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श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा उलटफेर, धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी टेस्ट कप्तानी

Ashish verma
8 Oct 2026 1:49 PM IST
श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा उलटफेर, धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी टेस्ट कप्तानी
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नई दिल्ली। श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव सामने आया है। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर और टेस्ट कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने अचानक कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की। 35 वर्षीय धनंजय ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उनके इस फैसले ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। हालांकि, धनंजय ने कप्तानी छोड़ने के पीछे की वजह भी स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि श्रीलंका की टेस्ट टीम का नेतृत्व अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को सौंपा जाए। महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है और वह आगे भी श्रीलंका के लिए बतौर खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे। फिलहाल श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने नए टेस्ट कप्तान के नाम की घोषणा नहीं की है।
धनंजय डी सिल्वा ने अचानक क्यों छोड़ी कप्तानी?
धनंजय डी सिल्वा ने श्रीलंका क्रिकेट की राष्ट्रीय चयन समिति को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए।
धनंजय ने अपने पत्र में कहा कि वह वास्तव में मानते हैं कि कप्तानी की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। उनके इस बयान से साफ है कि वह टेस्ट टीम में नए नेतृत्व के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं।
हालांकि, उन्होंने कप्तानी छोड़ने के लिए किसी व्यक्तिगत विवाद या अन्य कारण का उल्लेख नहीं किया है। बोर्ड ने भी उनके इस्तीफे के संबंध में किसी विवाद की जानकारी नहीं दी है।
धनंजय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब श्रीलंका क्रिकेट टीम भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने में जुटी है।
जनवरी 2024 में मिली थी टेस्ट टीम की कमान
धनंजय डी सिल्वा को जनवरी 2024 में श्रीलंका टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। उन्होंने दिमुथ करुणारत्ने के बाद टीम की कमान संभाली थी।कप्तानी संभालने के बाद धनंजय के सामने टीम को बेहतर प्रदर्शन की दिशा में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी थी। उनके नेतृत्व में
श्रीलंका
ने कई महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबले खेले।
उन्होंने घरेलू और विदेशी परिस्थितियों में टीम की कप्तानी की। उनके कार्यकाल के दौरान श्रीलंका ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सफलता भी हासिल की।
हालांकि, कुछ मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद धनंजय ने बतौर कप्तान बल्लेबाजी और गेंदबाजी से योगदान दिया।
18 टेस्ट मैचों में की कप्तानी, सात में मिली जीत
धनंजय डी सिल्वा ने अपने कार्यकाल में श्रीलंका की टीम का कुल 18 टेस्ट मैचों में नेतृत्व किया।इन मुकाबलों में श्रीलंका को सात मैचों में जीत मिली, जबकि आठ मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा तीन मुकाबले ड्रॉ रहे।कप्तान के रूप में उनका बल्लेबाजी रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय रहा। उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में 36.45 की औसत से 1,130 रन बनाए। इसके अलावा गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट भी हासिल किए।
धनंजय अपनी उपयोगी बल्लेबाजी के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए भी जाने जाते हैं। टीम में उनकी भूमिका केवल कप्तानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने जरूरत पड़ने पर बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया।
बांग्लादेश के खिलाफ खेली थीं यादगार पारियां
धनंजय डी सिल्वा के कप्तानी कार्यकाल में बांग्लादेश के खिलाफ उनका प्रदर्शन विशेष रूप से यादगार रहा।मार्च 2024 में सिलहट टेस्ट के दौरान उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाए थे। उनके इस प्रदर्शन की मदद से श्रीलंका ने बांग्लादेश को 328 रनों के बड़े अंतर से हराया था।इस मुकाबले में धनंजय ने कप्तान के रूप में अपनी बल्लेबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
इसके अलावा उनके नेतृत्व में श्रीलंका ने बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू और विदेशी टेस्ट सीरीज में सफलताएं हासिल कीं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी टीम का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहा।
भारत के खिलाफ हालिया सीरीज में मिली थी हार
धनंजय डी सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंका ने अगस्त 2026 में भारत के खिलाफ दो मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज खेली थी।इस सीरीज में श्रीलंका को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने पहला मुकाबला जीता, जबकि कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा।
दूसरे मुकाबले में श्रीलंका के बल्लेबाजों ने संघर्ष करते हुए हार टालने में सफलता हासिल की थी। हालांकि, सीरीज भारत के नाम रही।इस हार के बाद श्रीलंका के टेस्ट प्रदर्शन पर चर्चा हुई थी। हालांकि, धनंजय ने अपने इस्तीफे के आधिकारिक पत्र में भारत के खिलाफ मिली हार को कप्तानी छोड़ने की वजह नहीं बताया है।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने फैसले का किया सम्मान
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने धनंजय डी सिल्वा के फैसले को स्वीकार करते हुए कप्तान के रूप में उनके योगदान के लिए आभार जताया है।बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एश्ले डी सिल्वा ने कहा कि श्रीलंका क्रिकेट उनके शेष अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए शुभकामनाएं देता है और टेस्ट टीम को दिए गए नेतृत्व के लिए उनका धन्यवाद करता है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि धनंजय आगे भी राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।इसका मतलब है कि वह टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज और ऑलराउंडर के रूप में अपना योगदान जारी रख सकते हैं।
अब कौन बनेगा श्रीलंका का नया टेस्ट कप्तान?
धनंजय डी सिल्वा के इस्तीफे के बाद श्रीलंका टेस्ट टीम की कप्तानी का पद खाली हो गया है।अब राष्ट्रीय चयन समिति के सामने नए कप्तान का चयन करने की जिम्मेदारी है। टीम को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होगी, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव रखने के साथ युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी कर सके।
हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक किसी खिलाड़ी को आधिकारिक तौर पर नया टेस्ट कप्तान नियुक्त नहीं किया है।अगले कप्तान के चयन से जुड़ा अंतिम फैसला बोर्ड की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में संभावित नामों को फिलहाल नियुक्ति की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
कप्तानी छोड़ी, लेकिन क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे
धनंजय डी सिल्वा के फैसले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है।उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह आगे भी श्रीलंका के लिए खेलने को तैयार हैं। ऐसे में टीम को उनके अनुभव का लाभ मिलता रहेगा।
कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद धनंजय बतौर खिलाड़ी अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। हालांकि, भविष्य में उनका प्रदर्शन और टीम में चयन उनके खेल तथा चयन समिति के फैसलों पर निर्भर करेगा।
श्रीलंका क्रिकेट के लिए अब यह नेतृत्व परिवर्तन का महत्वपूर्ण अवसर है। धनंजय के लगभग तीन साल के कप्तानी कार्यकाल के बाद टीम को नया नेतृत्व मिलेगा।अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड किस खिलाड़ी को टेस्ट टीम की कमान सौंपता है और नए कप्तान के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है।
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