
Sports स्पोर्ट्स: FIFA एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है, इस बार वजह बनी है वर्ल्ड कप मैचों की टिकटिंग नीति। टिकट की बढ़ती कीमतों और सीट अलॉटमेंट में बदलाव को लेकर अमेरिका में जांच शुरू कर दी गई है। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल ने यह जांच शुरू करने की घोषणा की है कि क्या FIFA की टिकटिंग प्रक्रिया उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करती है।
FIFA पर आरोप है कि उसने “वेरिएबल प्राइसिंग” मॉडल अपनाया, जिसके चलते कई मैचों में टिकटों की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं। इस मॉडल के कारण फैंस को शुरुआत में बताए गए दामों से अधिक कीमत चुकानी पड़ी, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी गई।
अधिकारियों ने FIFA को समन भेजकर टिकट बिक्री और वितरण से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारी मांगी है। जांच में खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि टिकट की कीमतों में बदलाव किस आधार पर किया गया और क्या इसमें पारदर्शिता बरती गई थी या नहीं।
न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क सिटी के अधिकारियों ने बताया कि यह जांच मुख्य रूप से उन मैचों पर केंद्रित है जो ईस्ट रडारफोर्ड स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेले जाएंगे। इस स्टेडियम में फाइनल सहित कुल आठ वर्ल्ड कप मैच आयोजित होने वाले हैं।
मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों के टिकटिंग सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। फैंस का कहना है कि टिकट की कीमतें बढ़ने के साथ-साथ स्टेडियम के सीटिंग मैप में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे उन्हें पहले की तुलना में मैदान से दूर सीट मिल रही हैं।
न्यूयॉर्क सिटी डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर एंड वर्कर प्रोटेक्शन के साथ मिलकर अटॉर्नी जनरल की टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बड़े खेल आयोजनों में टिकट बिक्री पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत हो।
न्यूयॉर्क सिटी डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर एंड वर्कर प्रोटेक्शन ने भी इस मामले में सहयोग शुरू कर दिया है और टिकटिंग सिस्टम से जुड़े डेटा की समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है, लेकिन इस कार्रवाई ने खेल प्रेमियों और आयोजकों के बीच बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में FIFA को अपने टिकटिंग मॉडल को लेकर और अधिक स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।





