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केएल राहुल का धमाका 10 हजार रन के साथ जड़ा शतक

Ratna Netam
3 Oct 2026 8:13 PM IST
केएल राहुल का धमाका 10 हजार रन के साथ जड़ा शतक
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राहुल ने हासिल किया बड़ा मुकाम
नई चंडीगढ़। भारतीय टीम के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक जड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। राहुल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले 15वें भारतीय खिलाड़ी बन गए। राहुल ने इस खास मौके को यादगार बनाते हुए 87 गेंदों में नाबाद 129 रन की जबरदस्त पारी खेली और भारत को शुरुआती झटकों से उबारकर 351 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। कप्तान शुभमन गिल सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि विराट कोहली अपना खाता भी नहीं खोल सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में आ गई थी। इसके बाद रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभाला और महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
राहुल ने खेली करियर की सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी
केएल राहुल ने क्रीज पर उतरने के बाद शुरुआत में परिस्थितियों को समझा और फिर धीरे-धीरे आक्रामक बल्लेबाजी शुरू की। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके वनडे करियर का नौवां शतक रहा।शतक पूरा करने के बाद राहुल और ज्यादा आक्रामक नजर आए। उन्होंने 87 गेंदों में नाबाद 129 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 148 से ज्यादा रहा। इस पारी के साथ राहुल ने वनडे क्रिकेट में अपना सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बनाया।राहुल की पारी की खासियत यह रही कि उन्होंने जरूरत के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बदली। शुरुआत में विकेट बचाने पर ध्यान दिया और अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाकर भारतीय स्कोर को 350 के पार पहुंचाया।
10 हजार इंटरनेशनल रन पूरे
अपनी इस शानदार पारी के दौरान केएल राहुल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के 15वें बल्लेबाज बने।राहुल इस मुकाबले से पहले इस मुकाम के बेहद करीब थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ जरूरी रन बनाते ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में जगह बना ली, जिन्होंने तीनों प्रारूपों को मिलाकर 10 हजार या उससे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं।राहुल के करियर में टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल तीनों प्रारूपों में महत्वपूर्ण पारियां शामिल रही हैं। उन्होंने सलामी बल्लेबाज से लेकर मध्यक्रम तक अलग-अलग भूमिकाओं में भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी की है।
रोहित शर्मा ने खेली 92 रन की पारी
भारत की खराब शुरुआत के बाद रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 137 रन की अहम साझेदारी की।रोहित ने 92 रन की शानदार पारी खेली और शतक के करीब पहुंचकर आउट हुए। उनकी पारी ने शुरुआती दो झटकों के बाद भारत को मुकाबले में वापस लाने में बड़ी भूमिका निभाई।ऋतुराज गायकवाड़ ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 57 रन बनाए। रोहित और ऋतुराज की अर्धशतकीय पारियों के कारण भारतीय टीम शुरुआती दबाव से बाहर निकलने में सफल रही।इसके बाद केएल राहुल ने मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।
शुरुआती झटकों से शानदार वापसी
भारतीय पारी की शुरुआत को देखते हुए एक समय बड़ा स्कोर मुश्किल नजर आ रहा था। शुभमन गिल और विराट कोहली के जल्दी आउट होने से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने दबाव बना दिया था।लेकिन रोहित और ऋतुराज ने विकेट गिरने का सिलसिला रोका। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए कमजोर गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया। उनकी साझेदारी ने भारत की पारी के लिए मजबूत आधार तैयार किया।इसके बाद राहुल ने जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। मध्य और अंतिम ओवरों में उन्होंने तेजी से रन बनाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया।
वनडे में राहुल का नौवां शतक
वेस्टइंडीज के खिलाफ यह केएल राहुल के वनडे करियर का नौवां शतक है। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए राहुल ने एक बार फिर दिखाया कि वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी में बदलाव कर सकते हैं।शुरुआती विकेट गिरने की स्थिति में उन्होंने पहले पारी को स्थिर किया और बाद में आक्रामक अंदाज अपनाया। अंतिम ओवरों में उनकी तेज बल्लेबाजी ने भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।राहुल की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें एक तरफ शतक आया तो दूसरी तरफ 10 हजार अंतरराष्ट्रीय रन का बड़ा रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो गया।
351 रन तक पहुंचा भारत
केएल राहुल की नाबाद 129 रन की पारी, रोहित शर्मा के 92 और ऋतुराज गायकवाड़ के 57 रन की मदद से भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन बनाए। इस तरह वेस्टइंडीज को मुकाबला जीतने के लिए 352 रन का विशाल लक्ष्य मिला।शुरुआती दो विकेट जल्दी गंवाने के बाद 350 से ज्यादा का स्कोर खड़ा करना भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत वापसी को दर्शाता है। इसमें राहुल की पारी सबसे महत्वपूर्ण रही।उन्होंने अंतिम ओवरों तक क्रीज पर टिके रहकर रन गति को लगातार बढ़ाया और नाबाद वापस लौटे।
तीनों फॉर्मेट में निभाई अलग-अलग भूमिका
केएल राहुल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने लंबे समय तक सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई, जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्हें ओपनिंग से लेकर मध्यक्रम तक बल्लेबाजी करने का मौका मिला है।वनडे क्रिकेट में मध्यक्रम में उतरने के बाद राहुल ने कई मौकों पर पारी को संभालने की भूमिका निभाई है। विकेटकीपर के तौर पर भी उन्होंने टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराया है।उनकी बल्लेबाजी की खासियत तकनीक के साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता रही है।
यादगार बन गया तीसरा वनडे
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे केएल राहुल के अंतरराष्ट्रीय करियर के यादगार मुकाबलों में शामिल हो गया। एक ही मैच में उन्होंने 10 हजार इंटरनेशनल रन का आंकड़ा पार किया, नौवां वनडे शतक लगाया और अपने वनडे करियर का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया।भारतीय टीम के शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद राहुल ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी की। रोहित शर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ की मजबूत साझेदारी से मिली नींव को राहुल ने बड़े स्कोर में बदला।नाबाद 129 रन की इस पारी के साथ राहुल ने एक बार फिर भारतीय मध्यक्रम में अपनी उपयोगिता दिखाई। 10 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने की उपलब्धि ने इस शतकीय पारी को और खास बना दिया। अब उनका नाम भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांच अंकों के रन का आंकड़ा पार किया है।
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