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वर्ल्डस्किल्स 2026 में भारत का कमाल पीएम मोदी ने टीम इंडिया से की मुलाकात

Ratna Netam
9 Oct 2026 8:18 PM IST
वर्ल्डस्किल्स 2026 में भारत का कमाल पीएम मोदी ने टीम इंडिया से की मुलाकात
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने टीम इंडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। भारतीय प्रतिभागियों ने वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने, नई तकनीकों को सीखने और प्रतियोगिता के दौरान हासिल किए गए अनुभवों को साझा किया।शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने 10वां स्थान हासिल किया। टीम इंडिया ने प्रतियोगिता में छह रजत पदक और 20 'मेडल फॉर एक्सीलेंस' प्राप्त किए। इस तरह भारतीय प्रतिभागियों ने कुल 26 पदक और उत्कृष्टता सम्मान हासिल किए।प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान प्रतिभागियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने अपने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। प्रतियोगिता के दौरान उन्हें विभिन्न तकनीकी प्रणालियों, आधुनिक उपकरणों और काम करने के नए तरीकों को समझने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री आवास पर टीम इंडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में शामिल भारतीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान बातचीत का मुख्य विषय प्रतियोगिता के अनुभव, तकनीकी कौशल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय युवाओं की भागीदारी रहा।प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वैश्विक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार की तकनीकों और कार्य प्रणालियों के बारे में जानने का अवसर मिला।वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।भारतीय प्रतिनिधियों ने इसी संदर्भ में अपने अनुभवों के बारे में चर्चा की। उन्होंने प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व व्यक्त किया।
भारत ने हासिल किया 10वां स्थान
शंघाई 2026 में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने 10वां स्थान हासिल किया।प्रतियोगिता में टीम इंडिया को छह सिल्वर मेडल मिले। इसके अलावा 20 प्रतिभागियों को 'मेडल फॉर एक्सीलेंस' प्रदान किए गए।मेडल फॉर एक्सीलेंस उन प्रतिभागियों को दिया जाने वाला सम्मान है, जो अपने कौशल क्षेत्र में निर्धारित उच्च प्रदर्शन मानकों को पूरा करते हैं।भारत के प्रदर्शन में रजत पदकों के साथ उत्कृष्टता सम्मान भी शामिल रहे। यह उपलब्धि प्रतियोगिता में शामिल भारतीय प्रतिभागियों के तकनीकी कौशल और प्रदर्शन को दर्शाती है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पदक जीतने वाले सभी प्रतिभागियों के नाम और उनकी संबंधित कौशल श्रेणियों का विवरण नहीं दिया गया है।
नई तकनीकों और सॉफ्टवेयर का मिला अनुभव
प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में प्रतिभागियों ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान उन्हें नए उपकरणों, सॉफ्टवेयर, तकनीकी प्रणालियों और कार्य प्रक्रियाओं को अपनाना पड़ा।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने से उन्हें अलग-अलग देशों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों और काम करने के तरीकों को समझने का अवसर मिला।प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने और पहले से मौजूद क्षमताओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।उन्होंने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार अपने कौशल विकसित करने की सलाह दी। साथ ही प्रतियोगिता से मिले अनुभवों और सुझावों के माध्यम से देश की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम मोदी बोले- डिग्री जितना ही महत्वपूर्ण है व्यावहारिक कौशल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रतिभागियों को वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बधाई दी।उन्होंने कहा कि व्यावहारिक कौशल का महत्व शैक्षणिक डिग्री जितना ही है। प्रधानमंत्री ने कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इन संस्थानों का महत्व आईआईटी और आईआईएम से कम नहीं है।मोदी ने प्रतिभागियों से कौशल विकास के दूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों के समन्वित प्रयासों से भारत को कुशल मानव संसाधन का वैश्विक केंद्र बनाया जा सकता है।प्रधानमंत्री ने कौशल विकास के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने के उद्देश्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने अनुभव और सुझाव सरकार के साथ साझा करने को कहा, ताकि प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
70 भारतीय प्रतिभागियों ने 63 कौशल श्रेणियों में लिया हिस्सा
चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था।इसमें 70 भारतीय प्रतिभागियों ने 63 कौशल श्रेणियों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में लगभग 70 देशों और क्षेत्रों से 1,400 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हुए।भारतीय दल ने उन्नत प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रचनात्मक उद्योगों और विशेष सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इस बार भारत ने 11 नई और उभरती कौशल श्रेणियों में भी पहली बार भागीदारी की। इनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसी श्रेणियां शामिल थीं।
इन छह भारतीय प्रतिभागियों ने जीते रजत पदक
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत के छह प्रतिभागियों ने अलग-अलग कौशल श्रेणियों में सिल्वर मेडल हासिल किए।बेकरी श्रेणी में स्मृति नांबियार, डेंटल प्रोस्थेटिक्स में मोहम्मद सलाम और डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन में कोविद अजय गंगराडे ने रजत पदक जीते।इसके अलावा इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में पार्थ वोहरा, लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग में मेहरुनिसा बेगम और रिटेल सेल्स में सानिया जोशी ने रजत पदक हासिल किए।बेकरी श्रेणी की रजत पदक विजेता स्मृति नांबियार को भारत के लिए 'बेस्ट ऑफ नेशन' सम्मान भी मिला।भारत ने इसके अतिरिक्त 20 उत्कृष्टता पदक हासिल किए। ये सम्मान विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक कौशल श्रेणियों में उच्च स्तर का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को दिए गए।
पिछले मुकाबले से बेहतर रहा भारत का प्रदर्शन
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत ने पिछली प्रतियोगिता की तुलना में अपनी रैंकिंग में सुधार किया।फ्रांस के ल्योन में वर्ष 2024 में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत 13वें स्थान पर रहा था। उस समय भारतीय प्रतिभागियों ने चार कांस्य पदक और 12 उत्कृष्टता पदक जीते थे।शंघाई 2026 में भारत ने 10वां स्थान हासिल किया। इस बार छह रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक प्राप्त हुए।इस प्रकार भारत ने पिछली प्रतियोगिता की तुलना में तीन स्थान की बढ़त दर्ज की।
कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी भी रहे मौजूद
प्रधानमंत्री के साथ टीम इंडिया के प्रतिनिधियों की बातचीत के दौरान केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का उपयोग भारत की प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में करने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के साथ युवाओं को लगातार सीखते रहना चाहिए। इसके साथ ही देश में कौशल विकास से जुड़े संस्थानों, सरकार और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया।शुक्रवार को हुई इस मुलाकात में भारतीय प्रतिभागियों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के कौशल प्रशिक्षण और नई तकनीकों को अपनाने पर विशेष चर्चा हुई।
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