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मल्हनी (जौनपुर): घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के युवा बल्लेबाज आदर्श सिंह ने शानदार पारी खेलकर ध्यान खींचा है। मूल रूप से जौनपुर से संबंध रखने वाले आदर्श ने कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के अंडर-23 मुकाबले में आंध्र प्रदेश के खिलाफ 184 रन बनाए। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेली गई उनकी इस पारी ने उत्तर प्रदेश की बड़ी जीत की नींव रखी। मेजबान टीम ने मुकाबला एक पारी और 63 रन से अपने नाम किया।
सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे आदर्श ने 261 गेंदों का सामना किया। उन्होंने 17 चौके और पांच छक्के लगाए। हालांकि, वह दोहरा शतक पूरा नहीं कर सके और इस उपलब्धि से 16 रन दूर रह गए। इसके बावजूद उनकी पारी मैच के प्रमुख प्रदर्शनों में शामिल रही। बल्ले से आदर्श और गेंद से प्रशांत वीर ने उत्तर प्रदेश की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लंबी पारी में दिखाई धैर्य और आक्रामकता
आदर्श की बल्लेबाजी में बड़े शॉट खेलने की क्षमता के साथ विकेट पर टिकने का गुण भी दिखाई दिया। उन्होंने अपनी पारी में चौकों से 68 और छक्कों से 30 रन जुटाए। यानी कुल 98 रन बाउंड्री से आए। बाकी रन उन्होंने दौड़कर बनाए। यह हिसाब उनकी पारी में अलग-अलग तरीके से रन जुटाने की झलक देता है।
261 गेंदों पर 184 रन बनाने का अर्थ है कि उन्होंने लगभग 70.50 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। बहुदिवसीय मुकाबले में इतनी लंबी पारी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिहाज से अहम होती है। सलामी बल्लेबाज के रूप में उनका योगदान इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि शुरुआती साझेदारी ने बाद के बल्लेबाजों के लिए आधार तैयार किया।
पहले विकेट के लिए जोड़े 207 रन
आदर्श और काव्य तेवतिया ने पहले विकेट के लिए 207 रन की साझेदारी की। काव्य ने 174 गेंदों में 57 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक छक्का शामिल था। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने उत्तर प्रदेश को ऐसी शुरुआत दी, जिसके सहारे टीम पहली पारी में बढ़त की ओर बढ़ सकी।
एक छोर पर आदर्श बड़ी पारी की तरफ बढ़ रहे थे, जबकि दूसरे छोर से काव्य ने साथ निभाया। इस साझेदारी का महत्व बाद के घटनाक्रम से भी समझा जा सकता है। पहला विकेट गिरने के बाद उत्तर प्रदेश ने जल्दी कुछ और विकेट गंवाए, लेकिन शुरुआती मजबूत आधार के कारण टीम मुकाबले में आगे बनी रही।
मध्यक्रम के झटकों के बीच उपयोगी योगदान
काव्य के आउट होने के बाद मानव सिंधु केवल एक रन बना सके और कप्तान समीर रिजवी खाता नहीं खोल पाए। इसके बाद आदर्श और मोहम्मद अमान ने 58 रन जोड़े। आदर्श के आउट होने के समय उत्तर प्रदेश का स्कोर चार विकेट पर 269 रन था। अमान ने 25 रन का योगदान दिया।
इसके बाद प्रशांत वीर ने 101 गेंदों पर 51 रन बनाकर टीम को संभाला। उत्तर प्रदेश की पहली पारी 380 रन पर समाप्त हुई। आंध्र प्रदेश की ओर से गव्वाला मल्लिकार्जुन ने 80 रन देकर छह विकेट लिए। सिद्धू कार्तिक रेड्डी को दो विकेट मिले, जबकि अन्य दो गेंदबाजों ने एक-एक विकेट हासिल किया।
पहली पारी की बढ़त बनी जीत का आधार
आंध्र प्रदेश की पहली पारी 181 रन पर सिमटी थी। उत्तर प्रदेश ने 380 रन बनाकर 199 रन की बढ़त हासिल की। आदर्श के अकेले 184 रन प्रतिद्वंद्वी टीम की पूरी पहली पारी से तीन रन अधिक रहे। इससे उनकी बल्लेबाजी के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दूसरी पारी में आंध्र की टीम 136 रन ही बना सकी। प्रशांत वीर ने सात विकेट लेकर उसकी बल्लेबाजी को बड़ा नुकसान पहुंचाया। उत्तर प्रदेश ने तीसरे दिन ही पारी और 63 रन से जीत दर्ज कर ली। इस तरह बल्लेबाजों से मिली बढ़त को गेंदबाजों ने निर्णायक परिणाम में बदल दिया।
जौनपुर से जुड़ी जड़ें, कानपुर में निखरा खेल
आदर्श का परिवार मूल रूप से जौनपुर से संबंध रखता है। उनके पिता नरेंद्र कुमार सिंह किसान और मां मंजूलता सिंह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रही हैं। उनके क्रिकेट सफर से जुड़ी पुरानी जानकारी के अनुसार, परिवार ने कानपुर में रहते हुए उनके खेल को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। आदर्श भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं।
इस पृष्ठभूमि के कारण उनकी उपलब्धि जौनपुर और कानपुर, दोनों से जुड़े क्रिकेटप्रेमियों के लिए महत्व रखती है। हालांकि, उनके गांव में जश्न, सम्मान समारोह या परिवार की नई प्रतिक्रिया का पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। उनकी मौजूदा सफलता का सबसे ठोस आधार मैदान पर बनाया गया स्कोर और टीम की जीत है। 184 रन की यह पारी आदर्श के लिए आगे के मुकाबलों में आत्मविश्वास का आधार बन सकती है। बड़ी पारी के बाद चुनौती उसी प्रदर्शन को लगातार दोहराने की होगी। फिलहाल आंध्र प्रदेश के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी ने उत्तर प्रदेश की जीत में स्पष्ट और महत्वपूर्ण योगदान दर्ज किया है।
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