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Asian Games में मीराबाई का दम भारत को मिला 11वां पदक
एची-नागोया: एशियन गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में मीराबाई ने कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। इसी के साथ मीराबाई ने अपने करियर का पहला एशियन गेम्स पदक भी जीत लिया। मीराबाई चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया। कुल 198 किलोग्राम के प्रदर्शन के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।
मीराबाई चानू के लिए यह पदक बेहद खास है, क्योंकि इससे पहले एशियन गेम्स का पदक उनके शानदार करियर में शामिल नहीं था। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में नौवां स्थान हासिल किया था। चोट के कारण वह 2018 के एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। इसके बाद हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में वह पदक के बेहद करीब पहुंची थीं, लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। अब एची-नागोया में उन्होंने सिल्वर जीतकर लंबे इंतजार को खत्म कर दिया।
मीराबाई की इस उपलब्धि ने भारतीय वेटलिफ्टिंग के लंबे इंतजार को भी समाप्त किया। भारत को एशियन गेम्स की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 28 साल बाद पदक मिला है। इससे पहले 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में पदक जीता था।
मीराबाई चानू पहले ही ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था और 2017 की वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। अब एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल उनके अंतरराष्ट्रीय पदकों की सूची में जुड़ गया है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान जारी है और विभिन्न खेलों में भारतीय खिलाड़ी पदकों के लिए मैदान में उतर रहे हैं। मीराबाई चानू के सिल्वर मेडल ने भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूती दी है।
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