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England हार के बाद ईशान किशन का बड़ा बयान सामने आया

Ratna Netam
5 July 2026 5:40 PM IST
England  हार के बाद ईशान किशन का बड़ा बयान सामने आया
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Sports स्पोर्ट्स : भारतीय टी-20 टीम के स्टार बल्लेबाज Ishan Kishan ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में मिली चार विकेट से हार के बाद टीम के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी एक बल्लेबाज या गेंदबाज के दम पर मैच का परिणाम नहीं बदलता, बल्कि पूरी टीम को सामूहिक रूप से प्रदर्शन करना होता है।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इशान किशन ने कहा कि टीम चयन और संयोजन को लेकर वह संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, टीम ने “परफेक्ट” संयोजन के साथ मैदान में उतरकर कोशिश की, लेकिन हार के बाद सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने पिछले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और अलग-अलग परिस्थितियों में टीम को जीत भी दिलाई है।किशन ने यह भी कहा कि सपाट पिचों पर भी गेंदबाजों ने विकेट निकाले हैं, इसलिए टीम को लेकर किसी बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं दिखती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि टीम को विदेशी परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझने और उसके अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है।

उन्होंने स्वीकार किया कि भारत के बाहर खेलने की चुनौतियां अलग होती हैं और खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार रणनीति अपनानी चाहिए। किशन के अनुसार, हार का कारण किसी एक खिलाड़ी का प्रदर्शन नहीं बल्कि पूरी टीम का सामूहिक प्रयास होता है।मैच के दौरान इशान किशन की बल्लेबाजी धीमी रही। उन्होंने शुरुआती 14 गेंदों में केवल 14 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने आदिल रशीद के खिलाफ लगातार दो चौके लगाकर रन गति बढ़ाने की कोशिश की। हालांकि, शुरुआत में उनकी बल्लेबाजी पर दबाव साफ नजर आया।

अपनी पारी में उन्होंने 22 गेंदों में केवल तीन चौके लगाए और रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। 16वें ओवर में सैम करन ने उन्हें लगातार चार डॉट गेंदें फेंकीं, जिससे दबाव और बढ़ गया। इसके बाद विल जैक्स ने भी उन्हें रोकने में सफलता हासिल की और 18वें ओवर में सैम करन ने उन्हें आउट कर दिया।इशान किशन ने अपनी पारी में कुल छह चौके लगाए, लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। उनकी धीमी शुरुआत और बीच के ओवरों में दबाव झेलने की वजह से टीम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारत के लिए निराशाजनक रहा, लेकिन इशान किशन का बयान टीम को आत्ममंथन और विदेशी परिस्थितियों में सुधार की दिशा में इशारा करता है।

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