
Indore : इंदौर में क्रिकेट प्रशासन से जुड़ी एक नई पहल सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनी चयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। इस कदम को क्रिकेट प्रशासन में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
MPCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि एसोसिएशन अब वित्तीय प्रबंधन से लेकर खिलाड़ियों के चयन तक कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में AI आधारित सिस्टम लागू करने की योजना पर काम कर रहा है। यह अपने तरह का पहला मॉडल हो सकता है, जिसमें क्रिकेट प्रशासन में व्यापक स्तर पर AI का उपयोग किया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार, इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता (ट्रांसपेरेंसी) को बढ़ाना और किसी भी प्रकार के पक्षपात या भेदभाव की संभावना को कम करना है। AI सिस्टम खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करेगा और उसके आधार पर चयनकर्ताओं को सुझाव (रिकमेंडेशन) देगा।
बताया गया है कि AI विभिन्न मैचों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस डेटा, निरंतरता, स्ट्राइक रेट, विकेट, रन और अन्य तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण करेगा। इन सभी पैरामीटर्स के आधार पर एक निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे चयन समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इस पहल को क्रिकेट प्रशासन में एक तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है, जहां पारंपरिक मानव निर्णय प्रणाली के साथ अब डेटा आधारित तकनीक को भी शामिल किया जा रहा है। इससे चयन प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
MPCA का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में डेटा और एनालिटिक्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में AI का उपयोग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझने और सही टीम चुनने में मदद कर सकता है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि AI सिस्टम केवल एक सहायता उपकरण के रूप में काम करेगा और अंतिम निर्णय चयनकर्ताओं का ही रहेगा। इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं, बल्कि उसे अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाना है।
इसके अलावा, AI का उपयोग वित्तीय प्रबंधन में भी किया जाएगा, जिससे एसोसिएशन के खर्च, बजट और संसाधनों के उपयोग की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार आने की संभावना है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है, तो यह देश के अन्य क्रिकेट बोर्ड और खेल संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। इससे चयन प्रक्रिया में लंबे समय से उठ रहे पक्षपात और पारदर्शिता से जुड़े सवालों को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI केवल डेटा के आधार पर निर्णय लेता है, जबकि खेल में कई ऐसे मानवीय पहलू होते हैं जिन्हें पूरी तरह तकनीक से मापा नहीं जा सकता। इसलिए मानव अनुभव और AI विश्लेषण के बीच संतुलन जरूरी होगा।
MPCA का यह कदम भारतीय क्रिकेट प्रशासन में तकनीक के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह AI आधारित प्रणाली कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या यह खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया को वास्तव में अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बना पाती है।
कुल मिलाकर, इंदौर से शुरू हुई यह पहल क्रिकेट में तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के बढ़ते उपयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में खेल प्रशासन की दिशा बदल सकता है।





