
Sports स्पोर्ट्स: राजस्थान रॉयल्स के लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने शनिवार को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच में शानदार प्रदर्शन कर टीम को छह विकेट से जीत दिलाई। इस जीत के साथ बिश्नोई ने अपनी पिछली कमजोरी को अपनी ताकत में बदलने का उदाहरण पेश किया।
पिछले IPL सीजन में बिश्नोई का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। उन्होंने 11 मैचों में केवल 9 विकेट लिए थे, जिसके बाद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें रिलीज़ कर दिया था। 25 साल के इस युवा खिलाड़ी ने अपनी लेंथ सुधारने के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट में कड़ी मेहनत की और अब इसका फायदा उन्हें गुजरात के खिलाफ मैच में मिला।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतते हुए बिश्नोई ने कहा, "पिछला सीजन मेरे लिए मुश्किल था। मेरी एक कमजोरी थी—अगर मेरी लेंथ सही नहीं होती थी, तो बैट्समैन मेरे ऊपर आसानी से चौके और छक्के लगा देते थे। मैंने पूरे डोमेस्टिक सीजन में अपनी लेंथ पर काम किया और उसे परफेक्ट किया।"
मैच में बिश्नोई ने अपनी रणनीति का असर दिखाते हुए साई सुदर्शन, ग्लेन फिलिप्स, और वाशिंगटन सुंदर को विकेट लेकर विरोधी टीम को परेशान किया। सबसे अहम विकेट राहुल तेवतिया का था, जिसे उन्होंने मैच के निर्णायक पल में आउट किया। बिश्नोई ने कहा, "राहुल एक फिनिशर हैं। उनका विकेट उस समय लेना बेहद अहम था, नहीं तो गेम किसी भी दिशा में जा सकता था।"
राजस्थान के लिए यह जीत नर्वस रही, क्योंकि गुजरात ने 211 रन का पीछा करते हुए आखिरी दो ओवरों में 15 रन बनाने थे और उनके पास तीन विकेट बाकी थे। जोफ्रा आर्चर ने सेकंड लास्ट ओवर में सिर्फ चार रन दिए, जबकि तुषार देशपांडे ने आखिरी ओवर में भी चार रन देकर विपक्षी टीम को रोक दिया। इस नर्वस जीत के बाद राजस्थान को दो मैचों में चार पॉइंट्स मिल गए हैं। दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के भी चार पॉइंट्स हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण राजस्थान शीर्ष पर है।
बिश्नोई के प्रदर्शन ने उनकी टीम के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। पिछले सीजन की कमजोरियों को सुधारने और अपनी लेंथ पर काम करने के बाद उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। कप्तान और कोच ने भी उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनकी स्ट्रेटेजिक गेंदबाज़ी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
इस मैच ने यह भी साबित किया कि IPL में मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार कितना फर्क डाल सकते हैं। बिश्नोई ने यह दिखाया कि पिछली हार और आलोचनाओं से सीख लेकर खिलाड़ी अपनी कमजोरी को ताकत में बदल सकता है और बड़े मैच में टीम को जीत दिला सकता है।





