
नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में सफर बुधवार को समाप्त हो गया। 14वीं वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी को दुनिया के 92वें नंबर के खिलाड़ी गैरेट टैन के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चले इस मुकाबले में लक्ष्य सेन को हर अंक के लिए संघर्ष करना पड़ा और आखिरकार वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
गैरेट टैन ने लक्ष्य सेन को 73 मिनट तक चले मुकाबले में 21-19, 19-21, 21-17 से हराया। इस जीत के साथ टैन ने न केवल अगले दौर में जगह बनाई, बल्कि घरेलू खिलाड़ी लक्ष्य सेन की चुनौती भी समाप्त कर दी। लक्ष्य के बाहर होने के बाद अब इस टूर्नामेंट में भारत का कोई भी पुरुष एकल खिलाड़ी नहीं बचा है।
मुकाबले की शुरुआत से ही गैरेट टैन ने आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने लक्ष्य को लगातार लंबी रैलियों में उलझाए रखा और आसान अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया। लक्ष्य सेन को हर पॉइंट के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। टैन की तेज गति और सटीक शॉट्स के सामने भारतीय खिलाड़ी कई बार दबाव में नजर आए।
पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। लक्ष्य ने कई मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन टैन ने महत्वपूर्ण समय पर बढ़त बनाए रखी और पहला गेम 21-19 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में लक्ष्य सेन ने शानदार वापसी की। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए आक्रामक खेल अपनाया और टैन पर दबाव बनाया। भारतीय खिलाड़ी ने धैर्य के साथ लंबी रैलियों का सामना किया और दूसरा गेम 21-19 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। लक्ष्य ने कई बेहतरीन शॉट लगाए, लेकिन गैरेट टैन ने लगातार दबाव बनाए रखा। अहम पलों में टैन ने बेहतर प्रदर्शन किया और तीसरा गेम 21-17 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
लक्ष्य सेन की हार भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका रही। लक्ष्य से इस टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के खिलाफ हार मिली जिसने पूरे मैच में लगातार दबाव बनाए रखा।
हालांकि, लक्ष्य सेन के बाहर होने के बावजूद भारत के लिए टूर्नामेंट का तीसरा दिन सकारात्मक रहा। युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी और स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
आयुष शेट्टी ने इससे पहले पहले दौर में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शी युकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे दौर के मुकाबले में श्रीलंका के दुनिया के 87वें नंबर के खिलाड़ी डुमिंडु अबेविक्रमा को आसानी से मात दी।
21 साल के आयुष ने शानदार नियंत्रण और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए अबेविक्रमा को सीधे गेम में 21-8, 21-10 से हराया। पूरे मुकाबले में आयुष का दबदबा देखने को मिला और उन्होंने विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
वहीं, महिला एकल वर्ग में पीवी सिंधु ने भी शानदार प्रदर्शन किया। पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी सिंधु ने कनाडा की दुनिया की 49वें नंबर की खिलाड़ी वेन यू झांग को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
सिंधु ने मुकाबले में शुरुआत से ही अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने सटीक शॉट्स और बेहतर कोर्ट कवरेज के दम पर कनाडाई खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा। सिंधु ने यह मुकाबला 21-16, 21-17 से जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
भारतीय बैडमिंटन के लिए जहां लक्ष्य सेन की हार निराशाजनक रही, वहीं आयुष शेट्टी और पीवी सिंधु की जीत ने उम्मीदें कायम रखी हैं। आयुष का प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने लगातार दो मुकाबलों में बेहतर खेल दिखाकर अपनी प्रतिभा साबित की है।
बैडमिंटन विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन से भारतीय बैडमिंटन का भविष्य मजबूत दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुरुष एकल वर्ग में लक्ष्य सेन की हार के बाद अब भारत की उम्मीदें अन्य वर्गों के खिलाड़ियों पर टिकी हैं।
आने वाले मुकाबलों में आयुष शेट्टी और पीवी सिंधु से भारतीय प्रशंसकों को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों खिलाड़ी अब टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।





