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भारत को दिलाया शूटिंग में गोल्ड
नई दिल्ली: एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को स्वर्ण पदक दिलाया। जापान में आयोजित एशियाई खेलों की मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में दोनों खिलाड़ियों ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि नया एशियाई रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद कमलजीत ने बताया कि फाइनल में उतरते समय उन्हें पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन स्वर्ण पदक के साथ रिकॉर्ड बनने की उम्मीद नहीं थी।
25 सितंबर को आयोजित मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की टीम 478.0 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया को 6.6 अंकों के अंतर से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। कमलजीत ने जीत के बाद कहा कि फाइनल के दौरान उनका ध्यान दबाव लेने के बजाय अपने प्रदर्शन का आनंद उठाने पर था। उन्होंने बताया कि जब दोनों खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे, तब उन्हें भरोसा था कि वे पदक जरूर जीतेंगे। हालांकि पदक का रंग स्वर्ण होगा और साथ में रिकॉर्ड भी बनेगा, इसका पहले से अंदाजा नहीं था।
कमलजीत ने कहा कि मुकाबले के दौरान नहीं था अतिरिक्त दबाव
स्वर्ण पदक जीतने के बाद कमलजीत ने अपनी मानसिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फाइनल में पहुंचने के बाद वह और सुरुचि सकारात्मक सोच के साथ मुकाबले में उतरे थे। दोनों के बीच पदक जीतने को लेकर बातचीत भी हुई थी।
कमलजीत के अनुसार, उन्होंने खुद पर किसी भी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं बनाया। उनका उद्देश्य अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करना था। उन्होंने इस जीत को सात वर्षों की मेहनत का परिणाम बताया। कमलजीत ने कहा कि पदक जीतने के बाद भी उनकी पहचान एक खिलाड़ी की ही रहेगी। उनके लिए यह सफलता मेहनत और लगातार अभ्यास का नतीजा है।
फाइनल में भारतीय जोड़ी ने बनाया नया रिकॉर्ड
मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में कमलजीत और सुरुचि ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी। दोनों खिलाड़ियों ने सटीक निशाने लगाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा। भारतीय जोड़ी का अंतिम स्कोर 484.6 अंक रहा। इस प्रदर्शन से उन्होंने उज्बेकिस्तान के 481.3 अंकों के पिछले एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने अंतिम चरण में चुनौती देने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त कायम रखी।
इस जीत के साथ कमलजीत और सुरुचि ने एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
आखिरी समय में बदली गई थी भारतीय जोड़ी
इस स्वर्ण पदक की एक खास बात यह भी रही कि कमलजीत को शुरुआत में सुरुचि का जोड़ीदार नहीं बनाया गया था। पहले सुरुचि के साथ केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे का नाम तय किया गया था। हालांकि व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वालिफिकेशन मुकाबलों के बाद भारतीय निशानेबाजी संघ ने टीम संयोजन बदलने का फैसला लिया। पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में कमलजीत ने 580 अंक हासिल किए थे और वह नौवें स्थान पर रहे थे। वह महज एक अंक से फाइनल में पहुंचने से चूक गए थे।
इसके बाद कमलजीत को मिश्रित टीम स्पर्धा में सुरुचि के साथ उतारने का निर्णय लिया गया। यह बदलाव भारत के लिए बेहद सफल साबित हुआ। दोनों खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन में 587 अंक हासिल कर फाइनल में जगह बनाई और इसके बाद स्वर्ण पदक जीत लिया।
व्यक्तिगत स्पर्धा में निराशा के बाद शानदार वापसी
कमलजीत और सुरुचि के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि इससे पहले दोनों को व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशा हाथ लगी थी। कमलजीत पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन में नौवें स्थान पर रहे थे, जबकि सुरुचि महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में 26वें स्थान पर रही थीं। दोनों ही खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत मुकाबलों के फाइनल में जगह नहीं बना सके थे। इसके बावजूद मिश्रित टीम स्पर्धा में दोनों ने शानदार वापसी की। उन्होंने पिछले परिणामों को पीछे छोड़कर नए मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
भारत को निशानेबाजी में मिला पहला स्वर्ण
कमलजीत और सुरुचि की इस उपलब्धि ने एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजी का स्वर्ण पदक का इंतजार समाप्त किया। यह प्रतियोगिता में निशानेबाजी का भारत का पहला स्वर्ण पदक था। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम स्वर्ण पदक जीत चुकी थी। इस प्रकार निशानेबाजी में मिली सफलता के साथ भारत के खाते में दूसरा स्वर्ण पदक जुड़ा। कमलजीत ने उम्मीद जताई कि भारतीय निशानेबाजी टीम आगे भी बेहतर प्रदर्शन करेगी और देश को अधिक स्वर्ण पदक दिलाएगी। उन्होंने भारतीय निशानेबाजों की क्षमता पर विश्वास जताते हुए कहा कि यह सफलता शुरुआत है।
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