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Preeeti Pawar: 'बॉर्डर की सुरक्षा नहीं कर सकती, इसलिए रिंग में भारत के लिए लड़ती हूं'

nidhi
7 Aug 2026 1:34 PM IST
Preeeti Pawar: बॉर्डर की सुरक्षा नहीं कर सकती, इसलिए रिंग में भारत के लिए लड़ती हूं
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भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने आर्मी के अनुशासन, हेपेटाइटिस से वापसी और एशियाई खेलों के सपने पर बात की। जानें उनके संघर्ष और जज्बे की कहानी
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने देश के लिए खेलने के अपने जज्बे को बेहद भावुक अंदाज में बयां किया है। उन्होंने कहा कि वह सीमा पर जाकर देश की रक्षा नहीं कर सकतीं, इसलिए रिंग में उतरकर भारत के लिए लड़ना उनका तरीका है।
प्रीति ने अपने सफर में आर्मी के अनुशासन, हेपेटाइटिस से वापसी और एशियाई खेलों के सपने को लेकर भी बात की है।
आर्मी के अनुशासन ने बनाया मजबूत
प्रीति के खेल करियर में आर्मी से जुड़े अनुशासन की अहम भूमिका रही है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, फिटनेस और मानसिक मजबूती ने उन्हें दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया।
उनके लिए रिंग में उतरना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी है।
बीमारी के बाद की शानदार वापसी
प्रीति पवार के सफर में स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किल भी आई। हेपेटाइटिस से जूझने के बाद उन्होंने दोबारा वापसी की और बॉक्सिंग में अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश जारी रखी।
बीमारी के बाद खेल में लौटना उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण रहा होगा, लेकिन उन्होंने इसे अपने करियर की राह में रुकावट नहीं बनने दिया।
एशियाई खेलों पर नजर
अब प्रीति की नजर एशियाई खेलों पर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली मुक्केबाज के लिए यह बड़ा मंच है और वह इसके लिए अपनी तैयारियों पर ध्यान दे रही हैं।
उनका लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पदक जीतना है।
'रिंग में भारत के लिए लड़ती हूं'
प्रीति का यह बयान उनके खेल के प्रति जुनून को दर्शाता है। उनका मानना है कि हर व्यक्ति देश की सेवा अपने-अपने तरीके से कर सकता है। वह रिंग में उतरकर भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं और अपनी मेहनत से तिरंगे का सम्मान बढ़ाना चाहती हैं।
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