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IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, KSCA ने BCCI से स्पष्टता मांगी

Kavita2
7 May 2026 4:24 PM IST
IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, KSCA ने BCCI से स्पष्टता मांगी
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बेंगलुरु : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के IPL 2026 फाइनल को बेंगलुरु से हटाकर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कराने के फैसले के बाद कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। IPL की परंपरा के अनुसार फाइनल मैच का आयोजन बेंगलुरु स्थित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना था, लेकिन अब यह मुकाबला 31 मई को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

BCCI द्वारा हाल ही में घोषित IPL 2026 प्लेऑफ और फाइनल वेन्यू में बदलाव के बाद से ही इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। खासकर इसलिए क्योंकि मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) होने के बावजूद बेंगलुरु से फाइनल मैच हटाए जाने पर कई सवाल उठ रहे हैं।

BCCI ने अपने आधिकारिक बयान में केवल इतना कहा था कि यह निर्णय “कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक कारणों” तथा “स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की आवश्यकताओं” के चलते लिया गया है। हालांकि, बोर्ड ने किसी भी प्रकार की सुरक्षा या अन्य विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया, जिससे इस निर्णय को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी रही।

इसी बीच यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय प्रशासनिक अनुमतियों या अन्य तकनीकी कारणों की वजह से यह बदलाव किया गया है। लेकिन BCCI की ओर से इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

अब इस मामले पर KSCA ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। KSCA के प्रवक्ता विनय मृत्युंजय ने कहा कि संघ को वेन्यू बदलाव को लेकर BCCI की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि KSCA ने इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर BCCI से स्पष्ट जानकारी मांगी है।

KSCA का कहना है कि वेन्यू बदलने से न केवल राज्य की क्रिकेट प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है, बल्कि स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों की भावनाएं भी इससे जुड़ी होती हैं। बेंगलुरु में फाइनल न होने से दर्शकों और आयोजकों दोनों के बीच निराशा देखी जा रही है।

IPL 2026 के इस बड़े फैसले ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को एक बार फिर बड़े मुकाबले की मेजबानी मिली है, वहीं दूसरी ओर बेंगलुरु के क्रिकेट प्रशंसक इस निर्णय से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या BCCI जल्द ही इस फैसले के पीछे की असली वजह को सार्वजनिक करेगा या मामला ऐसे ही अनसुलझा बना रहेगा।

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