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महिला हॉकी वर्ल्ड कप की तैयारी में भारतीय टीम

Kavita2
26 July 2026 5:30 PM IST
महिला हॉकी वर्ल्ड कप की तैयारी में भारतीय टीम
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नई दिल्ली : टोक्यो ओलंपिक 2021 में भारतीय महिला हॉकी टीम को ऐतिहासिक प्रदर्शन तक पहुंचाने वाले कोच स्योर्ड मारिजने अब आगामी FIH हॉकी महिला वर्ल्ड कप पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मारिजने का मानना है कि भारतीय टीम टूर्नामेंट के लिए सही दिशा में आगे बढ़ रही है और खिलाड़ियों की तैयारियां लगातार मजबूत हो रही हैं।

अगले महीने बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होने वाले FIH हॉकी महिला वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। टीम का मुख्य फोकस फिटनेस स्तर को बेहतर बनाने, मैदान पर टैक्टिकल अनुशासन बनाए रखने और गोल करने के मौकों को सफलतापूर्वक भुनाने की क्षमता बढ़ाने पर है।

भारतीय महिला हॉकी टीम के हेड कोच स्योर्ड मारिजने ने कहा कि खिलाड़ी कठिन ट्रेनिंग कार्यक्रम में शानदार प्रतिक्रिया दे रही हैं। उन्होंने बताया कि टीम धीरे-धीरे वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार कर रही है।

मारिजने ने कहा कि मौजूदा प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि यह कैंप काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन खिलाड़ियों ने इसे सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार किया और अपनी फिटनेस में सुधार के लिए कड़ी मेहनत की।

उन्होंने कहा, "खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और लगातार मेहनत कर रही हैं। अभी हमारा ध्यान फिटनेस पर है, क्योंकि यह कैंप काफी कठिन रहा है। इसके बाद हम जर्मनी जाएंगे, जहां हमारा फोकस टैक्टिक्स, मैच खेलने और अभ्यास मुकाबलों पर होगा। हमारा लक्ष्य है कि वर्ल्ड कप तक टीम पूरी तरह तैयार हो जाए।"

कोच के अनुसार, बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए सिर्फ फिटनेस ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और मैदान पर अनुशासन भी बेहद जरूरी होता है। इसलिए टीम प्रशिक्षण के दौरान खेल की बारीकियों, गेंद पर नियंत्रण, डिफेंस की मजबूती और आक्रमण को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।

टोक्यो ओलंपिक 2021 भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यादगार रहा था। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार ओलंपिक पदक जीतने के बेहद करीब पहुंचकर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई थी। हालांकि, टीम कांस्य पदक से चूक गई, लेकिन उसके प्रदर्शन ने भारतीय महिला हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम से उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब वर्ल्ड कप में टीम के सामने दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमों के खिलाफ खुद को साबित करने की चुनौती होगी। खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को उम्मीद है कि टोक्यो ओलंपिक का अनुभव इस बड़े टूर्नामेंट में टीम के काम आएगा।

मारिजने का मानना है कि टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। खिलाड़ियों की मेहनत और सीखने की इच्छा उन्हें लगातार बेहतर बना रही है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी को समझ रही है और टीम के रूप में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रही है।

वर्ल्ड कप से पहले जर्मनी में होने वाला अभ्यास सत्र भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहां अभ्यास मैचों के जरिए टीम अपनी रणनीतियों को परखेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करेगी।

भारतीय टीम के लिए फिनिशिंग एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा। पिछले कुछ समय में टीम ने कई मुकाबलों में अच्छे मौके बनाए हैं, लेकिन उन्हें गोल में बदलना चुनौती रहा है। कोचिंग स्टाफ अब इस पहलू पर विशेष ध्यान दे रहा है ताकि महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम अधिक प्रभावी साबित हो सके।

इसके अलावा डिफेंस और दबाव की स्थिति में शांत रहकर खेलने की क्षमता भी टीम की तैयारी का हिस्सा है। बड़े टूर्नामेंट में मुकाबले अक्सर करीबी होते हैं और ऐसे समय में खिलाड़ियों का मानसिक संतुलन काफी मायने रखता है।

FIH हॉकी महिला वर्ल्ड कप भारतीय टीम के लिए एक बड़ा अवसर है। टोक्यो ओलंपिक के प्रदर्शन के बाद टीम ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। अब उसकी कोशिश होगी कि वर्ल्ड कप में भी शानदार प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित करे।

स्योर्ड मारिजने और उनकी टीम का लक्ष्य एक ऐसी भारतीय टीम तैयार करना है, जो शारीरिक रूप से मजबूत, रणनीतिक रूप से तैयार और हर चुनौती का सामना करने के लिए आत्मविश्वास से भरी हो। आने वाले हफ्तों की तैयारियां तय करेंगी कि भारतीय महिला हॉकी टीम इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कितना प्रभाव छोड़ पाती है।

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