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Washington वॉशिंगटन: बच्चों का यौन शोषण करने वाले एक इंटरनेशनल ऑनलाइन चरमपंथी नेटवर्क को चलाने के आरोपी 21 साल के एक व्यक्ति ने अमेरिकी फ़ेडरल कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने एक ऐसी साज़िश में अपनी भूमिका मानी है, जिसमें अमेरिका और दूसरे देशों में कमज़ोर स्थिति वाले नाबालिगों को निशाना बनाया गया था। ऑनलाइन "ट्रिपी" (Trippy) के नाम से पहचाने जाने वाले प्रसन नेपाल ने गुरुवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी ज़िला जज रेगी बी. वॉल्टन के सामने बच्चे के यौन शोषण की साज़िश रचने का जुर्म कबूल किया।
न्याय विभाग ने बताया कि नॉर्थ कैरोलिना के हाई पॉइंट के रहने वाले नेपाल को फ़ेडरल जेल में कम से कम 15 साल और ज़्यादा से ज़्यादा 30 साल की सज़ा हो सकती है। उसे सज़ा सुनाने की तारीख़ 5 मार्च, 2027 तय की गई है। फ़ेडरल प्रॉसिक्यूटर ने बताया कि नेपाल '764' नाम के हिंसक चरमपंथी नेटवर्क का सीनियर लीडर था। यह नेटवर्क सदस्यों को भर्ती करने, बच्चों का शोषण करने और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करता था।
यह नेटवर्क देशों की सीमाओं के पार काम करता था और इसका एक सब-ग्रुप भी था जिसे '764 इन्फर्नो' (764 Inferno) के नाम से जाना जाता था। कोर्ट के दस्तावेज़ों के मुताबिक, नेपाल और उसके साथी लियोनिडास वारागियानिस (जो ऑनलाइन "वॉर" नाम से जाना जाता था) ने ग्रुप के कामकाज, भर्ती और अंदरूनी नियमों को तय करने में मदद की थी।
लगभग 2021 से 2025 के बीच, नेटवर्क ने नाबालिगों के शोषण को अंजाम देने के लिए एन्क्रिप्टेड प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया, जिसमें धमकी देना, बहलाना-फुसलाना और जबरन वसूली जैसे तरीके शामिल थे। प्रसिक्यूटर ने बताया कि ग्रुप कमज़ोर बच्चों को निशाना बनाता था और उन पर यौन शोषण वाली और हिंसक सामग्री बनाने के लिए दबाव डालता था।
जांचकर्ताओं ने कई इलाकों में कम से कम आठ नाबालिग पीड़ितों की पहचान की, जिनमें 13 साल तक के बच्चे भी शामिल थे। न्याय विभाग ने कहा कि नेपाल और दूसरे लीडर मेंबरशिप पर कड़ी नज़र रखते थे और प्रतिभागियों को और ज़्यादा आपत्तिजनक सामग्री बनाने के लिए उकसाते थे।
FBI डायरेक्टर काश पटेल ने कहा, "हिंसक 764 नेटवर्क को खत्म करने के लिए FBI और उसके सहयोगियों के काम में यह एक और जीत है।" पटेल ने कहा कि यह जांच ऑनलाइन बाल शोषण में शामिल लोगों की पहचान करने और उन पर मुक़दमा चलाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा थी। उन्होंने बताया कि FBI और राज्य व स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से पिछले साल 764 से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियों में लगभग 500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। नेशनल सिक्योरिटी के लिए असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइज़ेनबर्ग ने कहा कि नेपाल ने बच्चों के शोषण को कोऑर्डिनेट करने के लिए अपनी लीडरशिप की स्थिति का इस्तेमाल किया।
आइज़ेनबर्ग ने कहा, "उसने भयानक अपराधों का निर्देश दिया और फिर ग्रुप के पीड़ितों की पीड़ा को अपने साथियों के बीच लेन-देन की मुद्रा की तरह इस्तेमाल किया।" डिस्ट्रिक्ट ऑफ़ कोलंबिया के लिए अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन फेरिस पिरो ने कहा कि इस मामले से पता चलता है कि कैसे ऑनलाइन चरमपंथी नेटवर्क दबाव डालने वाले संगठित सिस्टम के ज़रिए कमज़ोर बच्चों का शोषण कर सकते हैं।
फ़ेडरल जांचकर्ताओं ने कहा कि इस नेटवर्क में वॉशिंगटन मेट्रोपॉलिटन इलाके और अमेरिका के अन्य हिस्सों में काम करने वाले लोग शामिल थे। आरोप है कि कुछ सदस्यों ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर शोषण से जुड़ा मटीरियल स्टोर किया, जबकि अन्य ने कई इलाकों में बच्चों को निशाना बनाकर ऑनलाइन उगाही की योजनाओं में हिस्सा लिया। अभियोजकों के अनुसार, नेपाल 2021 की शुरुआत में इस नेटवर्क से जुड़ा और उसी साल अगस्त में एक अन्य सदस्य की गिरफ्तारी के बाद एक लीडर के तौर पर उभरा। वह अप्रैल 2025 तक लीडरशिप की स्थिति में रहा, जब उसे एक अंतरराष्ट्रीय जांच के तहत गिरफ्तार किया गया। वारागियानिस को उत्तरी ग्रीस की ग्रेवेना जेल में रखा गया है और उम्मीद है कि उस पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मटीरियल और आपराधिक संगठन में शामिल होने के आरोपों के लिए वहां मुकदमा चलाया जाएगा।
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