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श्रेयस अय्यर की कप्तानी के मुरीद हुए लक्ष्मण, बताया 'प्लेयर्स कैप्टन'
Tara Tandi
6 Oct 2026 4:03 PM IST

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नई दिल्ली: एशियाई खेलों में भारत के हेड कोच VVS लक्ष्मण ने कप्तान श्रेयस अय्यर की जमकर तारीफ़ की है। उन्होंने अय्यर को 'खिलाड़ियों का कप्तान' कहा, क्योंकि भारत ने एशियाई खेलों में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा।
शनिवार को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हुए रोमांचक फ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों का क्रिकेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों में 61 रन और तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाकर टीम का स्कोर 211/6 तक पहुँचाया।
पाकिस्तान ने हसन नवाज़ की 51 गेंदों में 96 रनों की पारी के दम पर ज़बरदस्त वापसी की कोशिश की, लेकिन भारत के ऑलराउंडरों और स्पिनरों ने संयम बनाए रखा और उन्हें 192/6 पर रोक दिया। शिवम दुबे ने आख़िरी गेंद पर नवाज़ को आउट करके गोल्ड मेडल पक्का कर दिया।
इस टूर्नामेंट पर बात करते हुए, लक्ष्मण इस बात से काफ़ी प्रभावित थे कि अय्यर ने कप्तान के तौर पर अपनी पहली बड़ी ज़िम्मेदारी को कैसे संभाला। उन्होंने अय्यर की तैयारी, रणनीतिक समझ और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की क्षमता की तारीफ़ की।
BCCI के एक वीडियो में लक्ष्मण ने कहा, "यह उनके कप्तानी करियर की बस शुरुआत है, लेकिन मुझे यकीन है कि उन्हें बहुत सफलता मिलेगी। वह खिलाड़ियों के कप्तान हैं। वह सभी को बहुत सहज महसूस कराते हैं और मिसाल बनकर नेतृत्व करते हैं, चाहे बल्लेबाज़ी हो या फ़ील्डिंग।"
उन्होंने आगे कहा, "टीम मीटिंग से पहले ही वह विरोधी टीम की ताक़त और कमज़ोरियों के साथ अपनी योजनाएँ तैयार कर लेते हैं। वह तैयारी को लेकर बहुत बारीकी से काम करते हैं और फ़िटनेस पर बहुत ज़ोर देते हैं।"
लक्ष्मण ने अय्यर की रणनीतिक समझ पर भी ज़ोर दिया, ख़ासकर तेज़ी से खेले जाने वाले T20 फ़ॉर्मेट में विरोधियों को समझने और उनसे आगे रहने की उनकी क्षमता पर।
उन्होंने कहा, "मुझे यकीन है कि कप्तान के तौर पर उनका करियर बहुत सफल रहेगा। वह खिलाड़ियों के शानदार लीडर हैं, रणनीतिक रूप से बहुत स्मार्ट और तेज़-तर्रार हैं। वह अपनी टीम के हर खिलाड़ी की ताक़त को समझते हैं और जानते हैं कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे करवाना है।" उन्होंने कहा, "खासकर T20 में, मुझे लगता है कि आपको विरोधी टीम से एक या दो कदम आगे रहना होता है। जिस तरह से वह विरोधी टीम की खूबियों और कमियों को समझते हैं, उससे उनकी तैयारी बहुत अच्छी हो जाती है। और यह ऐसी बात है जिससे मैं बहुत खुश हूँ।"
लक्ष्मण ने कहा कि इस कैंपेन में भारत की अलग-अलग स्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता (अडैप्टेबिलिटी) सबसे अच्छी बातों में से एक रही, खासकर तब जब टीम को जापान पहुँचने के बाद खराब मौसम, यात्रा और प्रैक्टिस के सीमित मौकों जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, "जापान पहुँचने के समय से ही हमें मौसम, यात्रा और अच्छे प्रैक्टिस सेशन व तैयारी की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन मुझे एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि टीम या स्क्वाड का कोई भी खिलाड़ी बड़े मैचों के लिए तैयार होने को लेकर उत्साहित नहीं था।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगा कि वे सभी अच्छी तरह से तैयार थे, भले ही हम इनडोर थे। सभी ने अपने फिटनेस सेशन किए, और जब भी हमें वेन्यू पर जाकर प्रैक्टिस करने का मौका मिला, हमने वह किया। तो, कुल मिलाकर, मैं नतीजों से बहुत खुश हूँ।"
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि अलग-अलग खेल स्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने में टीम की फ्लेक्सिबिलिटी उनकी सफलता का एक और बड़ा कारण थी।
"और एक बात जिस पर मुझे सच में गर्व है, वह है उनकी अडैप्टेबिलिटी। क्योंकि मुश्किल हालात या परिस्थितियों के बावजूद, दोनों मैचों में उन्होंने जिस तरह से खेला, उसमें वे कभी भी फ्लेक्सिबल होने से पीछे नहीं हटे।" उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि सेमी-फ़ाइनल मुश्किल पिच पर खेले गए थे, लेकिन उन्होंने पॉज़िटिव सोच दिखाई। फ़ाइनल में भी, बल्ले और गेंद दोनों से, मुझे लगा कि उन्होंने बहुत प्रोफ़ेशनल खेल दिखाया।"
लक्ष्मण ने आयोजकों की भी तारीफ़ की कि उन्होंने भारी बारिश और मुश्किल मौसम के बावजूद नॉकआउट मैच करवाए।
उन्होंने कहा, "जिस तरह की बारिश हमने वेन्यू पर पहुँचने के समय से देखी, उसके बावजूद क्रिकेट के दो अच्छे दिन देखने को मिले। इससे पता चलता है कि आयोजकों ने इस टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए बहुत मेहनत की और बिना थके काम किया।"
लक्ष्मण का मानना है कि एशियाई खेलों में भारत की सफलता भारतीय क्रिकेट की गहराई को भी दिखाती है, क्योंकि टीम के पाथवे प्रोग्राम लगातार ऐसे खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं जो इंटरनेशनल लेवल पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, "सिलेक्शन कमिटी, टीम मैनेजमेंट, सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस और सबसे बढ़कर BCCI की सामूहिक कोशिशों से हमें अलग-अलग कैंप और पाथवे व डेवलपमेंट प्रोग्राम करने का मौका मिला, जहाँ हम भारतीय क्रिकेट के भविष्य को निखार सकते हैं। अगर बेंच स्ट्रेंथ मज़बूत होगी, तो इससे हमारी नेशनल टीम की गहराई और बढ़ेगी।"
लक्ष्मण ने आगे कहा कि अलग-अलग फ़ॉर्मेट और उम्र के ग्रुप में भारत के प्रदर्शन और महिला टीम की सफलता से पता चलता है कि देश मज़बूत स्थिति में है।
उन्होंने कहा, "हमारे पास बहुत सारे टैलेंटेड खिलाड़ी हैं जो न सिर्फ़ अभी, बल्कि आने वाले 5-10 सालों में भी देश का नाम रोशन करेंगे। हम उन्हें कैसे गाइड करते हैं, कैसे तैयार करते हैं और उनसे कैसे बेस्ट परफ़ॉर्मेंस निकलवाते हैं, यह हमारे हाथ में है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत अच्छी बात है। मुझे लगता है कि हमारे पास जो गहराई है, उससे हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं। बहुत कम देश ऐसी स्थिति में हैं।"
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