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पाकिस्तानी पेसर अब्बास का ऐतिहासिक प्रदर्शन कपिल देव को भी छोड़ा पीछे

Ratna Netam
30 Aug 2026 9:32 PM IST
पाकिस्तानी पेसर अब्बास का ऐतिहासिक प्रदर्शन कपिल देव को भी छोड़ा पीछे
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लॉर्ड्स में अब्बास ने रचा इतिहास
लंदन। पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने कई पुराने रिकॉर्ड बदल दिए। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में अब्बास ने 57 रन देकर पांच विकेट झटके। इसके साथ ही उन्होंने मैच में कुल 9 विकेट अपने नाम किए और लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर भी जगह बनाई। 36 साल की उम्र में पांच विकेट लेने के साथ अब्बास ने भारत के महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ से जुड़ा 72 साल पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
अब्बास की गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने इंग्लैंड की दूसरी पारी को 208 रन पर समेट दिया। हालांकि पहली पारी में पिछड़ने के कारण पाकिस्तान को मैच जीतने के लिए 389 रन का मुश्किल लक्ष्य मिला।
36 साल की उम्र में अब्बास का ऐतिहासिक कारनामा
मोहम्मद अब्बास की उम्र इस मुकाबले के दौरान 36 साल 170 दिन थी। वह लॉर्ड्स में टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज एशियाई गेंदबाज बन गए।
इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के दिग्गज वीनू मांकड़ के नाम था। मांकड़ ने 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 5 विकेट लिए थे। उस मुकाबले में उन्होंने 196 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे।
अब 72 साल बाद अब्बास ने उम्र के लिहाज से मांकड़ के इस एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। वह लॉर्ड्स में पांच विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज एशियाई क्रिकेटर बन गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि वीनू मांकड़ का 1952 का लॉर्ड्स टेस्ट खुद क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार व्यक्तिगत प्रदर्शनों में गिना जाता है। उन्होंने उसी टेस्ट में गेंद से पांच विकेट लेने के अलावा दूसरी पारी में 184 रन की शानदार पारी खेली थी। लॉर्ड्स के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक वह किसी टेस्ट में इस मैदान पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के ऑनर्स बोर्ड पर जगह बनाने वाले एकमात्र विजिटिंग टेस्ट खिलाड़ी हैं।
इंग्लैंड की दूसरी पारी में झटके 5 विकेट
दूसरे टेस्ट के चौथे दिन इंग्लैंड अपनी दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर पाकिस्तान को मैच से पूरी तरह बाहर करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन मोहम्मद अब्बास ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
उन्होंने 22 ओवर में 57 रन देकर पांच विकेट हासिल किए।
अब्बास ने अपना पांचवां विकेट इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन को आउट कर पूरा किया। 52वें ओवर की पहली गेंद पर रॉबिन्सन ने विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान को कैच थमा दिया। इसके साथ ही अब्बास का नाम लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया।
लॉर्ड्स पर किसी टेस्ट पारी में पांच विकेट लेने वाले गेंदबाजों का नाम मैदान के ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज किया जाता है।
पहली पारी में भी अब्बास का कमाल
अब्बास का शानदार प्रदर्शन केवल दूसरी पारी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में भी चार विकेट हासिल किए थे।
इस तरह उन्होंने पूरे मुकाबले में **130 रन देकर 9 विकेट** लिए।
लॉर्ड्स में उनका यह दूसरा शानदार टेस्ट प्रदर्शन है। साल 2018 में भी अब्बास ने यहां इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 64 रन देकर आठ विकेट लिए थे।
इस बार उन्होंने उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नौ विकेट अपने नाम कर लिए।
कपिल देव को भी छोड़ा पीछे
अब्बास के 9/130 के मैच आंकड़ों ने उन्हें लॉर्ड्स में किसी टेस्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले एशियाई तेज गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया।
इस मामले में उन्होंने भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव से जुड़ा रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। अब्बास लॉर्ड्स में एक टेस्ट में नौ विकेट लेने वाले पहले एशियाई तेज गेंदबाज बने।
इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि लॉर्ड्स में परिस्थितियां तेज गेंदबाजों की मदद जरूर कर सकती हैं, लेकिन यहां इंग्लैंड जैसी मजबूत बल्लेबाजी के खिलाफ लगातार दो पारियों में प्रभावी रहना आसान नहीं होता।
वकार यूनिस का रिकॉर्ड भी टूटा
मोहम्मद अब्बास ने इस मैच में पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वकार यूनिस का 30 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
वकार यूनिस ने जुलाई 1996 में लॉर्ड्स टेस्ट में 154 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वह इस मैदान पर किसी पाकिस्तानी तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ मैच प्रदर्शन था।
अब्बास ने 9/130 के आंकड़े के साथ वकार को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि लॉर्ड्स में पाकिस्तान की ओर से एक टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का ओवरऑल रिकॉर्ड अभी भी स्पिनर यासिर शाह के नाम है। यासिर ने जुलाई 2016 में 141 रन देकर 10 विकेट लिए थे।
इसके बाद अब्बास 9 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
लॉर्ड्स में 17 विकेट
अब्बास ने इस प्रदर्शन के साथ लॉर्ड्स में पाकिस्तान की ओर से सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वालों की सूची में भी बड़ी छलांग लगाई है।
उनके नाम अब लॉर्ड्स में केवल दो टेस्ट की चार पारियों में 17 विकेट हो गए हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वकार यूनिस के 17 विकेट की बराबरी कर ली। फर्क यह है कि वकार ने लॉर्ड्स में तीन टेस्ट खेले थे, जबकि अब्बास ने यह आंकड़ा सिर्फ दो मुकाबलों में हासिल कर लिया।
मोहम्मद आमिर ने लॉर्ड्स में पाकिस्तान के लिए 14 और वसीम अकरम ने 12 टेस्ट विकेट लिए थे।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि इंग्लैंड के सबसे प्रतिष्ठित मैदान पर अब्बास कितने प्रभावी रहे हैं।
सातवें पाकिस्तानी बने अब्बास
मोहम्मद अब्बास लॉर्ड्स में टेस्ट पारी में पांच विकेट लेने वाले पाकिस्तान के सातवें गेंदबाज भी बन गए हैं।
उनसे पहले खान मोहम्मद, मुदस्सर नजर, वकार यूनिस, मुश्ताक अहमद, मोहम्मद आमिर और यासिर शाह इस मैदान पर पांच विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं।
पाकिस्तान की तरफ से लॉर्ड्स में एक पारी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन मुदस्सर नजर के नाम है। उन्होंने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ 32 रन देकर छह विकेट लिए थे।
अब्बास भले ही छह विकेट तक नहीं पहुंच सके, लेकिन पूरे मैच में नौ विकेट लेकर उन्होंने कई अन्य रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
2018 में ऑनर्स बोर्ड से चूक गए थे अब्बास
इस उपलब्धि की एक और दिलचस्प कहानी है। मोहम्मद अब्बास ने 2018 में भी लॉर्ड्स में शानदार गेंदबाजी की थी। उस मुकाबले में उन्होंने मैच में कुल आठ विकेट हासिल किए थे, लेकिन किसी एक पारी में पांच विकेट नहीं ले सके थे।
इस वजह से शानदार मैच प्रदर्शन के बावजूद उनका नाम ऑनर्स बोर्ड पर नहीं चढ़ पाया था।
आठ साल बाद 2026 में वह आखिरकार दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बन गए।
पाकिस्तान के सामने 389 रन की चुनौती
अब्बास की शानदार गेंदबाजी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी को 208 रन पर रोक दिया, लेकिन पाकिस्तान की बल्लेबाजी के खराब प्रदर्शन के कारण टीम के सामने जीत के लिए 389 रन का विशाल लक्ष्य आया।
पाकिस्तान की पहली पारी केवल 110 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को इंग्लैंड के हाथों पारी और 103 रन से हार का सामना करना पड़ा था।
लॉर्ड्स में चौथी पारी में सबसे बड़ा सफल रन चेज वेस्टइंडीज के नाम है। उसने 1984 में 342 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 344/1 बनाकर इंग्लैंड को हराया था। ऐसे में पाकिस्तान को 389 रन हासिल करने के लिए मैदान का नया रिकॉर्ड बनाना होगा।
उम्र को पीछे छोड़ अब्बास ने दिखाई धार
36 साल की उम्र में मोहम्मद अब्बास का यह प्रदर्शन उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। तेज गेंदबाजों के लिए उम्र बढ़ने के साथ रफ्तार बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन अब्बास की ताकत हमेशा उनकी सटीक लाइन-लेंथ, सीम मूवमेंट और बल्लेबाज को लगातार एक ही क्षेत्र में खेलने के लिए मजबूर करना रही है।
लॉर्ड्स टेस्ट में भी यही खूबियां उनकी सबसे बड़ी ताकत बनीं।
पांच विकेट के साथ ऑनर्स बोर्ड पर नाम, मैच में नौ विकेट, वकार यूनिस के 30 साल पुराने पाकिस्तानी तेज गेंदबाज के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना और 36 साल 170 दिन की उम्र में वीनू मांकड़ का 72 साल पुराना एशियाई रिकॉर्ड तोड़ना—एक ही टेस्ट में अब्बास ने कई उपलब्धियां अपने नाम कर लीं।
मैच का नतीजा चाहे जो हो, लॉर्ड्स का यह मुकाबला मोहम्मद अब्बास के लिए यादगार बन चुका है। क्रिकेट के ‘होम ऑफ क्रिकेट’ में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने उनका नाम पाकिस्तान ही नहीं बल्कि एशियाई टेस्ट क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज करा दिया है।
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