
Sports स्पोर्ट्स: क्रिकेट की दुनिया में तेजी से उभरते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा योगदान रहा है। छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव की कहानी केवल खेल प्रतिभा की नहीं, बल्कि परिवार के संघर्ष और समर्पण की भी मिसाल है।
Vaibhav Suryavanshi आज भले ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हों, लेकिन उनके शुरुआती दिनों में उनके परिवार ने कई कठिनाइयों का सामना किया। खासकर उनकी मां आरती सूर्यवंशी ने उनके सपनों को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वैभव के बचपन के कोच मनीष ओझा ने उनके शुरुआती क्रिकेट सफर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वैभव की प्रतिभा को निखारने में उनकी मां का योगदान सबसे अहम रहा। उन्होंने न केवल अपने बेटे को प्रोत्साहित किया, बल्कि हर कठिन परिस्थिति में उनके साथ खड़ी रहीं।
VIDEO | Vaibhav Sooryavanshi's childhood coach, Manish Ojha, revealed how the young boy's mother, Aarti, would prepare lunch for 10-15 people before the father-son duo left for Patna at around 5 am.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 14, 2026
"His mother used to get up at 2 am or 2.30 am and would prepare lunch. Not just… pic.twitter.com/BJh87bHGJ1
कोच के अनुसार, वैभव की मां आरती सूर्यवंशी ने अपने बेटे के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह के त्याग किए। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वैभव को प्रशिक्षण और अवसरों की कमी न हो। उनका यह समर्पण ही आज की सफलता की नींव बना।
वैभव अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हैं और यह स्वीकार करते हैं कि उनकी मेहनत और समर्थन के बिना यह सफर संभव नहीं था। उनके अनुसार, उनकी मां ने हर दिन कठिन परिश्रम कर यह सुनिश्चित किया कि उनके सपने अधूरे न रह जाएं।
गांव के साधारण माहौल से निकलकर राष्ट्रीय और वैश्विक क्रिकेट मंच तक पहुंचना वैभव के लिए आसान नहीं था। इस दौरान कई बार संसाधनों की कमी और कठिनाइयों ने उनके रास्ते में बाधाएं खड़ी कीं, लेकिन परिवार के समर्थन ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी जैसी कहानियां खेल जगत में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। यह दर्शाती हैं कि प्रतिभा के साथ-साथ परिवार का समर्थन और त्याग भी सफलता के लिए बेहद जरूरी होता है।
आज वैभव सूर्यवंशी युवा क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं और उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से किसी भी सपने को पूरा किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, वैभव की सफलता केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक मां के संघर्ष, प्रेम और समर्पण की कहानी है, जो हर किसी को प्रेरित करती है।





