
IND vs PAK Final: भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे मुकाबले में 212 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम को 33 रन के स्कोर पर पहला झटका लग गया है। पाकिस्तान के कप्तान फरहान 10 रन बनाकर आउट हो गए। भारत को जिस शुरुआती विकेट की तलाश थी, वह 33 रन के स्कोर पर मिल गया। कप्तान के पवेलियन लौटने के बाद अब पाकिस्तान के बाकी बल्लेबाजों पर बड़ी साझेदारी बनाने का दबाव बढ़ गया है।
इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 211 रन बनाए थे। भारतीय पारी में अभिषेक शर्मा और तिलक की आक्रामक बल्लेबाजी देखने को मिली थी। अभिषेक ने शुरुआती ओवरों में पाकिस्तानी गेंदबाजों पर हमला बोला, जबकि अंतिम ओवरों में तिलक ने बड़े शॉट लगाकर भारत को 200 रन के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान को शुरुआत से ही तेज रन बनाने की जरूरत थी। इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए बल्लेबाजों के सामने रन गति बनाए रखने के साथ विकेट बचाने की भी चुनौती थी। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत में रन जुटाने की कोशिश की और टीम का स्कोर 30 रन के पार पहुंचाया।
इसके बाद भारत ने 33 रन के स्कोर पर पाकिस्तान की सलामी जोड़ी तोड़ दी। कप्तान फरहान 10 रन बनाकर आउट हो गए। उनका विकेट भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि पाकिस्तान को बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने कप्तान से लंबी पारी की उम्मीद थी।
फरहान के आउट होते ही भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ गया। 212 रन के लक्ष्य का बचाव कर रही भारतीय टीम की रणनीति शुरुआती ओवरों में विकेट निकालकर पाकिस्तान को दबाव में डालने की है। पहला विकेट मिलने के बाद भारत के गेंदबाजों के पास अब नए बल्लेबाज पर दबाव बनाने का मौका है।
पाकिस्तान के लिए कप्तान का विकेट ऐसे समय गिरा है जब टीम को तेज रन गति की जरूरत है। 212 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए बल्लेबाजों को लगातार बाउंड्री तलाशनी होंगी। इसके साथ ही विकेटों को भी बचाना होगा, क्योंकि अगर शुरुआती और मध्य ओवरों में लगातार विकेट गिरते हैं तो आवश्यक रन गति तेजी से बढ़ सकती है।
भारतीय टीम ने बल्लेबाजी के दौरान पाकिस्तान के सामने बड़ा स्कोर खड़ा किया था। भारत की पारी में अभिषेक शर्मा का बल्ला जमकर चला। उन्होंने केवल 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 61 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में सात छक्के शामिल रहे।
अभिषेक की बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने पावरप्ले में ही तेजी से रन जुटाए थे। छह ओवर के बाद भारतीय टीम दो विकेट के नुकसान पर 81 रन बना चुकी थी। इसके बाद पाकिस्तान ने कुछ विकेट लेकर वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत की रन गति पूरी तरह नहीं रोक पाया।
भारत को 93 रन के स्कोर पर तीसरा झटका लगा था और अभिषेक की पारी समाप्त हो गई थी। इसके बाद मध्य ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने रन गति को नियंत्रित करने की कोशिश की। 10 ओवर के बाद भारत का स्कोर 114/3 और 11 ओवर के बाद 120/3 था।
अंतिम ओवरों में तिलक ने भारतीय पारी की रफ्तार फिर बढ़ा दी। खासकर 18वें ओवर में उन्होंने लगातार दो छक्के लगाकर पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। उनके इन बड़े शॉट्स की मदद से भारत 170 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।
इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़े और टीम को 211/6 तक पहुंचा दिया। पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 212 रन का लक्ष्य आया। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पाकिस्तान को 20 ओवर तक प्रति ओवर 10 रन से ज्यादा की औसत गति से रन बनाने की जरूरत है।
पाकिस्तान की पारी शुरू होने के बाद भारतीय गेंदबाजों के सामने पहला लक्ष्य सलामी जोड़ी को जल्द तोड़ने का था। 33 रन के स्कोर पर कप्तान फरहान को आउट कर भारत ने इसमें सफलता हासिल कर ली है। अब पाकिस्तान की कोशिश इस झटके से जल्द उबरने की होगी।
पहला विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आने वाले बल्लेबाज के लिए परिस्थितियां आसान नहीं होंगी। एक तरफ बड़ा लक्ष्य सामने है और दूसरी तरफ भारत के गेंदबाज विकेट मिलने के बाद ज्यादा आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी कर सकते हैं।
पाकिस्तान को यहां से एक मजबूत साझेदारी की जरूरत होगी। अगर दूसरे विकेट के लिए बड़ी साझेदारी बनती है तो टीम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में बनी रह सकती है। लेकिन अगर भारत जल्द दूसरा विकेट भी हासिल कर लेता है तो पाकिस्तान पर दबाव काफी बढ़ सकता है।
टी20 क्रिकेट में 212 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए पावरप्ले बेहद अहम होता है। शुरुआती छह ओवरों में तेजी से रन बनाना जरूरी होता है ताकि मध्य ओवरों में आवश्यक रन गति नियंत्रण से बाहर न जाए। फरहान का विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान को अब अपने बाकी बल्लेबाजों से आक्रामक बल्लेबाजी की उम्मीद होगी।
भारत के लिए पहला विकेट मिलने के बाद गेंदबाजी में दबाव बनाए रखना जरूरी है। बल्लेबाजों ने 211 रन बनाकर गेंदबाजों को मजबूत स्कोर दिया है और अब गेंदबाजी इकाई के सामने इसे बचाने की जिम्मेदारी है।
भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि पाकिस्तान के बल्लेबाजों को आसानी से बाउंड्री न मिले। डॉट गेंदों के जरिए आवश्यक रन गति बढ़ाना और उसके बाद बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने के लिए मजबूर करना भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
फिलहाल पाकिस्तान ने 33 रन पर अपना पहला विकेट गंवा दिया है। कप्तान फरहान 10 रन बनाकर पवेलियन लौट चुके हैं। पाकिस्तान को अभी भी 212 रन के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना है।
भारत ने पहला विकेट लेकर मुकाबले में जरूरी सफलता हासिल कर ली है। अब नजर अगले कुछ ओवरों पर रहेगी। अगर पाकिस्तान तेजी से रन बनाते हुए साझेदारी करता है तो मुकाबला रोमांचक बना रहेगा, लेकिन भारत जल्द एक-दो और विकेट निकालने में सफल रहता है तो 212 रन के बड़े लक्ष्य का दबाव पाकिस्तान के लिए और बढ़ सकता है।





