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राधा यादव की क्रिकेट अकादमी के लिए जमीन की मांग, नगर निगम को सौंपा प्रस्ताव

nidhi
24 Oct 2026 7:37 AM IST
राधा यादव की क्रिकेट अकादमी के लिए जमीन की मांग, नगर निगम को सौंपा प्रस्ताव
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यूसुफ पठान के बाद राधा यादव के लिए भूखंड की मांग
वडोदरा: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्पिनर राधा यादव के लिए गुजरात के वडोदरा में क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के उद्देश्य से जमीन आवंटित करने की मांग उठी है। पूर्व नगर पार्षद बंदिश शाह ने नगर निगम को प्रस्ताव सौंपने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि इस पहल से स्थानीय बच्चों और युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। फिलहाल यह जमीन आवंटन की मांग है। अकादमी के लिए भूखंड मिलने या निर्माण शुरू होने की अंतिम मंजूरी की पुष्टि नहीं हुई है।
बंदिश शाह ने शुक्रवार को बताया कि नगर निगम की टाउन प्लानिंग योजना के अंतर्गत खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उनके अनुसार, राधा यादव से जुड़ी प्रस्तावित सुविधा का उद्देश्य शहर में क्रिकेट प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने वडोदरा को खेल नगरी के रूप में विकसित करने की सामूहिक परिकल्पना का उल्लेख किया। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के अनुभव का लाभ स्थानीय प्रतिभाओं तक पहुंचाने की बात रखी गई है। नगर निगम के निर्णय के बाद ही इसकी आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रस्तावकों का कहना है कि मैदान और प्रशिक्षण सुविधा का विकास वे अपने खर्च पर करना चाहते हैं। नगर निगम को जमीन का किराया देने की भी पेशकश की गई है। शाह के अनुसार, मुफ्त सहायता मांगना इस पहल का उद्देश्य नहीं है। उनका तर्क है कि बच्चों को ऐसी जगह उपलब्ध होनी चाहिए, जहां नियमित क्रिकेट अभ्यास किया जा सके। हालांकि, किराये की राशि, जमीन का क्षेत्रफल, प्रस्तावित स्थान और संचालन की शर्तों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है। इन विषयों पर प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान निर्णय होना बाकी है। नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष वर्षा व्यास ने कहा कि उन्हें फिलहाल ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राधा यादव की ओर से प्रस्ताव आने पर विचार किया जाएगा। इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि प्रस्ताव सौंपे जाने संबंधी दावे और निगम के स्तर पर औपचारिक विचार की स्थिति में अंतर है। इसलिए अभी अकादमी के निर्माण की तारीख या जमीन आवंटन को निश्चित मानना उचित नहीं होगा। अगला महत्वपूर्ण कदम निगम के समक्ष प्रस्ताव की औपचारिक स्थिति स्पष्ट होना है।
आउटडोर मैदान की मांग प्रशिक्षण की जरूरत को सामने रखती है। क्रिकेट में नेट अभ्यास के साथ खुले मैदान पर फील्डिंग, कैचिंग, विकेटों के बीच दौड़ और मैच परिस्थितियों का अभ्यास भी महत्वपूर्ण होता है। किसी प्रशिक्षण केंद्र का वास्तविक लाभ उसकी नियमित उपलब्धता और अभ्यास की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा। प्रस्तावित अकादमी में कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी, कितने प्रशिक्षक जुड़ेंगे और बच्चों का प्रवेश किस प्रक्रिया से होगा, इसका विवरण अभी सामने नहीं आया है। ये बातें स्पष्ट होने पर परिवारों को प्रशिक्षण के अवसर का आकलन करने में मदद मिलेगी। राधा यादव बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज हैं। महिला प्रीमियर लीग के आधिकारिक परिचय में उनकी भूमिका गेंदबाज और बल्लेबाजी शैली दाएं हाथ की दर्ज है। अंतरराष्ट्रीय और पेशेवर क्रिकेट का अनुभव रखने वाली खिलाड़ी से जुड़ी प्रशिक्षण पहल स्थानीय स्तर पर रुचि पैदा कर सकती है। हालांकि, प्रस्ताव में उनका नाम शामिल होने और अकादमी के रोजमर्रा के संचालन में उनकी भूमिका के बीच स्पष्टता आवश्यक होगी। उपलब्ध जानकारी में प्रशिक्षण कार्यक्रम, उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी या प्रशिक्षक दल की नियुक्ति का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है।
यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को वडोदरा में नगर निगम की जमीन आवंटित करने का मामला चर्चा में है। पठान से संबंधित भूखंड तंदलजा इलाके में उनके पारिवारिक घर के पास स्थित है। उसका कुल क्षेत्रफल 978 वर्ग मीटर बताया गया है। सरकारी मंजूरी से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, इसमें 500 वर्ग मीटर हिस्सा उपहार स्वरूप और शेष 478 वर्ग मीटर हिस्सा निर्धारित मूल्यांकन की रियायती दर पर देने का प्रावधान रखा गया है।
पठान के भूखंड का मामला वर्षों पुराना है। उन्होंने 2012 में अपने घर के पास स्थित जमीन के लिए अनुरोध किया था। इसके बाद सरकारी अनुमति, कथित अतिक्रमण और न्यायालय में चुनौती से जुड़ी प्रक्रियाएं चलीं। नगर आयुक्त ने सरकारी मंजूरी मिलने के बाद भी कुछ शर्तें तय होने और नगर निकाय की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही थी। राधा के लिए उठी मांग का उद्देश्य क्रिकेट अभ्यास मैदान है, जबकि पठान का मामला आवासीय उपयोग की जमीन से संबंधित है। दोनों प्रस्तावों के उद्देश्य और शर्तों को अलग-अलग देखना जरूरी है। प्रस्तावित अकादमी पर आगे विचार होने की स्थिति में बच्चों की पहुंच, प्रशिक्षण शुल्क, मैदान के उपयोग के समय और रखरखाव जैसी बातें महत्वपूर्ण होंगी। सार्वजनिक जमीन से जुड़ी सुविधा में यह स्पष्ट होना उपयोगी रहेगा कि स्थानीय खिलाड़ियों को उसका लाभ किस तरह मिलेगा। अभी इन मुद्दों पर कोई अंतिम व्यवस्था घोषित नहीं हुई है। फिलहाल बंदिश शाह की मांग और नगर निगम की प्रतिक्रिया ही सामने है। जमीन की मंजूरी तथा संचालन का विस्तृत खाका तय होने के बाद ही अकादमी का स्वरूप और प्रशिक्षण शुरू होने की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।
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