
नागोया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 के उद्घाटन समारोह से ठीक पहले भारतीय दल के पुरुष ध्वजवाहक में बदलाव करना पड़ा है। दो बार के एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता शॉट-पुट खिलाड़ी तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह अनुभवी कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को भारत का पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया है। पवन शनिवार को स्टार निशानेबाज मनु भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।
तूर को पहले मनु भाकर के साथ भारत का ध्वजवाहक चुना गया था। हालांकि उद्घाटन समारोह के लिए जरूरी आधिकारिक सेरेमोनियल किट समय पर उनके पास नहीं पहुंच सकी। इसके कारण तूर ने समारोह में शामिल नहीं होने की जानकारी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को दी। इसके बाद आखिरी समय में पवन सहरावत को उनकी जगह जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया गया। IOA ने इसे ‘तकनीकी समस्या’ से जुड़ा बदलाव बताया है।
भारतीय दल के शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने पुष्टि की कि 30 वर्षीय पवन सहरावत अब तूर की जगह उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। सहरावत भारतीय कबड्डी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे।
तेजिंदरपाल सिंह तूर ने बताया कि उनकी सेरेमोनियल किट शनिवार दोपहर करीब तीन बजे नागोया एयरपोर्ट पहुंचने की जानकारी दी गई थी। एयरपोर्ट से किट हासिल करने और उसके बाद समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पहुंचना उनके लिए मुश्किल था। इसी वजह से उन्होंने IOA को सूचित कर दिया कि वह उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।
तूर ने यह भी बताया कि उनकी सेरेमोनियल किट भारत में ही रह गई थी। दरअसल भारतीय एथलेटिक्स टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास यूनिवर्सिटी ऑफ त्सुकुबा में एक्लाइमेटाइजेशन कैंप में अभ्यास कर रही है। टीम को 21 सितंबर को नागोया पहुंचना है, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं 23 सितंबर से शुरू होनी हैं। इसी कारण एथलेटिक्स दल के खिलाड़ियों के उद्घाटन समारोह में शामिल होने की मूल योजना नहीं थी और उनकी सेरेमोनियल किट भी साथ नहीं लाई गई थी। हालांकि एथलीटों के पास प्रतियोगिता के लिए जरूरी आधिकारिक किट मौजूद है।
स्थिति तब बदली जब तूर को उद्घाटन समारोह के लिए पुरुष ध्वजवाहक चुना गया। उनके मुताबिक उन्हें शुक्रवार को ही इस जिम्मेदारी की जानकारी मिली। तूर ने कहा कि अगर उन्हें पहले सूचना मिल जाती तो उनके कोच, जो उनसे पहले नागोया पहुंचे थे, किट अपने साथ ला सकते थे। देर से जानकारी मिलने के कारण यह व्यवस्था नहीं हो सकी।
इस बदलाव के बाद अब पवन सहरावत और मनु भाकर भारत की ओर से उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगे। मनु भाकर का नाम महिला ध्वजवाहक के तौर पर पहले ही तय किया गया था। पेरिस ओलंपिक 2024 में भाकर ने इतिहास रचते हुए एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
वहीं तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई एथलेटिक्स में भारत के सबसे सफल शॉट-पुट खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह पिछले दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और नागोया में लगातार तीसरा एशियाई खेल स्वर्ण जीतने की कोशिश करेंगे। सेरेमोनियल किट से जुड़ी समस्या के कारण वह केवल उद्घाटन समारोह से बाहर हुए हैं, उनकी प्रतियोगिता में भागीदारी पर इसका असर नहीं बताया गया है।
तूर की जगह चुने गए पवन सहरावत भारतीय कबड्डी टीम के अनुभवी खिलाड़ी हैं। पिछले एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और पवन उस विजेता टीम का हिस्सा थे। ऐसे में भारतीय दल ने आखिरी समय में उपलब्ध अनुभवी खिलाड़ियों में से उन्हें ध्वजवाहक की जिम्मेदारी सौंपी।
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के 158 सदस्यों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। डिप्टी शेफ-डी-मिशन अंजलि भागवत के मुताबिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के खिलाड़ी और अधिकारी समारोह में हिस्सा लेंगे।
भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में कोच, सहयोगी स्टाफ और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी भी दल का हिस्सा हैं। यह संख्या हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत के रिकॉर्ड 661 खिलाड़ियों वाले दल से कम है।
भारत के लिए पिछला एशियाई खेल प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा था। हांगझोऊ 2023 में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 106 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे। एथलेटिक्स ने 29 पदकों के साथ बड़ा योगदान दिया था, जबकि निशानेबाजी में भारत ने 22 पदक हासिल किए थे।
अब नागोया में भारत की नजर पिछले प्रदर्शन को आगे बढ़ाने पर होगी। उद्घाटन समारोह में मनु भाकर के साथ तिरंगा लेकर चलने की जिम्मेदारी पवन सहरावत के पास होगी। दूसरी ओर तेजिंदरपाल सिंह तूर उद्घाटन समारोह में नहीं दिखेंगे और अपनी शॉट-पुट स्पर्धा की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
ध्वजवाहक बदलने की वजह किसी खेल संबंधी या अनुशासनात्मक मामले से नहीं, बल्कि सेरेमोनियल किट समय पर उपलब्ध नहीं होने से जुड़ी लॉजिस्टिक समस्या है। IOA ने भी आधिकारिक तौर पर ‘तकनीकी समस्या’ का हवाला देते हुए तूर के स्थान पर पवन सहरावत को पुरुष ध्वजवाहक बनाए जाने की पुष्टि की है।





