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पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 33 रन चाहिए

Kavita2
3 Oct 2026 1:32 PM IST
पाकिस्तान को आखिरी ओवर में 33 रन चाहिए
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IND vs PAK Live। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। भारत द्वारा दिए गए 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान अब पारी के आखिरी ओवर तक पहुंच गया है। पाकिस्तान को जीत के लिए अंतिम छह गेंदों में 33 रन बनाने की जरूरत है। ऐसे में मुकाबले का रोमांच चरम पर है और अब हर गेंद पर निगाहें टिकी हुई हैं।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए थे। अभिषेक शर्मा की तेजतर्रार पारी और तिलक वर्मा के नाबाद अर्धशतक ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। पाकिस्तान की टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उसकी शुरुआत खराब रही और शुरुआती विकेटों ने दबाव बढ़ा दिया। इसके बाद सईम अयूब और हसन नवाज ने शानदार साझेदारी कर टीम को मुकाबले में वापस लाने की कोशिश की। (rediff.com)

शुरुआती झटकों से उबरा पाकिस्तान

पाकिस्तान की पारी की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में लगातार सफलताएं हासिल कीं। एक समय पाकिस्तान का स्कोर तीन विकेट पर काफी कम था और ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज मैच को जल्दी अपने नियंत्रण में ले सकते हैं।

लेकिन इसके बाद अयूब और नवाज ने मोर्चा संभाला। दोनों ने पहले पारी को संभाला और फिर आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की। अयूब के साथ नवाज की साझेदारी ने पाकिस्तान को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस साझेदारी के दौरान पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों पर भी हमला किया।

नवाज के अर्धशतक ने जगाई उम्मीद

हसन नवाज ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। उनकी पारी पाकिस्तान के लिए सबसे अहम सकारात्मक पहलुओं में रही। शुरुआती तीन विकेट गिरने के बाद नवाज ने पारी को बिखरने नहीं दिया और अयूब के साथ लगातार रन जुटाते रहे।

दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई बड़ी साझेदारी ने पाकिस्तान के लिए लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद बनाए रखी। हालांकि भारत ने बाद में सईम अयूब का विकेट लेकर उस साझेदारी को तोड़ दिया। अयूब के आउट होने के बाद पाकिस्तान की राह और कठिन हो गई, लेकिन नवाज अब भी संघर्ष करते रहे।

भारत को लगातार मिलते रहे विकेट

भारत की ओर से अक्षर पटेल ने शुरुआती चरण में दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाया था। इसके बाद शिवम दुबे ने सईम अयूब को आउट कर 87 रन की साझेदारी तोड़ी। वॉशिंगटन सुंदर ने भी अब्दुल समद को आउट करके पाकिस्तान को पांचवां झटका दिया।

इस तरह पाकिस्तान की पारी में भारत ने कई बार वापसी की। जब भी पाकिस्तानी बल्लेबाज रन गति बढ़ाने की कोशिश करते, भारतीय गेंदबाजों ने विकेट निकालकर दबाव फिर बढ़ा दिया।

रवि बिश्नोई का महंगा ओवर

मुकाबले में एक समय भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई का एक ओवर पाकिस्तान के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ। पाकिस्तान ने इस ओवर में 20 रन बटोरे थे। इस बड़े ओवर ने लक्ष्य का पीछा कर रही टीम की रन गति को तेजी दी और मैच को फिर से रोमांचक बना दिया।

हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने उसके बाद वापसी करते हुए विकेट हासिल किए और पाकिस्तान को अंतिम ओवर तक पहुंचने के बावजूद बहुत बड़ा लक्ष्य सामने रखा।

भारत की बल्लेबाजी बनी दबाव की वजह

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए थे। अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 61 रन की पारी खेली। उन्होंने पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट लगाए और भारतीय टीम को तेज शुरुआत दी।

भारत की पारी के अंतिम हिस्से में तिलक वर्मा ने नाबाद 51 रन बनाए। शिवम दुबे ने भी तेजी से रन जोड़े। इन पारियों की मदद से भारत 200 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रहा। पाकिस्तान के लिए 212 रन का लक्ष्य इसी कारण चुनौतीपूर्ण बन गया। (rediff.com)

आखिरी ओवर में 33 रन की जरूरत

अब मुकाबला अंतिम छह गेंदों तक पहुंच चुका है और पाकिस्तान को 33 रन चाहिए। यह समीकरण बेहद कठिन है। छह गेंदों में 33 रन बनाने के लिए बल्लेबाजों को लगभग हर गेंद पर बाउंड्री लगानी होगी। एक भी डॉट बॉल या विकेट पाकिस्तान की मुश्किल को और बढ़ा देगा।

दूसरी ओर भारत के लिए सिर्फ छह गेंदों तक दबाव को संभालना है। गेंदबाज को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी। यॉर्कर, धीमी गेंद और बल्लेबाज की पहुंच से बाहर गेंदबाजी अंतिम ओवर में महत्वपूर्ण हो सकती है।

क्या दुबे करेंगे आखिरी ओवर?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत आखिरी ओवर किस गेंदबाज से कराता है। शिवम दुबे के नाम मैच में एक महत्वपूर्ण विकेट पहले ही है, जब उन्होंने सईम अयूब को आउट किया था। ऐसे में आखिरी ओवर के लिए उनका नाम चर्चा में आ सकता है, हालांकि अंतिम फैसला कप्तान और टीम प्रबंधन का होगा।

भारत के पास जसप्रीत बुमराह समेत कई गेंदबाजी विकल्प मौजूद हैं। टीम की प्लेइंग इलेवन में बुमराह के साथ अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई और वॉशिंगटन सुंदर भी शामिल हैं। कप्तान को बल्लेबाजों की स्थिति और अंतिम ओवर के समीकरण को देखते हुए फैसला करना होगा। (indianexpress.com)

पाकिस्तान के पास बेहद कम गुंजाइश

आखिरी छह गेंदों में 33 रन का लक्ष्य पाकिस्तान के लिए बेहद मुश्किल है, लेकिन क्रिकेट में अंतिम गेंद तक मुकाबला समाप्त नहीं माना जाता। अगर लगातार छक्के और चौके लगते हैं तो कुछ ही गेंदों में समीकरण तेजी से बदल सकता है।

पाकिस्तान के बल्लेबाजों को पहली गेंद से ही आक्रामक रुख अपनाना होगा। दूसरी ओर भारत की कोशिश होगी कि बल्लेबाजों को बड़े शॉट के लिए जगह न मिले। फील्डिंग में भी कोई गलती भारत को नुकसान पहुंचा सकती है।

हाई-वोल्टेज फाइनल का आखिरी अध्याय

भारत और पाकिस्तान के बीच यह एशियन गेम्स का पुरुष क्रिकेट फाइनल है और मुकाबले का अंतिम चरण दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक बन चुका है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करके 211 रन बनाए और पाकिस्तान ने कठिन शुरुआत के बाद संघर्ष करते हुए पारी को यहां तक पहुंचाया।

अयूब और नवाज की साझेदारी ने पाकिस्तान को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा। अक्षर पटेल, शिवम दुबे और वॉशिंगटन सुंदर के विकेटों के कारण भारत ने दबाव बनाए रखा। बीच में बिश्नोई के महंगे ओवर ने पाकिस्तान को जरूर राहत दी, लेकिन अब उसे आखिरी छह गेंदों में 33 रन चाहिए।

मुकाबला अब पूरी तरह अंतिम ओवर पर निर्भर है। पाकिस्तान को जीत के लिए 33 रन चाहिए और भारत को सिर्फ छह गेंदों में अपनी बढ़त बचानी है। आखिरी ओवर में कौन गेंदबाजी करेगा और पाकिस्तान के बल्लेबाज किस तरह का जवाब देंगे, यही इस स्वर्ण पदक मुकाबले का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। भारत की कोशिश होगी कि वह बिना कोई बड़ी गलती किए अंतिम छह गेंदें निकाल दे, जबकि पाकिस्तान हर गेंद को बाउंड्री में बदलने की कोशिश करेगा।

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