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नई दिल्ली। एशियाई खेल 2026 में भारतीय कबड्डी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरुष टीम को स्वर्ण पदक जीतने और अपना खिताब बरकरार रखने पर बधाई दी है। राष्ट्रपति ने पुरुष और महिला दोनों टीमों के स्वर्ण पदक जीतने को भारत के लिए खास उपलब्धि बताते हुए ‘गोल्डन स्वीप’ की सराहना की। उन्होंने इस दोहरी सफलता के पीछे खिलाड़ियों के कौशल, संयम, मजबूती और टीमवर्क को अहम बताया।
शनिवार को खेले गए पुरुष कबड्डी के फाइनल में भारत ने ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा और ईरान ने भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।भारत की इस जीत के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को बधाई दी। उन्होंने महिला टीम की स्वर्णिम सफलता का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों टीमों की उपलब्धि खिलाड़ियों के कौशल, संयम, मजबूती और बेहतरीन टीमवर्क को दर्शाती है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में कहा, “एशियाई खेल 2026 में गोल्ड मेडल जीतने और सफलतापूर्वक अपना खिताब बचाने के लिए हमारी पुरुष कबड्डी टीम को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। महिला टीम के भी गोल्ड जीतने के साथ, भारत ने कबड्डी में ‘गोल्डन स्वीप’ हासिल कर लिया है।”उन्होंने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक दोहरी जीत टीमों के कौशल, संयम, मजबूती और बेहतरीन टीमवर्क का परिणाम है। राष्ट्रपति की ओर से खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना ऐसे समय में आई है, जब एशियाई खेलों में भारतीय दल अलग-अलग खेलों में पदक हासिल कर रहा है।कबड्डी में भारत के लिए 26 सितंबर का दिन विशेष रहा। महिला टीम ने दिन के पहले फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से मात देकर गोल्ड अपने नाम किया। इस तरह भारत ने एक ही दिन पुरुष और महिला दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किया।
दोनों टीमों के स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारत ने कबड्डी में अपने दोनों खिताब बरकरार रखे। एशियाई खेल 2026 में कबड्डी प्रतियोगिता 21 से 26 सितंबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित हुई। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के फाइनल 26 सितंबर को खेले गए।पुरुष टीम के लिए खिताब का बचाव करने की चुनौती शुरुआत से ही सामने थी। भारतीय टीम को ग्रुप ए में जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे के साथ रखा गया था। भारत ने ग्रुप चरण में जापान और दक्षिण कोरिया के खिलाफ जीत दर्ज की। दक्षिण कोरिया के खिलाफ भारत ने 63-31 से जीत हासिल की थी।
ग्रुप चरण में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा। जापान के खिलाफ अपने शुरुआती मुकाबले में भारत ने 49-24 से जीत दर्ज की थी। इस मैच में भारत ने पहले हाफ में 31-9 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद टीम ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए मुकाबला जीता।सेमीफाइनल में भी भारतीय पुरुष टीम ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 25 सितंबर को खेले गए मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 66-28 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में भारतीय रेडर्स और डिफेंडर्स ने मिलकर टीम को बड़ी जीत दिलाई।
फाइनल में भारत का सामना ईरान से हुआ। ईरान एशियाई कबड्डी में मजबूत टीमों में शामिल है और फाइनल में उसने भारतीय टीम के सामने चुनौती रखी। भारत ने मुकाबले के दूसरे हाफ में अपने खेल में सुधार किया और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए 40-34 से जीत दर्ज की।भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुनील कुमार कर रहे थे। पवन सेहरावत को उपकप्तान बनाया गया था। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी भी शामिल थे, जो पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे थे। भारत की 12 सदस्यीय पुरुष टीम में आठ खिलाड़ी एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे थे।
महिला टीम की सफलता ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया। महिला कबड्डी में भारत ने 2010 में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था और 2014 में भी खिताब बरकरार रखा था। 2018 में भारतीय महिला टीम को रजत पदक मिला था, जबकि 2022 में उसने फिर स्वर्ण पदक हासिल किया। 2026 में एक बार फिर स्वर्ण जीतकर टीम ने अपना खिताब बरकरार रखा।एशियाई खेलों में कबड्डी के इतिहास में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा है। पुरुष वर्ग में भारत ने 1990 से अब तक अधिकांश संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है। 2018 में भारतीय पुरुष टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2022 में उसने फिर स्वर्ण पदक हासिल किया था। 2026 में जीत के साथ पुरुष टीम ने एक बार फिर अपना खिताब बरकरार रखा।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय दोनों टीमों के सामूहिक प्रदर्शन और टीमवर्क को विशेष रूप से रेखांकित किया। कबड्डी जैसे टीम खेल में रेडिंग और डिफेंस के बीच तालमेल महत्वपूर्ण होता है। फाइनल में भी भारत को ईरान की चुनौती के खिलाफ सामूहिक प्रदर्शन का फायदा मिला।भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों वर्गों में खिताब का बचाव एक ही संस्करण में किया गया। महिला टीम के बाद पुरुष टीम ने भी स्वर्ण पदक जीतकर कबड्डी में भारत का अभियान दो स्वर्ण पदकों के साथ पूरा किया।
एशियाई खेल 2026 में कबड्डी मुकाबले जापान के आइची प्रीफेक्चर स्थित टोका सिटीजन जिम्नेजियम में खेले गए। प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में 10 और महिला वर्ग में आठ टीमें शामिल थीं। ग्रुप चरण के बाद सेमीफाइनल और फिर स्वर्ण पदक के मुकाबले खेले गए।पुरुष टीम की जीत के साथ भारत ने कबड्डी में अपने अभियान का शानदार समापन किया। फाइनल में 40-34 की जीत ने टीम को स्वर्ण पदक दिलाया और खिताब बचाने का लक्ष्य भी पूरा हुआ। वहीं महिला टीम ने पहले ही दिन ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया था।
इस दोहरी सफलता के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों टीमों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों की मेहनत और टीम भावना की सराहना की। उनके संदेश में कबड्डी टीमों की उपलब्धि को भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण के रूप में रेखांकित किया गया।इस तरह एशियाई खेल 2026 में भारतीय कबड्डी ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर अपना खिताब बचाया, जबकि महिला टीम ने भी ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण जीता। दोनों टीमों की इस सफलता को राष्ट्रपति मुर्मू ने कौशल, संयम, मजबूती और टीमवर्क का परिणाम बताया।
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