषणा की। इस चयन में कई बड़े बदलाव किए गए, लेकिन मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रजत पाटीदार का नाम टीम में शामिल नहीं किया गया।

पाटीदार ने IPL 2025 और 2026 में RCB की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें भारतीय T20 टीम में मौका मिलेगा, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।

टीम चयन में कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है, जिसमें वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया गया है। इसके अलावा नेतृत्व में भी बदलाव करते हुए सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। हालांकि, पाटीदार जैसे अनुभवी और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी की गैरमौजूदगी ने चर्चा को और बढ़ा दिया है।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए BCCI चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कहा कि टीम में सीमित स्थान होते हैं और केवल 15 खिलाड़ियों का चयन किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योग्य खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना संभव नहीं होता, इसलिए चयन में कठिन फैसले लेने पड़ते हैं।

हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार दो IPL खिताब जिताने वाले कप्तान को नजरअंदाज करना चयन नीति पर सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया पर भी प्रशंसकों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है और पाटीदार को टीम में शामिल करने की मांग की है।

भारतीय क्रिकेट में चयन हमेशा से चर्चा का विषय रहा है, लेकिन इस बार मामला इसलिए भी ज्यादा सुर्खियों में है क्योंकि पाटीदार ने बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम को सफलता दिलाई है।

अब देखना होगा कि आने वाले समय में चयनकर्ता इस फैसले पर पुनर्विचार करते हैं या नहीं, लेकिन फिलहाल यह मुद्दा भारतीय क्रिकेट में बहस का केंद्र बना हुआ है।

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