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जैस्मिन लैंबोरिया ने CWG 2026 में जीता गोल्ड, ब्रॉन्ज को बदला सोने में

Kavita2
1 Aug 2026 4:29 PM IST
जैस्मिन लैंबोरिया ने CWG 2026 में जीता गोल्ड, ब्रॉन्ज को बदला सोने में
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ग्लासगो: भारतीय बॉक्सर जैस्मिन लैंबोरिया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 57 किग्रा बॉक्सिंग कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीत लिया। ग्लासगो में खेले गए फाइनल मुकाबले में जैस्मिन ने नॉर्दर्न आयरलैंड की अनुभवी मुक्केबाज माइकेला वॉल्श को सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले से हराकर भारत को एक और बड़ी सफलता दिलाई।

इस जीत के साथ जैस्मिन ने चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल को गोल्ड में बदल दिया। उन्होंने साबित किया कि लगातार मेहनत, अनुभव और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

जैस्मिन की यह जीत भारतीय बॉक्सिंग अभियान के लिए भी बेहद खास रही। यह भारत का बॉक्सिंग में दूसरा और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल सातवां गोल्ड मेडल बताया जा रहा है।

फाइनल में दिखाया शानदार खेल

फाइनल मुकाबले में जैस्मिन लैंबोरिया शुरू से ही आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी माइकेला वॉल्श के खिलाफ बेहतरीन रणनीति के साथ मुकाबला किया।

जैस्मिन ने अपने तेज फुटवर्क, सटीक पंच और मजबूत डिफेंस का इस्तेमाल करते हुए पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखा। उन्होंने आक्रामकता और संयम का शानदार संतुलन दिखाया।

जजों ने भी भारतीय बॉक्सर के प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से बेहतर माना और उन्हें सर्वसम्मति से विजेता घोषित किया। 5-0 का फैसला जैस्मिन के दबदबे को दर्शाता है।

चार साल में बदली तस्वीर

जैस्मिन लैंबोरिया के लिए यह जीत खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने अपने पिछले कॉमनवेल्थ प्रदर्शन में सुधार किया है। 2022 में बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

हालांकि, इसके बाद पेरिस ओलंपिक्स में उन्हें कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वह वहां अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों पर काम करते हुए वापसी की।

CWG 2026 में उनकी सफलता उनकी मेहनत और निरंतर सुधार का परिणाम है।

कौन हैं जैस्मिन लैंबोरिया?

24 वर्षीय जैस्मिन लैंबोरिया भारत की उभरती हुई महिला बॉक्सिंग प्रतिभाओं में शामिल हैं। वह लंबे समय से बॉक्सिंग से जुड़ी हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

उन्होंने कम उम्र में ही बॉक्सिंग को अपना करियर बनाया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई।

जैस्मिन की खासियत उनकी तकनीकी समझ, रिंग में निर्णय लेने की क्षमता और दबाव के समय शांत रहने की क्षमता है। यही गुण उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं।

मेहनत और वापसी की मिसाल

हर बड़े खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं और जैस्मिन का सफर भी इससे अलग नहीं रहा। कॉमनवेल्थ 2022 में पदक जीतने के बाद उन्होंने ओलंपिक जैसे बड़े मंच का अनुभव हासिल किया।

पेरिस ओलंपिक्स की चुनौती के बाद उन्होंने अपनी तकनीक, फिटनेस और रणनीति पर काम किया। इसका परिणाम ग्लासगो में देखने को मिला, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया।

उनकी वापसी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है कि असफलताओं के बाद भी लगातार मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।

भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि

जैस्मिन लैंबोरिया का गोल्ड मेडल भारतीय बॉक्सिंग के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में महिला बॉक्सिंग में कई शानदार खिलाड़ी तैयार किए हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है।

कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में पदक जीतना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करता है।

भविष्य पर नजर

जैस्मिन लैंबोरिया की यह उपलब्धि उनके करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 57 किग्रा वर्ग में उन्होंने खुद को दुनिया की मजबूत मुक्केबाजों में शामिल साबित किया है।

अब उनकी नजर आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर होगी, जहां वह भारत के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की कोशिश करेंगी।

CWG 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर जैस्मिन ने न सिर्फ अपना सपना पूरा किया, बल्कि यह भी साबित किया कि मेहनत और धैर्य के साथ खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बना सकते हैं।

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