
x
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज अब तक निराशाजनक रही है। करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले भुवनेश्वर से टीम इंडिया को शानदार गेंदबाजी की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती तीन मुकाबलों में वह अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों में उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उनके खाते में केवल एक विकेट आया है। शुरुआती दो मुकाबलों में ही उन्होंने 99 रन खर्च कर दिए थे। तीसरे टी20 में भी वह विकेट हासिल नहीं कर सके। भारतीय टीम ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन भुवनेश्वर कुमार के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।
चार साल बाद टीम इंडिया में हुई थी वापसी
भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टी20 टीम में वापसी लंबे इंतजार के बाद हुई थी। उन्होंने नवंबर 2022 के बाद पहली बार अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का मौका हासिल किया।घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं ने इस अनुभवी तेज गेंदबाज पर दोबारा भरोसा जताया।भुवनेश्वर अपनी स्विंग गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वह पावरप्ले में बल्लेबाजों को परेशान करने के साथ अंतिम ओवरों में यॉर्कर और धीमी गेंदों का इस्तेमाल करने में माहिर माने जाते हैं।लेकिन न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी वापसी उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हो सकी है।
पहले टी20 में चार ओवर में लुटाए 49 रन
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला गया था।इस मैच में भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर की गेंदबाजी में 49 रन खर्च किए और एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।उनकी इकॉनमी रेट 12.25 रन प्रति ओवर रही।न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से आक्रामक रुख अपनाया। ग्लेन फिलिप्स ने 40 गेंदों में नाबाद 82 रन बनाए, जबकि फिन एलन ने 45 रन की तेज पारी खेली।न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 225 रन बनाए।भुवनेश्वर ने अपने पहले ओवर में अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन बाद के ओवरों में बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ तेजी से रन बटोरे।
दूसरे मुकाबले में मिला विकेट, लेकिन खर्च किए 50 रन
पहले मैच में खराब प्रदर्शन के बाद उम्मीद थी कि भुवनेश्वर कुमार दूसरे टी20 में अपनी गेंदबाजी में सुधार करेंगे।24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे मुकाबले में उन्होंने डेरिल मिचेल को आउट करके करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट हासिल किया।
मिचेल केवल छह रन बनाकर पवेलियन लौटे।
हालांकि, इस सफलता के बावजूद भुवनेश्वर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों की रन गति पर नियंत्रण नहीं रख सके।उन्होंने चार ओवर में 50 रन खर्च किए और एक विकेट लिया। उनकी इकॉनमी रेट 12.50 रही।इस तरह पहले दो मुकाबलों में उन्होंने आठ ओवर गेंदबाजी करते हुए 99 रन दिए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया।
तीसरे टी20 में भी नहीं मिला कोई विकेट
मंगलवार को वेलिंगटन में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भी भुवनेश्वर कुमार का विकेटों का इंतजार जारी रहा।भारतीय टीम ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को पहले बल्लेबाजी करने का मौका दिया। मेजबान टीम ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाए।न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल ने नाबाद 89 रन की शानदार पारी खेली।इस मुकाबले में भी भुवनेश्वर विकेट लेने में सफल नहीं हो सके। इसके साथ ही शुरुआती तीन मैचों के बाद उनके खाते में केवल एक विकेट दर्ज रहा।हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 199 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में हासिल कर लिया।
अभिषेक शर्मा के तूफानी शतक से भारत ने जीती सीरीज
तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।अभिषेक ने केवल 35 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और कुल 38 गेंदों में 113 रन बनाए।उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने छह विकेट से शानदार जीत हासिल की।इस मुकाबले में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए 45 रन बनाए।
भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
टीम के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन के बीच भुवनेश्वर कुमार की कमजोर गेंदबाजी अलग चर्चा का विषय बनी हुई है।गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने किया समर्थनभुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन को लेकर भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी प्रतिक्रिया दी है।तीसरे टी20 से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्केल ने कहा था कि लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करना आसान नहीं होता।उन्होंने भुवनेश्वर के अनुभव और आईपीएल में उनके प्रदर्शन की सराहना की।मोर्केल ने अनुभवी तेज गेंदबाज को अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर भरोसा रखने और अतिरिक्त दबाव न लेने की सलाह दी।गेंदबाजी कोच के अनुसार, भुवनेश्वर को अपनी लय वापस पाने के लिए थोड़ा समय देना जरूरी है।
पावरप्ले में विकेट नहीं निकाल पाना बना चुनौती
भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता रही है।अपने करियर के शुरुआती वर्षों में वह पावरप्ले के दौरान बल्लेबाजों को परेशान करते हुए शुरुआती विकेट दिलाने के लिए जाने जाते थे।लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा।पहले तीन मुकाबलों में वह नियमित अंतराल पर विकेट निकालने में सफल नहीं हुए।टी20 क्रिकेट में शुरुआती छह ओवर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि गेंदबाज पावरप्ले में विकेट नहीं निकाल पाते, तो विरोधी टीम को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल सकता है।
पावरप्ले में डॉट गेंदों का बड़ा रिकॉर्ड भी बनाया
खराब प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर कुमार ने इस सीरीज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।पहले टी20 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के पावरप्ले में सबसे अधिक डॉट गेंद फेंकने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।उन्होंने न्यूजीलैंड के टिम साउदी को पीछे छोड़ते हुए पावरप्ले में कुल 680 डॉट गेंदों का आंकड़ा हासिल किया।
साउदी के नाम 679 डॉट गेंदें दर्ज थीं।
यह रिकॉर्ड भुवनेश्वर के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और नई गेंद से उनके अनुभव को दर्शाता है।क्या अगले मैच में मिलेगी प्लेइंग इलेवन में जगह?भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथा टी20 मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में खेला जाना है।भारतीय टीम पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। ऐसे में टीम प्रबंधन के पास आगामी मुकाबलों में अलग-अलग गेंदबाजी विकल्पों को आजमाने का अवसर होगा।भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन को देखते हुए प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पर चर्चा हो सकती है।हालांकि, उन्हें अगले मुकाबले में खिलाया जाएगा या आराम दिया जाएगा, इस संबंध में टीम प्रबंधन ने कोई अंतिम घोषणा नहीं की है।
क्या भुवनेश्वर दोबारा हासिल कर पाएंगे पुरानी लय?
भुवनेश्वर कुमार भारतीय क्रिकेट के अनुभवी गेंदबाजों में शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर में कई अवसरों पर टीम इंडिया को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई हैं।लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे अंतराल के बाद वापसी करते समय तेज गेंदबाजों के सामने फिटनेस, गेंदबाजी की लय और मैच की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने जैसी चुनौतियां होती हैं।मौजूदा सीरीज में तीन मैचों में केवल एक विकेट लेने के बाद भुवनेश्वर के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने की चुनौती बढ़ गई है।
Next Story





