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श्रीलंका की जीत के बावजूद पाकिस्तान ने जीती सीरीज
स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंका ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के आखिरी मुकाबले में आठ विकेट से जीत दर्ज की। रावलपिंडी में मंगलवार को खेले गए मैच में कप्तान कुसल मेंडिस ने नाबाद 87 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी के दम पर श्रीलंका ने 169 रन का लक्ष्य 17.1 ओवर में हासिल कर लिया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में आठ विकेट पर 168 रन बनाए थे। अंतिम मैच में हार के बावजूद मेजबान टीम ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
पाकिस्तान शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त बना चुका था। उसने पहला मैच चार विकेट और दूसरा मुकाबला 82 रन से जीता था। ऐसे में आखिरी मैच में श्रीलंका के सामने लगातार तीसरी हार से बचने की चुनौती थी। मेहमान टीम ने इस बार गेंदबाजी और बल्लेबाजी, दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन किया। जीत के साथ श्रीलंका ने सीरीज का समापन किया और पाकिस्तान को क्लीन स्वीप करने से रोक दिया। तीनों मुकाबले रावलपिंडी में खेले गए।
लक्ष्य का पीछा करते समय श्रीलंका को शुरुआती झटका लगा। लाहिरु उदारा केवल एक रन बनाकर मोहम्मद इमरान की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। उस समय टीम का स्कोर 15 रन था। इसके बाद कुसल मेंडिस ने सिनेत जयवर्धने के साथ दूसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े। जयवर्धने ने 26 गेंदों पर 38 रन बनाए, जिसमें पाँच चौके और दो छक्के शामिल थे। आठवें ओवर की आखिरी गेंद पर अराफात मिन्हास ने उन्हें आउट कर पाकिस्तान को दूसरी सफलता दिलाई।
दो विकेट गिरने के बाद कुसल मेंडिस को कामिंदु मेंडिस का साथ मिला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 98 रन की साझेदारी की और पाकिस्तान को आगे कोई सफलता नहीं लेने दी। कुसल ने 48 गेंदों में नौ चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 87 रन बनाए। कामिंदु ने 27 गेंदों पर नाबाद 40 रन की पारी खेली, जिसमें चार चौके शामिल थे। श्रीलंका ने दो विकेट पर 172 रन बनाकर मुकाबला जीता। लक्ष्य हासिल करते समय उसके पास 17 गेंदें बाकी थीं।
इससे पहले पाकिस्तान की शुरुआत में फखर जमान और कप्तान शाहिबजादा फरहान ने पहले विकेट के लिए 34 रन जोड़े। लेकिन ईशान मलिंगा ने लगातार गेंदों पर फखर और माज सदाकत को आउट कर मेजबान टीम को झटके दिए। फखर ने 12 रन बनाए, जबकि माज खाता नहीं खोल सके। हसन नवाज ने 16 रन का योगदान दिया। इसके बाद दासुन शनाका ने मध्यक्रम को दबाव में ला दिया। ख्वाजा नफे तीन और मोहम्मद इमरान छह रन बनाकर आउट हुए। अब्दुल समद ने 15 रन बनाए।
एक समय पाकिस्तान का स्कोर छह विकेट पर 102 रन था। फरहान ने अराफात मिन्हास के साथ सातवें विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। कप्तान ने 47 गेंदों पर 76 रन बनाए, जिसमें सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। मिन्हास 20 गेंदों में 34 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने दो चौके और दो छक्के लगाए। अंतिम ओवर में नुवान तुषारा ने फरहान और रजाउल्लाह को आउट किया। पाकिस्तान की पारी आठ विकेट पर 168 रन पर समाप्त हुई।
श्रीलंका की ओर से शनाका सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट लिए। मलिंगा और तुषारा को दो-दो विकेट मिले। पाकिस्तान ने अंतिम पाँच ओवरों में 59 रन जोड़कर स्कोर बढ़ाया, लेकिन श्रीलंका की बल्लेबाजी के सामने यह लक्ष्य पर्याप्त साबित नहीं हुआ। मैच के बाद कुसल मेंडिस ने जीत का श्रेय अनुशासित गेंदबाजी को दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती दोनों मैचों में गेंदबाजी अच्छी नहीं रही थी, लेकिन अंतिम मुकाबले में गेंदबाजों ने पाकिस्तान को हासिल किए जा सकने वाले स्कोर पर रोका।
पाकिस्तान के कप्तान फरहान ने भी माना कि अंतिम मुकाबले में टीम का स्कोर पर्याप्त नहीं था। उनके अनुसार, पहले दो मैचों में बल्लेबाजी बेहतर रही थी और आखिरी मैच के प्रदर्शन का आगे के मुकाबलों के लिए विश्लेषण करना होगा। फरहान की अर्धशतकीय पारी पाकिस्तान को मजबूत अंत देने में मददगार रही, लेकिन कुसल और कामिंदु की नाबाद साझेदारी ने मैच श्रीलंका के पक्ष में कर दिया। अंतिम मुकाबला मेहमान टीम के नाम रहा, जबकि सीरीज की ट्रॉफी पाकिस्तान ने जीती।
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