
Bengaluru बेंगलुरु : स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के व्यापक अपग्रेडेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एसोसिएशन ने दुनिया भर की लगभग 30 आर्किटेक्चर और डिजाइन फर्मों से प्राप्त ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) की समीक्षा के बाद तीन प्रमुख आर्किटेक्ट्स को शॉर्टलिस्ट किया है।
KSCA का यह कदम स्टेडियम के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी को सुनिश्चित किया जा सके। इस परियोजना को एसोसिएशन के आगामी योजनाओं और विज़न डॉक्यूमेंट में भी प्रमुख स्थान दिया गया है।
KSCA के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम का अपग्रेडेशन केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को और मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा एसोसिएशन के चुनाव से पहले प्रस्तुत किए गए उनके मैनिफेस्टो का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
उन्होंने स्टेडियम की मौजूदा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह लगभग 50 साल पुराना ढांचा है, जिसकी वर्तमान बैठने की क्षमता करीब 32,000 है। हालांकि, सदस्यों और अन्य पास आवंटन के बाद आम दर्शकों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या लगभग 25,000 रह जाती है, जो बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए काफी कम है।
वेंकटेश प्रसाद ने यह भी बताया कि स्टेडियम की डिजाइन में कई संरचनात्मक पिलर मौजूद हैं, जो दर्शकों के दृश्य को बाधित करते हैं और मैच देखने के अनुभव को प्रभावित करते हैं। इसी कारण आधुनिक डिजाइन और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, KSCA स्टेडियम की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 55,000 करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे न केवल अधिक दर्शकों को मैच देखने का अवसर मिलेगा, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी भी संभव हो सकेगी।
एसोसिएशन का मानना है कि अपग्रेडेशन के बाद स्टेडियम में बेहतर सुविधाएं, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और दर्शकों के लिए उन्नत विज़िबिलिटी सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों और आयोजनकर्ताओं के लिए भी यह एक अधिक सुविधाजनक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेन्यू बन जाएगा।
KSCA ने कहा है कि शॉर्टलिस्ट किए गए आर्किटेक्ट्स के साथ आगे की चर्चा और डिजाइन प्रस्तावों पर काम किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम चयन और परियोजना की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।
कुल मिलाकर, चिन्नास्वामी स्टेडियम का यह प्रस्तावित अपग्रेडेशन न केवल कर्नाटक क्रिकेट के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि इसे भारत में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





