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जमशेदपुर: भारतीय फुटबॉल में जमशेदपुर एफसी के स्वामित्व बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। टाटा स्टील द्वारा क्लब की हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या क्लब का नाम, पहचान और शहर से जुड़ी विरासत पहले जैसी बनी रहेगी या इसमें बदलाव होगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) की मंजूरी जरूरी होगी। टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) में अपनी पूरी हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब को ट्रांसफर करने का फैसला किया है। इस समझौते में जमशेदपुर एफसी का इंडियन सुपर लीग (ISL) स्पोर्टिंग लाइसेंस और खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ के अनुबंध भी शामिल हैं। हालांकि, यह बदलाव AIFF समेत अन्य औपचारिक मंजूरियों के अधीन है।
फुटबॉल नियमों के अनुसार किसी क्लब का सिर्फ मालिक बदलने से उसकी पहचान अपने आप नहीं बदल जाती। क्लब का नाम, लोगो, होम बेस, लाइसेंस और अन्य महत्वपूर्ण बदलावों के लिए संबंधित फुटबॉल संस्थाओं की अनुमति आवश्यक होती है।
यही वजह है कि चर्चिल ब्रदर्स के टेकओवर के बाद भी जमशेदपुर एफसी की मौजूदा पहचान को लेकर AIFF की भूमिका अहम हो गई है। यदि नया मालिक क्लब के नाम, रंग, लोगो या स्थान में बदलाव करना चाहता है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
ISL लाइसेंस पर AIFF का नियंत्रण
ISL में खेलने के लिए क्लबों को AIFF के नियमों और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। किसी भी क्लब के लाइसेंस ट्रांसफर या संचालन में बदलाव के लिए फेडरेशन की मंजूरी जरूरी होती है। जमशेदपुर एफसी का लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया भी इसी नियम के तहत आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लीग की संरचना और क्लबों की वैधता बनी रहे।
फैंस की नजर क्लब की विरासत पर
जमशेदपुर एफसी की पहचान झारखंड और खासकर जमशेदपुर शहर से गहराई से जुड़ी रही है। टाटा स्टील के समर्थन में क्लब ने भारतीय फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई और 2021-22 सीजन में ISL लीग विनर्स शील्ड भी जीती थी। अब प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि नए स्वामित्व के बाद क्लब का नाम और शहर से जुड़ाव बरकरार रहेगा या नहीं। कई समर्थक चाहते हैं कि टीम की पुरानी पहचान और स्थानीय जुड़ाव कायम रहे।
चर्चिल ब्रदर्स के लिए बड़ा मौका
गोवा का चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल का पुराना और प्रतिष्ठित क्लब है। जमशेदपुर एफसी के टेकओवर से उसे ISL में वापसी का रास्ता मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए AIFF की सभी मंजूरियां पूरी होना जरूरी है। फिलहाल जमशेदपुर एफसी के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला AIFF की मंजूरी और लाइसेंस प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगा। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि क्लब अपनी पुरानी पहचान के साथ आगे बढ़ेगा या नए स्वरूप में नजर आएगा।
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