
Sports स्पोर्ट्स: ईरान और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के बीच तनाव एक बार फिर सामने आया है। ईरानी फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) के प्रमुख मेहदी ताज ने बयान दिया है कि यदि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम जून में वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए किसी देश में जाती है, तो FIFA को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का किसी भी प्रकार से अपमान न हो, खासकर अमेरिका की ओर से।
मेहदी ताज के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है। उनका कहना है कि खेल मंच पर राजनीतिक और सैन्य संस्थाओं को लेकर सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की टिप्पणी या अपमान स्वीकार्य नहीं होगा।
इस बीच, FFIRI के एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें खुद मेहदी ताज भी शामिल थे, को हाल ही में कनाडा बॉर्डर से वापस भेज दिया गया। यह घटना पिछले सप्ताह की बताई जा रही है, जब प्रतिनिधिमंडल वैंकूवर में आयोजित FIFA कांग्रेस में भाग लेने के लिए पहुंचा था। आरोप है कि इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
ताज ने हालांकि कहा कि उनका देश लौटने का फैसला व्यक्तिगत था, लेकिन कनाडा सरकार के एक मंत्री ने बाद में संसद में स्पष्ट किया कि FFIRI अध्यक्ष का वीजा उनके यात्रा के दौरान ही रद्द कर दिया गया था। इसके पीछे कारण उनके कथित IRGC से संबंध बताए गए हैं।
गौरतलब है कि कनाडा ने 2024 में IRGC को एक “आतंकवादी इकाई” (terrorist entity) के रूप में सूचीबद्ध किया था। अमेरिका पहले ही इस संगठन को इसी श्रेणी में रख चुका है। IRGC ईरान की एक प्रभावशाली सैन्य इकाई है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के राजनीतिक और धार्मिक ढांचे की सुरक्षा करना माना जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने खेल और राजनीति के बीच बढ़ते तनाव को एक बार फिर उजागर किया है। FIFA और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं पर अब यह दबाव बढ़ सकता है कि वे ऐसे विवादों को कैसे संभालते हैं, खासकर जब वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजन करीब हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राजनीतिक विवादों का असर खिलाड़ियों और खेल आयोजनों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल FIFA की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर, ईरानी फुटबॉल फेडरेशन और कनाडा के बीच यह विवाद अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई कूटनीतिक और राजनीतिक जटिलताओं को जन्म दे रहा है।





